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Basti News: ब्लॉक परिसर के पीछे खेत में पड़ी मिलीं सरकारी दवाइयां
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गौर ब्लॉक परिसर के पीछे खेत फेंकी गई सरकारी दवाइयां। संवाद
गौर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर से सटे ब्लॉक परिसर के पीछे खेत में मंगलवार की शाम भारी मात्रा में सरकारी दवाइयों की खेप फेंकी हुई मिलीं। इसकी सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गई। कुछ देर के बाद सीएचसी के कर्मचारी पहुंचे और तत्काल दवाओं को एकत्र कर उठा ले गए। इसको लेकर आसपास विभागीय लापरवाही की चर्चा खूब हो रही है।
ब्लॉक परिसर में स्थापित बाल विकास परियोजना कार्यालय के बगल खेत में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां फेंकी पाई गईं। मंगलवार को दिन भर यह चर्चा का विषय बना रहा। बगल में स्थित सीएचसी के अधिकारियों, कर्मचारियों को यह सूचना मिली तो हड़कंप मच गई। कर्मचारी बाहर आकर दवा की खेप देखने लगे। इस दौरान आमजन का कहना था कि यह काफी गंभीर मामला है।
सरकार अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था दे रही है। इसी के तहत सरकारी दवाइयों की आपूर्ति कराई जा रही है। लेकिन, इसे मरीजों का न देकर कूड़े में फेंक दिया जा रहा है।
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इस लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह की चर्चा तेज होने पर सीएचसी के कुछ कर्मचारियों ने फेंकी गई दवाइयों को एकत्र कर वहां से उठवा लिया। सीएचसी गौर बगल में होने से लोग इसी अस्पताल की दवा होने की आशंका भी जता रहे हैं। हालांकि सीएचसी के अधिकारी, कर्मचारी उनके अस्पताल की दवाइयां होने से साफ इन्कार करते रहे।
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ब्लॉक परिसर में स्थापित बाल विकास परियोजना कार्यालय के बगल खेत में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां फेंकी पाई गईं। मंगलवार को दिन भर यह चर्चा का विषय बना रहा। बगल में स्थित सीएचसी के अधिकारियों, कर्मचारियों को यह सूचना मिली तो हड़कंप मच गई। कर्मचारी बाहर आकर दवा की खेप देखने लगे। इस दौरान आमजन का कहना था कि यह काफी गंभीर मामला है।
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सरकार अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था दे रही है। इसी के तहत सरकारी दवाइयों की आपूर्ति कराई जा रही है। लेकिन, इसे मरीजों का न देकर कूड़े में फेंक दिया जा रहा है।
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इस लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह की चर्चा तेज होने पर सीएचसी के कुछ कर्मचारियों ने फेंकी गई दवाइयों को एकत्र कर वहां से उठवा लिया। सीएचसी गौर बगल में होने से लोग इसी अस्पताल की दवा होने की आशंका भी जता रहे हैं। हालांकि सीएचसी के अधिकारी, कर्मचारी उनके अस्पताल की दवाइयां होने से साफ इन्कार करते रहे।