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Basti News: पहले पूरी करिए फरमाइश... फिर हटेगा रास्ते से कब्जा

Wed, 03 May 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 03 May 2023 01:03 AM IST
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First fulfill demand, then the encroachment will be removed
हरैया तहसील।
बस्ती। रास्ते व अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीन से कब्जेदारों को बेदखल करने की कार्यवाही पूरी कराने के लिए जगह-जगह चढ़ावा देना पड़ता है। बिना फरमाइश पूरी किए कोई प्रक्रिया पूरी होने की सोचिए भी मत। कब्जा हटवाने के मामले में नोटिस तामील कराने से कई जगह चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है। सबका हिस्सा तय है। इस खेल में वादकारियों को हाईकोर्ट तक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। फिर भी कुछ न कुछ अड़ंगा लगाकर कार्यवाही में हीलाहवाली की जाती है।
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भूमाफिया पर कार्रवाई और अवैध निर्माण हटवाने में सरकार खूब वाहवाही बटोर रही है, लेकिन जिले में स्थिति इसके विपरीत है। कब्जा हटवाने के लिए वादकारियों को तहसील से लेकर प्रयागराज तक दौड़भाग करनी पड़ती है। नियमानुसार, 90 दिन में अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध बेदखली का आदेश तहसीलदार कोर्ट से हो जाना चाहिए, लेकिन वाद दाखिल होने के बाद इस कार्यवाही में महीनों लग जाते हैं। निर्धारित समय में बेदखली का आदेश जारी कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। आदेश होने के एक महीने के बाद रास्ते या अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीन से कब्जा हटवाने की जिम्मेदारी तहसील के लोगों की होती है।
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भुक्तभाेगी बताते हैं कि आदेश होने के बाद ही खेल शुरू होता है। कब्जा हटवाने के लिए वादकारियों को काफी पापड़ बेलने पड़ते हैं। चढ़ावा से लेकर बुलडोजर तक की व्यवस्था वादकारियों को करनी पड़ती है। यदि मनमाफिक चढ़ावा नहीं मिलता तो फिर तारीख पर तारीख मिलनी तय मानिए। परेशान होकर वादकारी हाईकोर्ट की शरण लेते हैं।
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यह होती है बेदखली की प्रक्रिया
- रास्ता, नवीन परती, बंजर या आबादी की जमीन पर बिना अनुमति कोई निर्माण कार्य या कब्जा नहीं किया जा सकता है। अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप पाठक बताते हैं कि रास्ता या किसी अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीन से कब्जा हटवाने के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67(1) के तहत लेखपाल को तहसीलदार कोर्ट में वाद दाखिल करना होता है। इसके बाद मामले पर तहसीलदार सुनाई करते हैं। कब्जेदार को एक-एक महीने के अंतराल पर तीन नोटिस जारी किया जाता है। यह प्रक्रिया 90 दिनों में पूरी होनी चाहिए। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट से कब्जेदार के विरुद्ध बेदखली का आदेश जारी किया जाता है। आदेश के एक महीने के भीतर यदि कब्जेदार जमीन खाली नहीं करते हैं तो तहसील अफसरों को मौके पर जाकर कब्जा हटवाना चाहिए। इस के नियम के अलावा, आम नागरिक धारा 133 सीआरपीसी के तहत एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर बेदखली की कार्रवाई करा सकता है।
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हाईकोर्ट से दो बार मिली गाइड लाइन, नहीं हुई कार्रवाई
- ग्राम पंचायत के नवीन परती पर वर्तमान प्रधान ने पक्का मकान निर्माण करा लिया है। 28 जनवरी 2023 को तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परेशान होकर कब्जा हटवाने के लिए हाईकोर्ट से गाइड लाइन लेकर आया फिर भी कब्जा नहीं हटवाया गया। हाल ही में 27 अप्रैल को हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की तो कोर्ट ने जिला प्रशासन को कब्जा हटवाने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दे दिया है। तहसील से एक मुंशी ने फोनकर बताया कि साहब मिलना चाहते हैं। गया तो उसने बताया कि कब्जा हटवाने के लिए चढ़ावा और बुलडोजर की व्यवस्था करिए। मांग इतनी अधिक है कि निराश होकर लौट आया। अब तक 50 हजार रुपये से अधिक खर्च कर चुका हूं। -विजेंद्र कुमार, इटवा
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तीन साल बाद भी नहीं हटवाया गया रास्ते से कब्जा
- ग्राम पंचायत में सार्वजनिक रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जाकर बाउंड्रीवाल के साथ ही गेट का निर्माण करा लिया है। इससे रास्ता बंद हो गया है। 2019 में एसडीएम न्यायालय में धारा 133 सीआरपीसी के तहत वाद दाखिल किया था। दिसंबर 2020 में कोर्ट ने कब्जा हटाने का आदेश दिया। सालभर तक जब कब्जा नहीं हटवाया गया तो हाईकोर्ट कब्जा हटवाने का आदेश लाया फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। एक दर्जन से अधिक प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी व एसडीएम को दे चुका हूं। एक बार तहसील से फोन आया, जब पहुंचा तो बुलडोजर की व्यवस्था और चढ़ावा की मांग की गई। मांग बहुत अधिक होने के कारण हमने मना कर दिया। छह साल से रास्ता अवरूद्ध है, इसे खाली कराने को लेकर 30 हजार से अधिक रुपये खर्च कर चुका हूं। -अष्टभुजा, महादेवा

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सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध तरीके से किए गए कब्जे को हटवाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। तहसीलदार को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिन मामलों पर बेदखली के आदेश किए जा रहे हैं, वह तुरंत निस्तारित भी किए जा रहे हैं। चढ़ावा व फरमाइश पूरी करने की बातें वादकारी दबाव बनाने के लिए कहते हैं। यदि किसी वादकारी से कुछ अनैतिक मांग की गई है तो वह साक्ष्य सहित मुझसे शिकायत करें, तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी। -गुलाबचंद्र, एसडीएम
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