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Basti News: आने वाला है आतिशबाजी का सीजन... 20 टन बारूद से धुआं- धुआं करने की तैयारी
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नगर बाजार में पटाखे के स्थाई दुकान का गोदाम,जहां पटाखे रखने के इंतजाम किए जा रहे हैं- फोटो- संव
- बड़े शहरों से होने लगी पटाखों की बुकिंग, भंडारण के लिए तैयार किए जा रहे गोदाम
- पिछले साल के बचे पटाखे भी किए जा रहे व्यवस्थित, नवरात्र से दीपावली तक चलेगा धूम-धड़ाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आतिशबाजी का सीजन आने वाला है। नवरात्र से धूम- धड़ाम शुरू होगा। तो दीपावली तक उफान पर आ जाएगा। पटाखा कारोबारियों ने भी सीजन की आहट पाते ही तैयारी शुरू कर दी है। समय रहते पटाखों के भंडारण की जुगत होने लगी है। लखनऊ, दिल्ली, कानपुर जैसे बड़े शहरों में ऑर्डर दिया जाने लगा है। इस बार अनुमानित 20 टन बारूद से जनपद को धुआं- धुआं करने की तैयारी चल रही है।
प्रशासनिक स्तर पर अभी पटाखा लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन कारोबारी तैयारी में जुट गए हैं। नवरात्र में शुरू होने वाली दुर्गा पूजा, दशहरा जैसे पर्वों से ही आतिशबाजी होने लगती है। ऐसे में कारोबारी पिछले साल के बचे रॉकेट, बम, गोले गोदामों से बाहर निकालकर व्यवस्थित कर रहे हैं। इसके अलावा नए पटाखा के भंडारण के लिए ऑर्डर एवं बुकिंग भी कराई जा रही है। अच्छे कारोबार के लिए जिले के 22 गोदामों को इस बार अनुमानित 20 टन बारूद से निर्मित पटाखों से भरने की तैयारी है। ताकि दुर्गा पूजा उत्सव से लेकर दीपावली, छठ पर्व एवं लगन के सीजन तक इसकी कमी न होने पाए।
इस बार लखनऊ, दिल्ली, कानपुर जैसे बड़े शहरों से फुलझड़ी, चमकीले हथगोले, 10, 12, 15 स्टार, अनार, जलेबी, रॉकेट, बम, चटाई आदि नाम से पटाखों की अलग- अलग बुकिंग की जा रही है। पटाखा कारोबारी रमेश कुमार ने बताया कि समय से ऑर्डर देने पर पटाखों की उपलब्धता आसान हो जाती है। इसके अलावा इसे सुरक्षित रखने के भी इंतजाम कर लिए जाते हैं। सावधानी के साथ पटाखे का कारोबार करने के लिए ही सीजन से पहले डिमांड भेजी जाती है। ताकि भंडारण एवं दुकान में पटाखों को व्यवस्थित करने में कोई चूक न होनेे पाए।
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विसर्जन जुलूस में भी होती है आतिशबाजी
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी आतिशबाजी होती है। मुख्यालय से लेकर कस्बों तक बड़े पैमाने पर दुर्गा पूजा समारोह मनाया जाता है। प्रतिमाओं के विसर्जन के दिन दुर्गा पूजा कमेटियों की ओर से आतिशबाजी करते हुए जुलूस निकाला जाता है। ऐसे में दुर्गा पूजा से ही पटाखों की बिक्री शुरू हो जाती है। कारोबारी इस अवसर को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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जिले में हैं 22 पटाखा गोदाम
जिले में पटाखा कारोबार के लिए अस्थायी रूप से 22 गोदाम हैं। इधर तीन से चार वर्षों में सीजन में 22 कारोबारियों के नाम अस्थायी रूप से पटाखे की बिक्री के लिए प्रशासन लाइसेंस निर्गत कर रहा है। पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन की तरफ से आबादी से दूर जगह मुहैया कराई जाती है। जहां सीजन में अस्थायी दुकानें सजती हैं और सप्ताह भर बाद हट जाती हैं। इसके बाद पटाखों के भंडारण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी कारोबारी की होती है। जिले में सुभाष चंद्र गुप्ता, दिलीप कुमार कसौधन, प्रदीप कुमार, निहाल अहमद, राजेश कुमार, आनंद कुमार, पिंटू, अर्जुन, फरीदा खातून, लक्ष्मी प्रसाद, दुर्गेश कुमार गुप्ता, सलमान, कमरुज्जमा, प्रमोद कुमार, अमरनाथ, भोला, ओम प्रकाश जायसवाल, अजय कुमार, पवन कुमार, मो. मुस्तफा, मगरू एवं शुभम कसौधन पंजीकृत लाइसेंसी हैं।
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सुरक्षा के लिहाज से यह हैं मानक
भंडारण स्थल पर विद्युत बैट्री, आयल, इनवर्टर, मोमबत्ती, लालटेन आदि का प्रयोग वर्जित होगा।
- दरवाजा बाहर की तरफ खुलना चाहिए।
- स्थल पर लोहे अथवा किसी धातु का प्रयोग नहीं होना चाहिए, नाॅन स्पार्क मेटल का प्रयोग करना अनिवार्य है।
- धूम्रपान निषेध का बोर्ड अनिवार्य है।
- अग्नि दुर्घटना की स्थिति में डायल 112 पर कॉल करें, बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से नंबर अंकित होना चाहिए।
- स्थल पर तीन अदद एबीसी टाइप फायर एस्टिंग्यूसर, दो अदद सीओ टू टाइप फायर एस्टिंग्यूसर व पानी बालू से भरी बाल्टियां 4- 4 तथा 200 लीटर पानी का ड्रम उपलब्ध होना चाहिए। इसका उपयोग किसी अन्य कार्य में न किया जाए।
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यह है दमकल विभाग की तैयारी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी योगेंद्र नाथ ने बताया कि दमकल विभाग की तरफ से 21 से 31 अगस्त तक जनपद के सभी पटाखा लाइसेंस धारी गोदाम व शोरूम का निरीक्षण किया जा चुका है। सभी जगहों पर अग्नि सुरक्षा से संबंधित उपाय व्यवस्थित करने एवं अग्निशमन उपकरणों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। दमकल विभाग के अनुसार निरीक्षण में स्टाॅक अभी नहीं मिला है।
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अभी पटाखा कारोबार के लिए लाइसेंस निर्गत नहीं किया जा रहा है। सीजन आने पर यह प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। तहसीलवार एसडीएम स्तर से परीक्षण के उपरांत अस्थायी लाइसेंस निर्गत किया जाएगा।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम।
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- पिछले साल के बचे पटाखे भी किए जा रहे व्यवस्थित, नवरात्र से दीपावली तक चलेगा धूम-धड़ाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आतिशबाजी का सीजन आने वाला है। नवरात्र से धूम- धड़ाम शुरू होगा। तो दीपावली तक उफान पर आ जाएगा। पटाखा कारोबारियों ने भी सीजन की आहट पाते ही तैयारी शुरू कर दी है। समय रहते पटाखों के भंडारण की जुगत होने लगी है। लखनऊ, दिल्ली, कानपुर जैसे बड़े शहरों में ऑर्डर दिया जाने लगा है। इस बार अनुमानित 20 टन बारूद से जनपद को धुआं- धुआं करने की तैयारी चल रही है।
प्रशासनिक स्तर पर अभी पटाखा लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन कारोबारी तैयारी में जुट गए हैं। नवरात्र में शुरू होने वाली दुर्गा पूजा, दशहरा जैसे पर्वों से ही आतिशबाजी होने लगती है। ऐसे में कारोबारी पिछले साल के बचे रॉकेट, बम, गोले गोदामों से बाहर निकालकर व्यवस्थित कर रहे हैं। इसके अलावा नए पटाखा के भंडारण के लिए ऑर्डर एवं बुकिंग भी कराई जा रही है। अच्छे कारोबार के लिए जिले के 22 गोदामों को इस बार अनुमानित 20 टन बारूद से निर्मित पटाखों से भरने की तैयारी है। ताकि दुर्गा पूजा उत्सव से लेकर दीपावली, छठ पर्व एवं लगन के सीजन तक इसकी कमी न होने पाए।
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इस बार लखनऊ, दिल्ली, कानपुर जैसे बड़े शहरों से फुलझड़ी, चमकीले हथगोले, 10, 12, 15 स्टार, अनार, जलेबी, रॉकेट, बम, चटाई आदि नाम से पटाखों की अलग- अलग बुकिंग की जा रही है। पटाखा कारोबारी रमेश कुमार ने बताया कि समय से ऑर्डर देने पर पटाखों की उपलब्धता आसान हो जाती है। इसके अलावा इसे सुरक्षित रखने के भी इंतजाम कर लिए जाते हैं। सावधानी के साथ पटाखे का कारोबार करने के लिए ही सीजन से पहले डिमांड भेजी जाती है। ताकि भंडारण एवं दुकान में पटाखों को व्यवस्थित करने में कोई चूक न होनेे पाए।
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विसर्जन जुलूस में भी होती है आतिशबाजी
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी आतिशबाजी होती है। मुख्यालय से लेकर कस्बों तक बड़े पैमाने पर दुर्गा पूजा समारोह मनाया जाता है। प्रतिमाओं के विसर्जन के दिन दुर्गा पूजा कमेटियों की ओर से आतिशबाजी करते हुए जुलूस निकाला जाता है। ऐसे में दुर्गा पूजा से ही पटाखों की बिक्री शुरू हो जाती है। कारोबारी इस अवसर को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
जिले में हैं 22 पटाखा गोदाम
जिले में पटाखा कारोबार के लिए अस्थायी रूप से 22 गोदाम हैं। इधर तीन से चार वर्षों में सीजन में 22 कारोबारियों के नाम अस्थायी रूप से पटाखे की बिक्री के लिए प्रशासन लाइसेंस निर्गत कर रहा है। पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन की तरफ से आबादी से दूर जगह मुहैया कराई जाती है। जहां सीजन में अस्थायी दुकानें सजती हैं और सप्ताह भर बाद हट जाती हैं। इसके बाद पटाखों के भंडारण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी कारोबारी की होती है। जिले में सुभाष चंद्र गुप्ता, दिलीप कुमार कसौधन, प्रदीप कुमार, निहाल अहमद, राजेश कुमार, आनंद कुमार, पिंटू, अर्जुन, फरीदा खातून, लक्ष्मी प्रसाद, दुर्गेश कुमार गुप्ता, सलमान, कमरुज्जमा, प्रमोद कुमार, अमरनाथ, भोला, ओम प्रकाश जायसवाल, अजय कुमार, पवन कुमार, मो. मुस्तफा, मगरू एवं शुभम कसौधन पंजीकृत लाइसेंसी हैं।
सुरक्षा के लिहाज से यह हैं मानक
भंडारण स्थल पर विद्युत बैट्री, आयल, इनवर्टर, मोमबत्ती, लालटेन आदि का प्रयोग वर्जित होगा।
- दरवाजा बाहर की तरफ खुलना चाहिए।
- स्थल पर लोहे अथवा किसी धातु का प्रयोग नहीं होना चाहिए, नाॅन स्पार्क मेटल का प्रयोग करना अनिवार्य है।
- धूम्रपान निषेध का बोर्ड अनिवार्य है।
- अग्नि दुर्घटना की स्थिति में डायल 112 पर कॉल करें, बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से नंबर अंकित होना चाहिए।
- स्थल पर तीन अदद एबीसी टाइप फायर एस्टिंग्यूसर, दो अदद सीओ टू टाइप फायर एस्टिंग्यूसर व पानी बालू से भरी बाल्टियां 4- 4 तथा 200 लीटर पानी का ड्रम उपलब्ध होना चाहिए। इसका उपयोग किसी अन्य कार्य में न किया जाए।
यह है दमकल विभाग की तैयारी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी योगेंद्र नाथ ने बताया कि दमकल विभाग की तरफ से 21 से 31 अगस्त तक जनपद के सभी पटाखा लाइसेंस धारी गोदाम व शोरूम का निरीक्षण किया जा चुका है। सभी जगहों पर अग्नि सुरक्षा से संबंधित उपाय व्यवस्थित करने एवं अग्निशमन उपकरणों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। दमकल विभाग के अनुसार निरीक्षण में स्टाॅक अभी नहीं मिला है।
अभी पटाखा कारोबार के लिए लाइसेंस निर्गत नहीं किया जा रहा है। सीजन आने पर यह प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। तहसीलवार एसडीएम स्तर से परीक्षण के उपरांत अस्थायी लाइसेंस निर्गत किया जाएगा।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम।