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Basti News: कीर्ति को करतूत पर पछतावा...पति बोले- बेटा खाेया, नहीं चाहिए कार्रवाई

Fri, 15 May 2026 12:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 12:56 AM IST
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Kirti regrets her actions, husband says he lost his son and doesn't want any action.
मृतक प्रभव के घर पर मौजूद बुजुर्ग दादी। संवाद
बस्ती। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के हरदी गांव में छह साल के मासूम बेटे की कत्ल करने वाली मां कीर्ति सिंह का इलाज पुलिस की निगरानी में जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में चल रहा है। बेटे की हत्या के बाद उसने खुद को भी समाप्त करने के लिए अपने गर्दन और हाथ में चाकू से प्रहार कर लिया है।
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इकलौता बेटा खोने की गम में डूबे पति संदीप सिंह घायल पत्नी के इलाज में पूरा साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि हमें कोई कार्रवाई नहीं चाहिए। पति-पत्नी दोनों दुलारे बेटे के खोने के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। घटना के बाद से संदीप का पूरा परिवार टूट गया है। हरदी गांव स्थित घर पर संदीप की बूढ़ी मां सुनैना देवी रिश्तेदारों की देखभाल में है। वह कहती हैं कि बहु ने सुबह चाय बनाकर हम सभी को दिया है। उसके अंतर मन में क्या चल रहा था इसका तनिक भी आभास हम नहीं कर पाए। कुछ ही देर बाद उसने मेरे लाडले नाती को कमरे में बंद कर लिया। अंदर से जोर- जोर से रोने चिल्लाने की आवाज आई तो कमरे की ओर बढ़ी लेकिन, अंदर से दरवाजा बंद था। पड़ोसियों ने इसकी जानकारी बेटे संदीप और पुलिस को दी। दरवाजा तोड़ा गया कमरे का वह दृश्य अभी भी नहीं भूल रहा है। मेरा लाडला प्रभव सिंह (6) खून से लथपथ गिरा पड़ा था। बहु के हाथ भी खून से सने थे और उसके गर्दन और हाथ से रक्तस्राव भी हो रहा है। घायल होने के बाद कुछ समय तक उसके सिर पर खून सवार था। वह काबू में नहीं थी। पुलिस और पड़ोसियों की मदद से उसे पकड़ा गया। इसके आगे हमें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है। तू- तू, मै- मै तो हर घर में होता है। लेकिन इतनी बड़ी घटना नहीं सुनाई देती है।
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वहीं जिला अस्पताल में भर्ती हत्यारोपी मां कीर्ति के साथ उसके पति संदीप मौजूद है। पुलिस भी कीर्ति पर निगरानी रखे हुए हैं। पति संदीप कुछ बोलने को राजी नहीं हो रहे हैं। बात करने पर फफक-फफक कर रो पड़े। संदीप ने कहा कि अब तो उनका बेटा चला ही गया, यदि पत्नी का इलाज नहीं कराएंगे तो वह भी नहीं बचेगी। पिता की मौत के बाद वह स्वयं घर में अकेले हैं। बात आगे बढ़ाए तो कोई फायदा नहीं दिख रहा है।
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पत्नी को भी आवेश में अपने किए पर पछतावा हो रहा है। उसे समझा-बुझाकर गृहस्थी फिर से संजोने की हिम्मत जुटा रहा हूं। उन्होंने कहा कि फिलहाल अभी हमें पत्नी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करनी है। थाने में प्राथमिकी कैसे दर्ज हो गई हमें कुछ पता नहीं है। हमसे केवल बेटे प्रभव के शव के पोस्टमार्टम के लिए ही प्रार्थना पत्र लिखवाया गया था।
पहले भी कलंकित हो चुकी हैं मां : घरेलू कलह के चलते कई मासूम अपनी मां के ही क्रोध का शिकार बन जा रहे हैं। हरदी गांव की ताजा घटना होने के पहले भी कई मां अपनी कोख से पैदा करने वाले बच्चों की हत्या करके कलंकित हो चुकी है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के दयलापुर गांव में वर्ष 2018 में मासूम बच्ची सृष्टि सिंह की उसकी मां सीमा सिंह ने ही गला दबाकर हत्या कर दी थी।

बेटी के शव को सरसों के खेत में छिपाकर वह फरार हो गई। बाद में पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर उसे जेल भिजवाया। पांच साल पहले नगर थाना क्षेत्र के प्रसादपुर गांव में दीपमाला यादव ने अपने एक साल की मासूम बेटी का गला दबाकर हत्या कर वह फरार हो गई। अभी हत्यारोपी मां दीपमाला को पुलिस पकड़ नहीं पाई हैं।
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