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Basti News: पांच करोड़ के डीटीआई को तीन साल से सेंसर का इंतजार

Tue, 28 Nov 2023 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 28 Nov 2023 11:44 PM IST
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DTI worth Rs 5 crore has been waiting for censor for three years
करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीटयूट (डीटीआई) में तीन साल बाद भी सेंसर नहीं लग सका है। लाइसेंस के लिए आवेदकों को मैनुअल परीक्षण कराना पड़ रहा है। हालांकि, पिछले साल दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने डीटीआई को जल्द संचालित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। बावजूद इसके अब तक यह शुरू नहीं हो सकता है।
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2017-18 वित्तीय वर्ष में परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी 19 संभागीय मुख्यालयों पर ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीटयूट स्थापित करने का फैसला किया था। जगह नहीं मिल पाने के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा था। करीब डेढ़ साल बाद तत्कालीन डीएम डॉ. राजशेखर ने 24 जून 2019 को आईटीआई परिसर में जमीन मुहैया कराई और इंस्टीट्यूट का शिलान्यास किया।
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इसके निर्माण की जिम्मेदारी उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को सौंपी गई थी। चार करोड़ 82 लाख 31 हजार रुपये खर्च कर इंस्टीट्यूट का निर्माण 2020 में ही पूरा हो चुका है। ट्रैक व परिसर को दुरुस्त किया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है। अब कार्यदायी कंपनी को ऑटोमेटिक सेंसर लगाना है।
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इस तरह सेंसर से होगा परीक्षण



संभागीय परिवहन निरीक्षक (आरआई) संजय कुमार दास के अनुसार सेंसर से ट्रैक पर टेस्ट के दौरान वाहन चलाने वालों की हर गतिविधि की जांच होगी। सेंसर कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे। ट्रैक गणित के अंक आठ (8) के आकार का बना है। वाहन के ट्रैक पर आने के बाद स्पीड, दाएं या बाएं वाहन को मोड़ने पर इंडीकेटर, चढ़ाई और ढलान पर वाहन चलाने आदि पर अंक मिलेंगे। आरआई ने बताया कि सेंसर यह भी नजर रखेगा कि ट्रैफिक सिग्नल का पालन किया गया कि नहीं। वाहन चलाते वक्त कितनी बार नियमों का उल्लंघन किया गया। इन सभी गतिविधियों की जांच सेंसर करेगा। इसके बाद कंप्यूटर से रिजल्ट मिलेगा। इसी के आधार पर स्थायी डीएल जारी किया जाएगा। ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर छोटी कार से ही टेस्ट दिया जा सकेगा।


जल्द ही कंपनी लगाएगी सेंसर



आरटीओ प्रशासन फरीदुद्दीन ने बताया कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीटयूट में ऑटोमेटिक सेंसर के लिए परिवहन मुख्यालय से टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सेंसर लगते ही डीएल के लिए ऑनलाइन परीक्षण शुरू कर दिया जाएगा।
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