फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Fake OSD arrested for flaunting authority with a blue beacon.

Basti News: नीली बत्ती लगाकर रौब झाड़ रहा फर्जी ओएसडी गिरफ्तार

Fri, 28 Aug 2026 12:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
Fake OSD arrested for flaunting authority with a blue beacon.
बस्ती। लाल-नीली बत्ती लगाकर और उत्तर प्रदेश सरकार का फर्जी लोगो इस्तेमाल कर रौब झाड़ रहे फर्जी ओएसडी को कोतवाली और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। बड़ेबन पुल के नीचे चेकिंग के दौरान आरोपी ने फर्जी विजिटिंग कार्ड भी दिखाया। उसके पास से पांच फर्जी ओएसडी कार्ड, दो वॉकी-टॉकी, चार एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन आदि बरामद हुआ।
विज्ञापन

एसपी डाॅ. यशवीर सिंह के अनुसार, 26 अगस्त को कोतवाली प्रभारी बृजानंद सिंह और यातायात प्रभारी कुलदीप त्रिपाठी की टीम बड़ेबन चौकी क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान लखनऊ के पंजीयन नंबर की सफेद कार को रोका गया। कार पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा था और छत पर लाल-नीली बत्ती लगी थी।
विज्ञापन

पीछे बैठे युवक ने स्वयं को मोहसिन खान और उत्तर प्रदेश सरकार का ओएसडी बताते हुए पुलिस पर रौब जमाने का प्रयास किया। उसने अपना विजिटिंग कार्ड भी दिखाया लेकिन पुलिस को उसकी पहचान पर संदेह हुआ। जांच में पहचान फर्जी मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। बृहस्पतिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के रोडवेज के पीछे चईयाबारी का रहने वाला है जिसका वर्तमान पता लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र के दारुल शफा बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टोल प्लाजा पर लेता था वीआईपी प्रोटोकॉल
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह काफी समय से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी ओएसडी बनकर घूम रहा था। लाल-नीली बत्ती और फर्जी लोगो लगी कार से वह अलग-अलग जिलों और राज्यों में जाता था। पुलिस और टोल प्लाजा पर फर्जी कार्ड दिखाकर वीआईपी प्रोटोकॉल लेता और टोल से बचता था। सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों में भी इसी पहचान के सहारे प्रवेश करने की बात उसने बताई। इसके अलावा आम लोगों से अधिकारियों से काम कराने के नाम पर रुपये लेने की बात भी सामने आई है। आरोपी के साथ चालक के तौर पर लखनऊ निवासी राजेश यादव था, जिसे 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर रखा गया था। पुलिस ने पूछताछ और सत्यापन के बाद उसे विवेचना में सहयोग करने की हिदायत देकर छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed