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Basti News: पूरी रात होता रहा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
Tue, 31 Oct 2023 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:51 AM IST
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शहर की प्रतिमाओं का कुआनो नदी के अमहट घाट पर विसर्जन हुआ
भारी संख्या में पुलिस और पीएसी जवानों की रही तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मां दुर्गा की प्रतिमाओं का पारंपरिक माहौल में कुआनो समेत विभिन्न नदी के घाटों पर सोमवार को विसर्जन किया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों से प्रतिमाओं के झांकियां निकाली गईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाए और माता के जयकारे लगाते रहे। शाम छह से बजे से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। विसर्जन के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। तीन जोन, पांच सेक्टर और 11 सब सेक्टर बनाकर सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्था का तानाबाना बुना गया था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी विसर्जन पर नजर बनाए हुए थे।
शहर में विसर्जन जुलूस के रूट पर दोनों किनारे जगह-जगह मेले लगे, जहां शहरी व गंवई संस्कृति का समागम देखने को मिला। भीड़ को देखते हुए पुलिस कर्मी व्यवस्था बनाए रखने के लिए भागदौड़ करते रहे। पुलिस की पूरी कोशिश रही कि भीड़ में किसी तरह का विवाद न हो। इन सबके बीच आकर्षक ढंग से सजाए गए ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली व डीसीएम से मां दुर्गा की प्रतिमाएं घाट तक ले जाई गईं। पुरानी बस्ती की प्रतिमाएं करुआ बाबा स्थान के पास एकत्र हुईं। वहां से जुलूस की शक्ल में पांडेय बाजार, दक्षिण दरवाजा, पक्का बाजार, गांधीनगर और कंपनी बाग होते अमहट घाट पहुंचीं।
संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में खास इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में बाहरी फोर्स और पीएसी के जवानों की मौजूदगी में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया। पुरानी बस्ती, कोतवाली, वाल्टरगंज और नगर थाना क्षेत्र की कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन भी अमहट घाट पर किया गया।
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ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन नजदीक की नदी में किया गया। अंतिम प्रतिमा के विसर्जित होने तक प्रशासनिक अमला घाट पर डटा रहा। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई थी ताकि विसर्जन में किसी तरह की असुविधा न हो। 10 नाव और एक मोटर बोट लगाई गई थी। घाटों पर आकस्मिक घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम थे। जरूरत के हिसाब से नाव, जल पुलिस, प्रकाश, साफ-सफाई की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा फायर ब्रिगेड, एंटी रायट स्क्वाॅड भी तैनात थे।
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मोबाइल पार्टियों ने रखी नजर
भीड़ को नियंत्रित करने एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के क्रम में दर्जन भर स्थानों पर बैरियर लगाकर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र में शांति व्यवस्था और छेड़खानी और अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने के क्रम में मोबाइल पार्टियां लगाई गई थीं। इनके प्रभारी थानाध्यक्ष या उप निरीक्षक बनाए गए थे। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सादे वेश में उपनिरीक्षक, महिला उपनिरीक्षक, आरक्षी और महिला आरक्षी लगाई गईं थीं।
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मोटरबोट और गोताखोरों की रही व्यवस्था
अमहट घाट पर एक मोटर बोट और कुछ नाव के साथ गोताखोर लगाए गए थे। विसर्जन के दौरान नदी में होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए गोताखोर अलर्ट रहे। मोटरबोट पर भी गोताखोर के साथ पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
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डीएम और एसपी लेते रहे जायजा
प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम को लेकर डीएम अंद्रा वामसी और एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी चौकन्ना रहे। उन्होंने दिन में ही शहर और विसर्जन स्थल का जायजा लेकर मातहतों को जरूरी निर्देश दिए। जब तक विसर्जन कार्य पूरा नहीं हो गया वे पल-पल की खबर लेते रहे।
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भारी संख्या में पुलिस और पीएसी जवानों की रही तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मां दुर्गा की प्रतिमाओं का पारंपरिक माहौल में कुआनो समेत विभिन्न नदी के घाटों पर सोमवार को विसर्जन किया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों से प्रतिमाओं के झांकियां निकाली गईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाए और माता के जयकारे लगाते रहे। शाम छह से बजे से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला पूरी रात चलता रहा। विसर्जन के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। तीन जोन, पांच सेक्टर और 11 सब सेक्टर बनाकर सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्था का तानाबाना बुना गया था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी विसर्जन पर नजर बनाए हुए थे।
शहर में विसर्जन जुलूस के रूट पर दोनों किनारे जगह-जगह मेले लगे, जहां शहरी व गंवई संस्कृति का समागम देखने को मिला। भीड़ को देखते हुए पुलिस कर्मी व्यवस्था बनाए रखने के लिए भागदौड़ करते रहे। पुलिस की पूरी कोशिश रही कि भीड़ में किसी तरह का विवाद न हो। इन सबके बीच आकर्षक ढंग से सजाए गए ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली व डीसीएम से मां दुर्गा की प्रतिमाएं घाट तक ले जाई गईं। पुरानी बस्ती की प्रतिमाएं करुआ बाबा स्थान के पास एकत्र हुईं। वहां से जुलूस की शक्ल में पांडेय बाजार, दक्षिण दरवाजा, पक्का बाजार, गांधीनगर और कंपनी बाग होते अमहट घाट पहुंचीं।
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संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में खास इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में बाहरी फोर्स और पीएसी के जवानों की मौजूदगी में प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया। पुरानी बस्ती, कोतवाली, वाल्टरगंज और नगर थाना क्षेत्र की कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन भी अमहट घाट पर किया गया।
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ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिमाओं का विसर्जन नजदीक की नदी में किया गया। अंतिम प्रतिमा के विसर्जित होने तक प्रशासनिक अमला घाट पर डटा रहा। घाटों पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई थी ताकि विसर्जन में किसी तरह की असुविधा न हो। 10 नाव और एक मोटर बोट लगाई गई थी। घाटों पर आकस्मिक घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम थे। जरूरत के हिसाब से नाव, जल पुलिस, प्रकाश, साफ-सफाई की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा फायर ब्रिगेड, एंटी रायट स्क्वाॅड भी तैनात थे।
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मोबाइल पार्टियों ने रखी नजर
भीड़ को नियंत्रित करने एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के क्रम में दर्जन भर स्थानों पर बैरियर लगाकर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र में शांति व्यवस्था और छेड़खानी और अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने के क्रम में मोबाइल पार्टियां लगाई गई थीं। इनके प्रभारी थानाध्यक्ष या उप निरीक्षक बनाए गए थे। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सादे वेश में उपनिरीक्षक, महिला उपनिरीक्षक, आरक्षी और महिला आरक्षी लगाई गईं थीं।
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मोटरबोट और गोताखोरों की रही व्यवस्था
अमहट घाट पर एक मोटर बोट और कुछ नाव के साथ गोताखोर लगाए गए थे। विसर्जन के दौरान नदी में होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए गोताखोर अलर्ट रहे। मोटरबोट पर भी गोताखोर के साथ पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
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डीएम और एसपी लेते रहे जायजा
प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम को लेकर डीएम अंद्रा वामसी और एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी चौकन्ना रहे। उन्होंने दिन में ही शहर और विसर्जन स्थल का जायजा लेकर मातहतों को जरूरी निर्देश दिए। जब तक विसर्जन कार्य पूरा नहीं हो गया वे पल-पल की खबर लेते रहे।