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Basti News: तहसील में नहीं बढ़ाए खतौनी काउंटर... लग रही लंबी लाइन
Mon, 15 Jul 2024 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 15 Jul 2024 02:36 AM IST
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सुबह नौ बजे से ही नई खतौनी लेने के लिए पहुंच रहे किसान, नहीं आ रहा नंबर
सर्वर डाउन होने के दौरान ठप हो जा रहा कार्य, निराश होकर लौट जा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सदर तहसील में इन दिनों सत्यापित खतौनी निकालना कठिन हो गया है। जबकि नए सिरे से तैयार रियल टाइम खतौनी के लिए भीड़ जुट रही है। यहां खतौनी जारी करने के लिए एकल खिड़की से काम चलाया जा रहा है। ऑनलाइन काउंटर न बढ़ाने से काश्तकारों को परेशानी हो रही है। ऊपर से सर्वर डाउन रहने की समस्या अलग से है। खतौनी काउंटर के सामने काश्तकारों की लंबी लाइन लग रही है। दोपहर तक कुछ लोगों को सफलता मिल रही है तो कुछ को अगले दिन आने के लिए कह दिया जा रहा है।
रियल टाइम खतौनी में विभिन्न त्रुटियों की छानबीन के अलावा मुकदमा, बैनामा, पैमाइश आदि कार्यों के लिए खतौनी निकालने वालों की संख्या ज्यादा हो गई है। काउंटर खुलने से पहले सुबह नौ बजे से ही लोग लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। डेढ़ घंटे बाद 10:30 बजे खतौनी काउंटर खुल रहा है। इसके बाद भी परेशानी कम नहीं हो रही है। घंटों लाइन में खड़े लोगों का नंबर बाद में आता है। इसके पहले एक दिन पूर्व आए काश्तकारों की खतौनी निकलती है। करीब आधे घंटे के बाद सामने लाइन में खड़े लोगों की बारी आ रही है।
बमुश्किल दो घंटे तक ही खतौनी दी जा रही है। एक बजे के बाद सर्वर न चलने की दुहाई देकर काउंटर बंद कर दिया जा रहा है। इस दो घंटे की अवधि में जिसकी खतौनी निकल गई, उसे ही केवल सुकून मिल पा रहा है। शेष लोग निराश लौट जा रहे हैं। यह तब है जबकि रियल टाइम खतौनी तैयार होने के नाते लोग अपने गाटों में अंश निर्धारण की जानकारी चाह रहे हैं। क्योंकि तमाम गाटों में काश्तकारों का अंश निर्धारण गलत अंकित हो गया है। इसमें संशोधन की प्रक्रिया बगैर सत्यापित खतौनी के शुरू नहीं हो सकती है।
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प्रत्येक गाटे की पृथक खतौनी होने से समस्या
नई रियल टाइम खतौनी प्रत्येक गाटे की अलग-अलग तैयार हुई है। पहले एक खाता संख्या में कई गाटों का विवरण होता था। अब एक खतौनी में एक ही गाटे का विवरण मिलेगा। ऐसे में यदि एक काश्तकार के कई गाटों में हिस्से हैं तो उतने ही गाटों की खतौनी निकलवानी पड़ रही है। इस तरह एक काश्तकार एक से अधिक गाटे की खतौनी निकलवा रहा है। बड़े काश्तकारों को 10 से 20 खतौनी निकाल कर देनी पड़ रही है। इस वजह से समस्या और बढ़ गई है। सदर तहसील के एकल खिड़की से प्रतिदिन 150 से अधिक खतौनी निकल रही है। काउंटर पर काश्तकारों की संख्या भले ही उतनी नहीं है, लेकिन अलग-अलग गाटों की खतौनी होने की वजह से इसकी संख्या बढ़ गई है।
...
कोट
खतौनी काउंटर समय से खोलने के निर्देश दिए गए हैं। काउंटर पर आए लोगों काे बिना भेदभाव के खतौनी निर्गत किया जा रहा है। वैसे खतौनी के लिए कभी-कभी ही भीड़ लगती है।
-विनय प्रभाकर, तहसीलदार, बस्ती सदर
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सर्वर डाउन होने के दौरान ठप हो जा रहा कार्य, निराश होकर लौट जा रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सदर तहसील में इन दिनों सत्यापित खतौनी निकालना कठिन हो गया है। जबकि नए सिरे से तैयार रियल टाइम खतौनी के लिए भीड़ जुट रही है। यहां खतौनी जारी करने के लिए एकल खिड़की से काम चलाया जा रहा है। ऑनलाइन काउंटर न बढ़ाने से काश्तकारों को परेशानी हो रही है। ऊपर से सर्वर डाउन रहने की समस्या अलग से है। खतौनी काउंटर के सामने काश्तकारों की लंबी लाइन लग रही है। दोपहर तक कुछ लोगों को सफलता मिल रही है तो कुछ को अगले दिन आने के लिए कह दिया जा रहा है।
रियल टाइम खतौनी में विभिन्न त्रुटियों की छानबीन के अलावा मुकदमा, बैनामा, पैमाइश आदि कार्यों के लिए खतौनी निकालने वालों की संख्या ज्यादा हो गई है। काउंटर खुलने से पहले सुबह नौ बजे से ही लोग लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। डेढ़ घंटे बाद 10:30 बजे खतौनी काउंटर खुल रहा है। इसके बाद भी परेशानी कम नहीं हो रही है। घंटों लाइन में खड़े लोगों का नंबर बाद में आता है। इसके पहले एक दिन पूर्व आए काश्तकारों की खतौनी निकलती है। करीब आधे घंटे के बाद सामने लाइन में खड़े लोगों की बारी आ रही है।
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बमुश्किल दो घंटे तक ही खतौनी दी जा रही है। एक बजे के बाद सर्वर न चलने की दुहाई देकर काउंटर बंद कर दिया जा रहा है। इस दो घंटे की अवधि में जिसकी खतौनी निकल गई, उसे ही केवल सुकून मिल पा रहा है। शेष लोग निराश लौट जा रहे हैं। यह तब है जबकि रियल टाइम खतौनी तैयार होने के नाते लोग अपने गाटों में अंश निर्धारण की जानकारी चाह रहे हैं। क्योंकि तमाम गाटों में काश्तकारों का अंश निर्धारण गलत अंकित हो गया है। इसमें संशोधन की प्रक्रिया बगैर सत्यापित खतौनी के शुरू नहीं हो सकती है।
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प्रत्येक गाटे की पृथक खतौनी होने से समस्या
नई रियल टाइम खतौनी प्रत्येक गाटे की अलग-अलग तैयार हुई है। पहले एक खाता संख्या में कई गाटों का विवरण होता था। अब एक खतौनी में एक ही गाटे का विवरण मिलेगा। ऐसे में यदि एक काश्तकार के कई गाटों में हिस्से हैं तो उतने ही गाटों की खतौनी निकलवानी पड़ रही है। इस तरह एक काश्तकार एक से अधिक गाटे की खतौनी निकलवा रहा है। बड़े काश्तकारों को 10 से 20 खतौनी निकाल कर देनी पड़ रही है। इस वजह से समस्या और बढ़ गई है। सदर तहसील के एकल खिड़की से प्रतिदिन 150 से अधिक खतौनी निकल रही है। काउंटर पर काश्तकारों की संख्या भले ही उतनी नहीं है, लेकिन अलग-अलग गाटों की खतौनी होने की वजह से इसकी संख्या बढ़ गई है।
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कोट
खतौनी काउंटर समय से खोलने के निर्देश दिए गए हैं। काउंटर पर आए लोगों काे बिना भेदभाव के खतौनी निर्गत किया जा रहा है। वैसे खतौनी के लिए कभी-कभी ही भीड़ लगती है।
-विनय प्रभाकर, तहसीलदार, बस्ती सदर