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वकीलों के धैर्य की परीक्षा न ले प्रशासन
अमर उजाला बस्ती
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:55 PM IST
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प्रदर्शन किया ।
- फोटो : अमर उजाला
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सिविल बार के महामंत्री दयाशंकर दुबे के साथ एक सप्ताह पूर्व हुई मारपीट की घटना के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराजगी बढ़ी है। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दो दिन से न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अब वकीलों के धैर्य की परीक्षा पुलिस प्रशासन न ले।
मंगलवार को सिविल बार के अध्यक्षता के नेतृत्व में सभा हुई। अध्यक्ष हरिश्चंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने खुद आश्वस्त किया था कि विवेचना परिवर्तित की जाएगी तथा जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभियुक्तों को पुलिस का संरक्षण है इसलिए 17 अगस्त की घटना के बाद आजतक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मजबूरन हम लोगों को कार्य बहिष्कार करना पड़ रहा है जो कि गिरफ्तारी होने तक जारी रहेगा। जनपद बार के महामंत्री मारुत शुक्ला और यंग बार एसोसिएशन के महामंत्री शेषनाथ पाठक ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता से ही अभियुक्तों का मनोबल बढ़ रहा है। विवेचक भी संरक्षण दे रहे हैं। जनपद बार के पूर्व महामंत्री रविशरण सिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप से मुकदमा दर्ज हुआ। उनके आश्वासन के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसे में कोई भी अधिवक्ता किसी वादकारी की पैरवी स्वतंत्र रूप से कैसे कर पाएगा। पुलिस प्रशासन अब और धैर्य की परीक्षा न ले। यंग बार के अध्यक्ष भानुप्रताप शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ता के साथ जो घटना हुई वह निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने आंदोलन शुरू किया है अब गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सभा को वदीउज्जमा सिद्धीकी, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, प्रभाकर मिश्र, शैलजा कुमार, शशि प्रकाश शुक्ला, मृत्युंजय कुमार उपाध्याय आदि ने संबोधित किया। इस दौरान दिलीप सिंह, अरबिंद चौधरी, राम चंद्र राजभर, दिलीप मिश्र, दिलशान अहमद, राम कृपाल चौधरी, रवि प्रताप सिंह, रमाशंकर पांडेय, शेष नारायण लाल, उपेंद्र नाथ दुबे, राम रतन पांडेय, राजेंद्र प्रसाद यादव, राजेश कुमार, प्रशांत भारती, पावेंद्र गिरी आदि लोग शामिल रहे।
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मंगलवार को सिविल बार के अध्यक्षता के नेतृत्व में सभा हुई। अध्यक्ष हरिश्चंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने खुद आश्वस्त किया था कि विवेचना परिवर्तित की जाएगी तथा जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभियुक्तों को पुलिस का संरक्षण है इसलिए 17 अगस्त की घटना के बाद आजतक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मजबूरन हम लोगों को कार्य बहिष्कार करना पड़ रहा है जो कि गिरफ्तारी होने तक जारी रहेगा। जनपद बार के महामंत्री मारुत शुक्ला और यंग बार एसोसिएशन के महामंत्री शेषनाथ पाठक ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता से ही अभियुक्तों का मनोबल बढ़ रहा है। विवेचक भी संरक्षण दे रहे हैं। जनपद बार के पूर्व महामंत्री रविशरण सिंह ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप से मुकदमा दर्ज हुआ। उनके आश्वासन के बावजूद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसे में कोई भी अधिवक्ता किसी वादकारी की पैरवी स्वतंत्र रूप से कैसे कर पाएगा। पुलिस प्रशासन अब और धैर्य की परीक्षा न ले। यंग बार के अध्यक्ष भानुप्रताप शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ता के साथ जो घटना हुई वह निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने आंदोलन शुरू किया है अब गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सभा को वदीउज्जमा सिद्धीकी, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, प्रभाकर मिश्र, शैलजा कुमार, शशि प्रकाश शुक्ला, मृत्युंजय कुमार उपाध्याय आदि ने संबोधित किया। इस दौरान दिलीप सिंह, अरबिंद चौधरी, राम चंद्र राजभर, दिलीप मिश्र, दिलशान अहमद, राम कृपाल चौधरी, रवि प्रताप सिंह, रमाशंकर पांडेय, शेष नारायण लाल, उपेंद्र नाथ दुबे, राम रतन पांडेय, राजेंद्र प्रसाद यादव, राजेश कुमार, प्रशांत भारती, पावेंद्र गिरी आदि लोग शामिल रहे।
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