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बेलघाट पीएचसी पर बदहाल है स्वास्थ्य सेवा

Mon, 20 Dec 2021 11:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 11:54 PM IST
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health service was bad on CHC
बेलघाट पीएचसी पर बदहाल है स्वास्थ्य सेवा
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अस्पताल तक जाने के लिए हैं कच्चे रास्ते, नहीं है शौचालय
सामान्य जांच के लिए निजी या जिला अस्पताल तक जाना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलघाट बदहाल है। अस्पताल पर जाने के लिए सड़क तक की सुविधा नहीं है। बीस हजार की आबादी की स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी उठाने वाले इस अस्पताल पर न तो जांच की कोई सुविधा है और न ही अभी तक शौचालय बना है।
मरीजों के बैठने का कोई इंतजाम भी नहीं है। पीएचसी में जो सुविधाएं मरीजों को मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही है। तीन वर्ष से फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे इस अस्पताल पर दो माह पहले डॉ. प्रेमचंद्रा की तैनाती तो हुई, मगर पीएचसी पर कोई सुविधा न होने से मरीज यहां आना मुनासिब नहीं समझते।
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अस्पताल पर पहुंचने के लिए आज भी लोगों को कच्चे रास्ते से गुजरना मजबूरी है। मरीजों के बैठने के लिए बेंच तक की सुविधा नहीं है। एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है, वह भी काफी पुराना है। इसके चारों ओर गंदगी फैली हुई है। पानी पीने लायक नहीं है। बिजली के लिए कई वर्ष पहले बोर्ड और वायरिंग तो कराए गए। लेकिन, कनेक्शन न होने से बेकार साबित हो रहा है। शाम ढलते ही पूरा अस्पताल परिसर अंधेरे में डूब जाता है। पीएचसी पर शौचालय की सुविधा न होने से सबसे ज्यादा दिक्कत उस समय होती है, जब स्वास्थ्यकर्मियों एवं मरीजों को नित्य क्रिया के लिए जाना पड़ता है।
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परिसर के अंदर कर्मचारियों के लिए आवास बनाए गए, लेकिन मरम्मत के अभाव में इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। मौजूदा समय में अस्पताल पर कुल तीन स्टाफ है। जिसमें चिकित्साधिकारी डॉ. प्रेमचंदा, फार्मासिस्ट राजेश सिंह, वार्ड ब्वाय गुरुदयाल श्रीवास्तव के सहारे ओपीडी चलती है। प्रतिदिन लगभग आठ से दस मरीज अस्पताल पर आते हैं।
परिसर के अंदर राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल भी संचालित हो रहा है। यहां पर होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार, फार्मासिस्ट सुरेंद्र प्रताप पांडेय, स्वीपर मुन्नीलाल तैनात हैं। लेकिन सप्ताह में तीन दिन ही डॉक्टर मौजूद रहते हैं। बाकी तीन दिन मरवटिया अस्पताल पर मरीजों को देखना होता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अधीक्षक डॉ. अमरजीत बरई ने बताया कि अस्पताल पर रास्ता और बाउंड्री के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। डीएम की मीटिंग में प्रस्ताव बना कर दिया जाएगा। रही बात अन्य सुविधाओं की, तो उसके लिए भी धीरे-धीरे व्यवस्था बनाई जा रही है।
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि पीएचसी पर दो माह पहले एक चिकित्साधिकारी की तैनाती कर दी गई है। साथ ही जांच व अन्य सुविधाओं के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। शीघ्र ही सभी पीएचसी को व्यवस्थित कर दिया जाएगा।

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पीएचसी पर गर्भावती महिलाओं के लिए नहीं है कोई सुविधा
बेलघाट बाजार के रमेश यादव, विनय कसौधन,राजेश चौधरी, अरविंद मोदनवाल ने बताया कि पीएचसी पर सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती और महिला मरीजों को होती है। अस्पताल पर जांच की कोई सुविधा व महिला डॉक्टर के साथ स्टाफ नर्स की तैनाती न होने से महिलाओं का इलाज संभव नहीं है। छोटी सी बीमारी व जांच के लिए मजबूर होकर क्षेत्र के लोगों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है या फिर 25 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
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