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Basti News: कैसे मिले पानी, जब आगणन तैयार करने में ही आनाकानी
Tue, 02 May 2023 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 02 May 2023 12:19 AM IST
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बस्ती। पेयजल योजना अमृत-दो नगर पंचायतों में कारगर साबित नहीं हो पा रही है। साल भर पहले घर-घर पेयजल आपूर्ति की शुरू हुई कवायद कागजों में उलझकर रह गई। योजना के द्वितीय चरण में चयनित जनपद के दो नगर पंचायत रुधौली और बभनान में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे है। काफी जद्दोजहद के बाद जमीन अधिग्रहित हुई तो अब आगणन तैयार करने में ही आनाकानी हो रही है।
दोनों नगर पंचायतों में 25-25 करोड़ की लागत से इन परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाना है। इसकी स्वीकृति एक वर्ष पूर्व ही शासन से मिल चुकी है। शुरुआती दौर में ही यह योजना सुस्ती की भेंट चढ़ गई। केवल जमीन अधिग्रहण के कार्य में ही छह माह से अधिक समय लग गए। जमीन उपलब्ध हुई तो आगणन तैयार नहीं हो पा रहे हैं।
विभाग ने अभी तक केवल रुधौली नगर पंचायत के प्रस्तावित परियोजना का आगणन तैयार किया है। इसकी लागत करीब 26 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं बभनान नगर पंचायत में प्रस्तावित परियोजना का अभी तक आगणन तैयार नहीं किया जा सका, जिससे यह योजना अधर में लटकी हुई है।
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शासन से नहीं मिली वित्तीय स्वीकृति
अमृत-दो योजना के तहत रुधौली और बभनान नगर पंचायत में प्रस्तावित पेयजल परियोजना को शासन से अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वजह दोनों जगहों का आगणन एक साथ शासन को नहीं भेजा गया है। विभागीय जिम्मेदार आगणन तैयार करने में ही अभी उलझे हुए हैं।
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यह है भूमि अधिग्रहण का मानक
विभाग के अनुसार पेयजल परियोजना के लिए दो तरह के भूखंड की आवश्यकता होती है। पहला 40 मीटर लंबा व 30 मीटर चौड़ा और दूसरा 15 मीटर लंबा व 15 मीटर चौड़ा भूखंड होना चाहिए। इसमें ट्यूबवेल, वाटर हेड टैंक, स्टॉफ क्वार्टर व चारदीवारी का निर्माण प्रस्तावित है।
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पांच टंकी, 165 किलोमीटर बिछनी है पाइपलाइन
- 25 हजार की आबादी वाले नगर पंचायत में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए अलग-अलग क्षमता की टंकी का निर्माण प्रस्तावित है। रुधौली में अलग-अलग जगहों पर 650 किलोलीटर, 750 किलोलीटर और 350 किलोलीटर क्षमता की टंकी बननी है। यहां कुल 95 किलोमीटर नई पाइप लाइन बिछनी है। बभनान में दो टंकी का निर्माण होना है और 70 किलोमीटर पाइपलाइन बिछनी है। यहां आगणन तैयार न होने की वजह से टंकी के क्षमता का निर्धारण नहीं हो सका है।
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नागरिक बोले-
दूषित जल पीने को मजबूर
- रुधौली कस्बे के नागरिक पेयजल आपूर्ति व्यवस्था न बन पाने से निराश हैं। कस्बावासी पारसनाथ पांडेय ने कहा कि लंबे समय से सुनने को मिल रहा है कि घर-घर पेयजल की आपूर्ति कराई जाएगी। लेकिन कहीं कुछ दिख नहीं रहा है। नलों से निकलने वाला दूषित जल ही पीना पड़ रहा है। आनंद पांडेय ने कहा कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था न होने से हमारे स्वास्थ्य को खतरा है। नलों से गंदा पानी निकलता हैं। मजबूरी में बच्चे, बुजुर्ग सभी उसका सेवन कर रहे हैं।
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हो सकती है गंभीर बीमारी-चिकित्सक
- दूषित जल का सेवन कतई नहीं करना चाहिए। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है। कम से कम 200 फिट गहरे जलस्तर का पानी ही सेवन करने योग्य हैं। लगातार दूषित जल के सेवन से पेट संबंधी बीमारियों के अलावा संक्रमण की भी संभावना बढ़ जाती है।
-डाॅ. पीके श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता, जिला महिला चिकित्सालय, बस्ती
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- अमृत-2 पेयजल योजना के तहत रुधौली कस्बे के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को प्रेषित किया जा चुका है। बभनान कस्बे के लिए डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। जल्द यह भी शासन को भेज दिया जाएगा। इसके बाद ही वित्तीय स्वीकृति संभव है।
-रेहान फारुकी, अधिशाषी अभियंता, बस्ती
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दोनों नगर पंचायतों में 25-25 करोड़ की लागत से इन परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाना है। इसकी स्वीकृति एक वर्ष पूर्व ही शासन से मिल चुकी है। शुरुआती दौर में ही यह योजना सुस्ती की भेंट चढ़ गई। केवल जमीन अधिग्रहण के कार्य में ही छह माह से अधिक समय लग गए। जमीन उपलब्ध हुई तो आगणन तैयार नहीं हो पा रहे हैं।
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विभाग ने अभी तक केवल रुधौली नगर पंचायत के प्रस्तावित परियोजना का आगणन तैयार किया है। इसकी लागत करीब 26 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं बभनान नगर पंचायत में प्रस्तावित परियोजना का अभी तक आगणन तैयार नहीं किया जा सका, जिससे यह योजना अधर में लटकी हुई है।
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शासन से नहीं मिली वित्तीय स्वीकृति
अमृत-दो योजना के तहत रुधौली और बभनान नगर पंचायत में प्रस्तावित पेयजल परियोजना को शासन से अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वजह दोनों जगहों का आगणन एक साथ शासन को नहीं भेजा गया है। विभागीय जिम्मेदार आगणन तैयार करने में ही अभी उलझे हुए हैं।
यह है भूमि अधिग्रहण का मानक
विभाग के अनुसार पेयजल परियोजना के लिए दो तरह के भूखंड की आवश्यकता होती है। पहला 40 मीटर लंबा व 30 मीटर चौड़ा और दूसरा 15 मीटर लंबा व 15 मीटर चौड़ा भूखंड होना चाहिए। इसमें ट्यूबवेल, वाटर हेड टैंक, स्टॉफ क्वार्टर व चारदीवारी का निर्माण प्रस्तावित है।
पांच टंकी, 165 किलोमीटर बिछनी है पाइपलाइन
- 25 हजार की आबादी वाले नगर पंचायत में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए अलग-अलग क्षमता की टंकी का निर्माण प्रस्तावित है। रुधौली में अलग-अलग जगहों पर 650 किलोलीटर, 750 किलोलीटर और 350 किलोलीटर क्षमता की टंकी बननी है। यहां कुल 95 किलोमीटर नई पाइप लाइन बिछनी है। बभनान में दो टंकी का निर्माण होना है और 70 किलोमीटर पाइपलाइन बिछनी है। यहां आगणन तैयार न होने की वजह से टंकी के क्षमता का निर्धारण नहीं हो सका है।
नागरिक बोले-
दूषित जल पीने को मजबूर
- रुधौली कस्बे के नागरिक पेयजल आपूर्ति व्यवस्था न बन पाने से निराश हैं। कस्बावासी पारसनाथ पांडेय ने कहा कि लंबे समय से सुनने को मिल रहा है कि घर-घर पेयजल की आपूर्ति कराई जाएगी। लेकिन कहीं कुछ दिख नहीं रहा है। नलों से निकलने वाला दूषित जल ही पीना पड़ रहा है। आनंद पांडेय ने कहा कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था न होने से हमारे स्वास्थ्य को खतरा है। नलों से गंदा पानी निकलता हैं। मजबूरी में बच्चे, बुजुर्ग सभी उसका सेवन कर रहे हैं।
हो सकती है गंभीर बीमारी-चिकित्सक
- दूषित जल का सेवन कतई नहीं करना चाहिए। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है। कम से कम 200 फिट गहरे जलस्तर का पानी ही सेवन करने योग्य हैं। लगातार दूषित जल के सेवन से पेट संबंधी बीमारियों के अलावा संक्रमण की भी संभावना बढ़ जाती है।
-डाॅ. पीके श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता, जिला महिला चिकित्सालय, बस्ती
- अमृत-2 पेयजल योजना के तहत रुधौली कस्बे के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को प्रेषित किया जा चुका है। बभनान कस्बे के लिए डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। जल्द यह भी शासन को भेज दिया जाएगा। इसके बाद ही वित्तीय स्वीकृति संभव है।
-रेहान फारुकी, अधिशाषी अभियंता, बस्ती