{"_id":"6696e78262f044621e075ffc","slug":"gandhinagars-33-kv-line-has-become-dilapidated-is-no-longer-able-to-handle-the-load-of-overload-basti-news-c-207-1-sgkp1004-120575-2024-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: जर्जर हो चुकी गांधीनगर की 33 केवी लाइन, अब नहीं संभाल पा रही ओवरलोड का भार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: जर्जर हो चुकी गांधीनगर की 33 केवी लाइन, अब नहीं संभाल पा रही ओवरलोड का भार
Wed, 17 Jul 2024 03:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 17 Jul 2024 03:04 AM IST
विज्ञापन
- शहर के पाॅश इलाकों को उपकेंद्र से की जाती है आपूर्ति
- तीन साल पहले नई लाइन बनाने की शुरु हुई थी पहल, अब तक धरातल पर नहीं उतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गांधीनगर विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन आए दिन ओवरलोड के कारण फाल्ट हो रहा है। 60 साल से अधिक पुरानी लाइटें होने के कारण यह जगह-जगह जर्जर हो गया है। करीब तीन साल पहले नई लाइन बनाने का काम शुरू किया गया था। लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया। इस बारे में अधिकारी कुछ भी बता पाने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं।
शहर के पाॅश इलाकों को गांधीनगर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। इस उपकेंद्र को गिदही स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन से 33 केवी लाइन के जरिए बिजली मिलती है। यह लाइन अब जर्जर हो चुकी है। इसे लगभग कंडम स्थिति में चलाया जा रहा है। स्थिति यह है कि जैसे ही बिजली की खपत बढ़ती है लाइन फाल्ट हो जाती है। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ रहा है।
पिछले 10 दिनों में लाइन छह बार फाल्ट हो चुकी है। ऐसे में उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बनाए रखने में कर्मियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गांधीनगर उपकेंद्र पर 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं का भार है। इससे शहर के लगभग सभी प्रशासनिक विभाग, सिविल लाइंस, आवास विकास, गांधीनगर क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, तीन साल पहले गांधीनगर उपकेंद्र की नई 33 केवी लाइन बनाने का काम शुरु हुआ तो तत्कालीन अधिशासी अभियंता संतोष कुमार ने गुणवत्ताविहीन निर्माण बताकर काम बंद करा दिया था। इसके बाद इस लाइन को दोबारा बनाने का कोई प्रयास जमीन पर उतरता हुआ नहीं दिखाई दिया।
यह मेरे कार्यकाल का मामला नहीं है। विभाग में माध्यमिक कार्य खंड द्वारा 33 केवी लाइन बनाई जाती है। यदि ऐसे है तो अधिकारियों से जानकारी लेकर दोबारा लाइन निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय
विज्ञापन
- तीन साल पहले नई लाइन बनाने की शुरु हुई थी पहल, अब तक धरातल पर नहीं उतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गांधीनगर विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन आए दिन ओवरलोड के कारण फाल्ट हो रहा है। 60 साल से अधिक पुरानी लाइटें होने के कारण यह जगह-जगह जर्जर हो गया है। करीब तीन साल पहले नई लाइन बनाने का काम शुरू किया गया था। लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया। इस बारे में अधिकारी कुछ भी बता पाने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं।
शहर के पाॅश इलाकों को गांधीनगर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। इस उपकेंद्र को गिदही स्थित 220 केवी ट्रांसमिशन से 33 केवी लाइन के जरिए बिजली मिलती है। यह लाइन अब जर्जर हो चुकी है। इसे लगभग कंडम स्थिति में चलाया जा रहा है। स्थिति यह है कि जैसे ही बिजली की खपत बढ़ती है लाइन फाल्ट हो जाती है। इससे उपभोक्ताओं को भी परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पिछले 10 दिनों में लाइन छह बार फाल्ट हो चुकी है। ऐसे में उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति बनाए रखने में कर्मियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गांधीनगर उपकेंद्र पर 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं का भार है। इससे शहर के लगभग सभी प्रशासनिक विभाग, सिविल लाइंस, आवास विकास, गांधीनगर क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, तीन साल पहले गांधीनगर उपकेंद्र की नई 33 केवी लाइन बनाने का काम शुरु हुआ तो तत्कालीन अधिशासी अभियंता संतोष कुमार ने गुणवत्ताविहीन निर्माण बताकर काम बंद करा दिया था। इसके बाद इस लाइन को दोबारा बनाने का कोई प्रयास जमीन पर उतरता हुआ नहीं दिखाई दिया।
यह मेरे कार्यकाल का मामला नहीं है। विभाग में माध्यमिक कार्य खंड द्वारा 33 केवी लाइन बनाई जाती है। यदि ऐसे है तो अधिकारियों से जानकारी लेकर दोबारा लाइन निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।
- मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय