फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   due to farmers strike sugar mill starts

किसानों के आंदोलन से बन रही मुंडेरवा शुगर मिल

Tue, 11 Dec 2018 11:20 PM IST
basti
basti Updated Tue, 11 Dec 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
due to farmers strike sugar mill starts
शहीद किसान मेले में मंचासीन अतिथि। - फोटो : amar ujala
मुंडेरवा। शहीद किसानों की याद में आयोजित मेले में मंगलवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता के निशाने पर सरकार रही। शुगर मिल परिसर में आयोजित शहीद किसान मेले में चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि हक के लिए आंदोलन करना होगा। प्रत्येक घर से एक किसान को निकलना होगा। आजादी के सात दशक बाद भी किसानों की हालत बदतर है। 
विज्ञापन

टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मुंडेरवा शुगर मिल का अगर निर्माण हो रहा है तो इसमें किसी राजनेता या किसी पार्टी के चलते नहीं बल्कि आंदोलन में शहीद किसानों के कारण। इसमें दीवान चन्द्र चौधरी के साथ क्षेत्र के किसानों की बड़ी भूमिका रही है। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि किसान का हथियार आन्दोलन है। इस फैक्ट्री को चलाने के लिए आंदोलन किया। यही एक रास्ता है जो आप को अधिकार दिला सकता है। अधिकार आंदोलन के लिए प्रत्येक घर से एक व्यक्ति को निकलना पड़ेगा। किसान समस्याओं पर कहा कि जब आप डीएम की आफिस में गन्ना भरना शुरू कर दोगे तो समाधान निकलेगा। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए भाकियू ने मांग की है कि प्रत्येक वर्ष सिर्फ चार प्रतिशत ब्याज ही लिया जाए और पांच वर्ष में भुगतान लें। केसीसी बदलने के नाम पर ठगी बंद की जाए। कृषि से मनरेगा जोड़ा जाए क्योंकि मनरेगा में जिस दिन कृषि जुड़ जाएगी उस दिन किसानों की आमदनी दूनी हो जाएगी। कहा कि एक एकड़ पर 80 दिन की मजदूरी जोड़कर किसान के खाते में रकम दी जाए। कहा कि जनप्रतिनिधि वोट की राजनीति करते हैं। अपील की कि पैदावार को घटाएं। देश में अनाज की पैदावार कम होगी तभी ज्यादा भाव मिलेगा। चेताया कि किसानों की खेती को बंधक बनाने का काम सरकार करना चाह रही है। ब्राजील जैसी स्थिति चाहते हैं। ब्राजील में उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्र की जमीन सिर्फ एक व्यक्ति के पास है। उस देश में 280 व्यक्ति के पास ही पूरी जमीन है। बाकी लोग वहां मजदूर मात्र हैं। चौधरी राकेश टिकैत की हर हुंकार पर तालियां बजती रहीं। किसानों से कहा कि देश में कान्ट्रैक्ट फार्मिंग, बीटीबैगन की बात हो रही है। जबकि हम कहते हैं कि बिजली दर कम की जाए, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान तत्काल किया जाए। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। किसान दुर्घटना बीमा, किसान फसल बीमा के नाम पर 44 हजार करोड़ रुपये किसानों से सरकार ने लिया है लेकिन वह रकम सरकार ने प्रचार-प्रसार में खत्म कर दी। भाकियू के तमाम पदाधिकारियों ने किसान मेले को संबोधित किया। 
विज्ञापन


कार्यक्रम में इनकी भी रही उपस्थिति 
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवान चन्द्र चौधरी, राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह, मंडल महासचिव शोभाराम ठाकुर, मंडल उपाध्यक्ष और मुंडेरवा गन्ना परिषद के चेयरमैन दीवान चन्द्र पटेल, रामकिशोर पटेल, गोरखपुर के जिला अध्यक्ष विनय शुक्ल, मंडल उपाध्यक्ष विनय सिंह, मार्तेन्द्र सिंह, छोटू चौधरी, रामदुलारे सिंह, राम चन्द्र चौधरी, रानी सिंह, राजेन्द्र चौधरी, हृदय राय, घनश्याम चौधरी, पंचराम, रश्मि श्रीवास्तव, मानवेन्द्र प्रताप सिंह, सुभाष चन्द्र, हरिराम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed