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Basti News: कोहरे के चलते बढ़ी नमी, पहली बार एक्यूआई पहुंचा 175
Fri, 29 Dec 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 29 Dec 2023 11:54 PM IST
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बस्ती। जिले में घने कोहरे के चलते दिनभर धुंध छाई रही। शुक्रवार को सूरज के दर्शन नहीं हुए। सुबह ओसे की बूंदे गिरने से वातावरण में नमी बढ़ गई है। एक्यूआई ऑरेंज जोन में आ गया है। शुक्रवार को सीजन में पहली बार एक्यूआई 175 दर्ज किया गया। इससे पहले यह दीपावली के एक दिन बाद 165 दर्ज किया गया था। वैज्ञानिक वातावरण में नमी बढ़ने, धुआं व धूल के कण को एक्यूआई बढ़ने का कारण मान रहे हैं। यह मौसम सांस रोगियों के लिए खतरनाक माना जा रहा है।
स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ एवं साफ-सुथरी हवा को बेहतर माना गया है। मगर, इस समय घना कोहरा और नमी के कारण हवा में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ गई है। अब सुबह की सैर सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। स्थिति यह है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स ऑरेंज जोन में पहुंच चुका है। शुक्रवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 175 और शाम पांच बजे 162 दर्ज किया गया।
पर्यावरणविद डॉ. रमाकांत तिवारी के अनुसार, जिले में तीनों चीनी मिलों में गन्ना की पेराई चल रही है। इससे सड़कों पर वाहनों का रेला लगा है। इससे धूल तो उड़ ही रही है साथ गाड़ियों व चीनी मिलों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण फैल रहा है। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह जलाए जा रहे अलाव भी प्रदूषण में सहायक हैं।
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नमी के कारण ऊपर नहीं जा पा रहे प्ल्यूटेंट
शुक्रवार को वातावरण में 92 प्रतिशत तक नहीं नमी रही। नमी बढ़ने के कारण पोल्यूटेंट (प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक) भारी हो जा रहे हैं। यह वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। इससे हवा जहरीली हो रही है। जानकार बताते हैं कि धूल के कण और धुएं से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। यह सांस के रोगियों के लिए खतरनाक है।
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हाईवे पर धूल की मोटी परत
हाईवे पर संसारीपुर, बिजरा, खैरीओझा, गड़हा गौतम फ्लाई ओवर के पास सड़क पर जमी धूल की मोटी परत हवा की गुणवत्ता खराब करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। डॉ. बीएल कन्नौजिया की मानें तो खराब गुणवत्ता की हवा अस्थमा, हृदय और सांस के रोगियों के साथ बुजुर्ग के लिए खतरनाक है।
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स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ एवं साफ-सुथरी हवा को बेहतर माना गया है। मगर, इस समय घना कोहरा और नमी के कारण हवा में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ गई है। अब सुबह की सैर सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। स्थिति यह है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स ऑरेंज जोन में पहुंच चुका है। शुक्रवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 175 और शाम पांच बजे 162 दर्ज किया गया।
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पर्यावरणविद डॉ. रमाकांत तिवारी के अनुसार, जिले में तीनों चीनी मिलों में गन्ना की पेराई चल रही है। इससे सड़कों पर वाहनों का रेला लगा है। इससे धूल तो उड़ ही रही है साथ गाड़ियों व चीनी मिलों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण फैल रहा है। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह जलाए जा रहे अलाव भी प्रदूषण में सहायक हैं।
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नमी के कारण ऊपर नहीं जा पा रहे प्ल्यूटेंट
शुक्रवार को वातावरण में 92 प्रतिशत तक नहीं नमी रही। नमी बढ़ने के कारण पोल्यूटेंट (प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक) भारी हो जा रहे हैं। यह वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। इससे हवा जहरीली हो रही है। जानकार बताते हैं कि धूल के कण और धुएं से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। यह सांस के रोगियों के लिए खतरनाक है।
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हाईवे पर धूल की मोटी परत
हाईवे पर संसारीपुर, बिजरा, खैरीओझा, गड़हा गौतम फ्लाई ओवर के पास सड़क पर जमी धूल की मोटी परत हवा की गुणवत्ता खराब करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। डॉ. बीएल कन्नौजिया की मानें तो खराब गुणवत्ता की हवा अस्थमा, हृदय और सांस के रोगियों के साथ बुजुर्ग के लिए खतरनाक है।