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Basti News: साढ़े चार करोड़ का एफएसटीपी तैयार, बस इंवर्टर का इंतजार
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एफएसटीपी तैयार, इन्वर्टर का इंतजार
बस्ती। शौचालय की गंदगी के निस्तारण के लिए कुआनो तट पर स्थापित जनपद का पहला एफएसटीपी (फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) बनकर तैयार है। साढ़े चार करोड़ की परियोजना को अब इन्वर्टर का इंतजार है। संयंत्र के स्थापित होने के बाद शौचालयों की गंदगी को फिल्टर कर खाद बनाई जाएगी। खाद का प्रयोग किसान खेतों में करेंगे। वहीं, पानी से फसलों की सिंचाई की जाएगी।
अभी तक नगर पालिका के बहुत पुराने संसाधनों के जरिए निजी व सार्वजनिक शौचालयों से गंदगी निकाल कर शहर से दूर वीरान जगहों व नदियोें के किनारे निस्तारित किया जाता है। इससे जहां वायु प्रदूषण फैलता है, वहीं बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
नगर पालिका प्रशासन ने जल निगम के जरिए साल 2018 में एफएसटीपी यानी मल-कीचड़ उपचार संयंत्र स्थापित करने के लिए 4 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जमीन नहीं मिलने की वजह से खास प्रगति नहीं हो पाई थी। जब जमीन मिली तो 2020 में कुआनो नदी के किनारे अमहट घाट के पास इसका निर्माण शुरू किया गया।
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इसी बीच कोरोना वायर के कारण लॉकडाउन और बरसात आ जाने से नदी में उफान आ गया, जिससे फाउंडेशन निर्माण में बाधा आ गई और संयंत्र आकर रखा था। जब नदी का पानी घटा तो कार्य पूरा कर लिया गया। अब संयंत्र तैयार हो गया है। सिर्फ सोलर पैनल का इन्वर्टर लगना बाकी है। इन्वर्टर आते ही जिले को पहले एफएसटीपी की सौगात मिल जाएगी।
---
एफएसटीपी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सोलर पैनल का इन्वर्टर नहीं आया है। जिम्मेदार कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जैसे ही पैनल आ जाएगा, प्लांट को एक्टीवेट कर दिया जाएगा।
- रेहान फारूकी, अधिशासी अभियंता, जल निगम, नगरीय खंड बस्ती
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बस्ती। शौचालय की गंदगी के निस्तारण के लिए कुआनो तट पर स्थापित जनपद का पहला एफएसटीपी (फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) बनकर तैयार है। साढ़े चार करोड़ की परियोजना को अब इन्वर्टर का इंतजार है। संयंत्र के स्थापित होने के बाद शौचालयों की गंदगी को फिल्टर कर खाद बनाई जाएगी। खाद का प्रयोग किसान खेतों में करेंगे। वहीं, पानी से फसलों की सिंचाई की जाएगी।
अभी तक नगर पालिका के बहुत पुराने संसाधनों के जरिए निजी व सार्वजनिक शौचालयों से गंदगी निकाल कर शहर से दूर वीरान जगहों व नदियोें के किनारे निस्तारित किया जाता है। इससे जहां वायु प्रदूषण फैलता है, वहीं बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
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नगर पालिका प्रशासन ने जल निगम के जरिए साल 2018 में एफएसटीपी यानी मल-कीचड़ उपचार संयंत्र स्थापित करने के लिए 4 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जमीन नहीं मिलने की वजह से खास प्रगति नहीं हो पाई थी। जब जमीन मिली तो 2020 में कुआनो नदी के किनारे अमहट घाट के पास इसका निर्माण शुरू किया गया।
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इसी बीच कोरोना वायर के कारण लॉकडाउन और बरसात आ जाने से नदी में उफान आ गया, जिससे फाउंडेशन निर्माण में बाधा आ गई और संयंत्र आकर रखा था। जब नदी का पानी घटा तो कार्य पूरा कर लिया गया। अब संयंत्र तैयार हो गया है। सिर्फ सोलर पैनल का इन्वर्टर लगना बाकी है। इन्वर्टर आते ही जिले को पहले एफएसटीपी की सौगात मिल जाएगी।
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एफएसटीपी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सोलर पैनल का इन्वर्टर नहीं आया है। जिम्मेदार कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जैसे ही पैनल आ जाएगा, प्लांट को एक्टीवेट कर दिया जाएगा।
- रेहान फारूकी, अधिशासी अभियंता, जल निगम, नगरीय खंड बस्ती