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Basti News: तीखी धूप... डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा
Tue, 28 May 2024 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 28 May 2024 02:45 AM IST
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डिहाइड्रेशन से बचने को पीते रहें चीनी-नमक का घोल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। तापमान में उछाल आने पर डॉक्टरों ने दोपहर 12 से तीन के बीच घर से न निकलने की सलाह दी है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए चीनी-नमक का घोल पीते रहें। जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सीय सलाह लें। गर्मी से हीट वेव के साथ संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि पसीने के साथ शरीर से सोडियम-पोटेशियम भी निकल जाता है। आमतौर पर लोग पानी तो पीते हैं, लेकिन पसीने के साथ शरीर से निकलने वाले पदार्थों पर ध्यान नहीं देते। इसलिए जब पसीना अधिक हो तो ओरल री हाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) जरूरी है। इसे घर में एक गिलास पानी में एक चुटकी नमक और चीनी मिलाकर बना सकते हैं। नींबू पानी और छाछ भी डिहाइड्रेशन से राहत देता है।
मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनिल यादव बताते हैं कि तापमान बढ़ने पर शरीर खुद का तापमान नियंत्रित करने के लिए अधिक मात्रा में पसीना बाहर निकालता है। पसीने में पानी के साथ सोडियम-पोटैशियम भी निकल जाता है। केवल पानी पीने से सोडियम-पोटेशियम की पूर्ति नहीं होगी। इस वजह से शरीर सुस्त हो जाएगा। ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। कई और दिक्कतें भी आती है। हीट स्ट्रोक (लू) की चपेट में आने पर शरीर का तापमान 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। हाईग्रेड फीवर की वजह से भी व्यक्ति को कई प्रकार की दिक्कत होती है। इन सब स्थितियों से बचने के लिए जरूरी है कि ओआरएस का उपयोग करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। तापमान में उछाल आने पर डॉक्टरों ने दोपहर 12 से तीन के बीच घर से न निकलने की सलाह दी है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए चीनी-नमक का घोल पीते रहें। जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सीय सलाह लें। गर्मी से हीट वेव के साथ संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि पसीने के साथ शरीर से सोडियम-पोटेशियम भी निकल जाता है। आमतौर पर लोग पानी तो पीते हैं, लेकिन पसीने के साथ शरीर से निकलने वाले पदार्थों पर ध्यान नहीं देते। इसलिए जब पसीना अधिक हो तो ओरल री हाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) जरूरी है। इसे घर में एक गिलास पानी में एक चुटकी नमक और चीनी मिलाकर बना सकते हैं। नींबू पानी और छाछ भी डिहाइड्रेशन से राहत देता है।
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मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनिल यादव बताते हैं कि तापमान बढ़ने पर शरीर खुद का तापमान नियंत्रित करने के लिए अधिक मात्रा में पसीना बाहर निकालता है। पसीने में पानी के साथ सोडियम-पोटैशियम भी निकल जाता है। केवल पानी पीने से सोडियम-पोटेशियम की पूर्ति नहीं होगी। इस वजह से शरीर सुस्त हो जाएगा। ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। कई और दिक्कतें भी आती है। हीट स्ट्रोक (लू) की चपेट में आने पर शरीर का तापमान 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। हाईग्रेड फीवर की वजह से भी व्यक्ति को कई प्रकार की दिक्कत होती है। इन सब स्थितियों से बचने के लिए जरूरी है कि ओआरएस का उपयोग करें।
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