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झांसी में पोस्टमार्टम के बाद हुआ गोविंद का अंतिम सस्कार

Mon, 19 Jul 2021 10:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 10:06 PM IST
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Govind's funeral took place in Jhansi
झांसी में हुआ गोविंद का अंतिम सस्कार
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बहते पानी में शव मिलने से परिवार के लोग हैरान
रविवार को ललितपुर हाइवे के किनारे मिला था शव
पूना से कप्तानगंज के बैरीखाला लौट रहा था गोविंद
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। पुणे से घर लौट रहे कप्तानगंज थाने के बैरीखाला निवासी 20 वर्षीय गोविंद यादव के शव का सोमवार को झांसी में पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने शव को वहां पहुंचे परिवारवालों के हवाले कर दिया। जिसके बाद परिवार के लोगों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। झांसी के एसएसपी शिवहरि मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आ पाई है। उसके आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
उधर, परिवारवालों का कहना है कि गोविंद को झांसी में ट्रेन बदलना था। उसके साथ कुछ अनहोनी न हुई होती तो वह रेलवे स्टेशन से ललितपुर हाईवे के किनारे कैसे पहुंचता। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के बैरीखाला गांव के रहने वाला गोविंद पुत्र बंगाली यादव एक माह पहले पुणे मजदूरी करने गया था। परिवारवालों का कहना है कि वह 13 जुलाई को घर आने के लिये वहां से निकला था। मगर रविवार सुबह झांसी जिले के रक्सा थानाक्षेत्र के ललितपुर हाइवे पर डोंगरी गांव के पास पानी में बहता हुआ शव मिला। रक्सा थाने की पुलिस ने गोविंद के जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान करके घटना की सूचना कप्तानगंज थाने पर दी। कप्तानगंज पुलिस के जरिए सूचना मिलते ही परिवार के लोग झांसी रवाना हो गए। गोविंद के बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि उसके साथ अनहोनी हुई है। उसकी हत्या करके शव को फेंका गया था। इधर गोविंद के पैतृक गांव बैरीखाला हादसे की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
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एक भाई की मुंबई में हो गई थी मौत
पांच भाइयों में तीसरे नंबर के गोविंद के पिता बंगाली यादव मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं। घर पर गोविंद की माता और बड़े भाई राजकुमार घर पर रहते हैं। दो साल पहले दूसरे नंबर के भाई अरविंद यादव की मुंबई में एक हादसे में मौत हो गई थी। गोविंद के दो छोटे भाई महेश और दिनेश घर पर रहकर पढ़ाई करते हैं। मात्र चार बीघा खेती में किसी तरह का परिवार का गुजारा होता है। पूरा परिवार मेहनत करके ही जीवन यापन करता है। दो जवान बेटे को खोने वाले बंगाली यादव बदहवास हो गए हैं। घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
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