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Basti News: आईजीआरएस पर खराब फीडबैक से डीएम नाराज
Fri, 17 Oct 2025 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 17 Oct 2025 02:23 AM IST
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बस्ती। आईजीआरएस के प्रकरण में निस्तारण के नाम पर अधिकारी सिर्फ खानापूरी कर रहे हैं। शासन एवं जनपद स्तर पर शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने पर अधिकतर निस्तारित मामलों में नकारात्मक जवाब मिला है।
डीएम रवीश गुप्ता नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को आईजीआरएस के नोडल अधिकारी एडीएम प्रतिपाल सिंह की मौजूदगी में डीएम ने इस तथ्य का खुलासा करते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है।
बताया गया कि 7 ये 13 अक्तूबर के बीच निस्तारित आईजीआरएस के मामलों में जब आवेदक से संपर्क करके फीडबैक का लिया गया तो ज्यादातर मामलों में नकारात्मक जवाब मिला है। पता चला कि संबंधित अधिकारियो के स्थलीय जांच एवं आवेदक से डीएम ने अधिकारियों से कहा कि आप स्वयं एवं आपके अधीनस्थों द्वारा स्थलीय जांच एवं आवेदक से वार्ता किए जाने के पश्चात ही मामले का निस्तारण करें।
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आवेदकों से फीडबैक लेने के दौरान शासन एवं जिले स्तर दोनों जगहों पर संतोषजनक परिणाम नहीं आ रहे हैं। इसके चलते जिले की रैकिंग खराब हो रही है। इन मामलों में शासन स्तर से भी कार्रवाई के लिए लगातार निर्देश मिल रहे हैं।
एडीएम ने बताया कि ऐसी स्थिति में जिला स्तरीय विभाग, उप कृषि निदेशक, कृषि विभाग, उपायुक्त वाणिज्य कर विभाग, बीडीओ सॉऊघाट, प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, एआरटीओ, सीडीपीओ दुबौलिया, कुदरहा, कप्तानगंज का फीडबैक खराब है।
इनके अलावा सामान्य प्रबंधक उद्योग, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-प्रथम, अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन, तहसीलदार बस्ती, पशु चिकित्साधिकारी सल्टौआ, गोपालपुर, प्रभारी चिकित्साधिकारी व अधीक्षक (पीएचसी व सीएचसी) कुदरहा से संबंधित शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक ठीक नहीं मिला है।
इन अधिकारियों को डीएम स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया है कि असंतुष्ट फीडबैक तालिका का अवलोकन कर तीन दिवस के भीतर एडीएम कार्यालय में सभी अधिकारी उपस्थित होकर स्पष्ट जवाब दें। कार्यों में यदि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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डीएम रवीश गुप्ता नाराजगी जताई है। बृहस्पतिवार को आईजीआरएस के नोडल अधिकारी एडीएम प्रतिपाल सिंह की मौजूदगी में डीएम ने इस तथ्य का खुलासा करते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है।
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बताया गया कि 7 ये 13 अक्तूबर के बीच निस्तारित आईजीआरएस के मामलों में जब आवेदक से संपर्क करके फीडबैक का लिया गया तो ज्यादातर मामलों में नकारात्मक जवाब मिला है। पता चला कि संबंधित अधिकारियो के स्थलीय जांच एवं आवेदक से डीएम ने अधिकारियों से कहा कि आप स्वयं एवं आपके अधीनस्थों द्वारा स्थलीय जांच एवं आवेदक से वार्ता किए जाने के पश्चात ही मामले का निस्तारण करें।
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आवेदकों से फीडबैक लेने के दौरान शासन एवं जिले स्तर दोनों जगहों पर संतोषजनक परिणाम नहीं आ रहे हैं। इसके चलते जिले की रैकिंग खराब हो रही है। इन मामलों में शासन स्तर से भी कार्रवाई के लिए लगातार निर्देश मिल रहे हैं।
एडीएम ने बताया कि ऐसी स्थिति में जिला स्तरीय विभाग, उप कृषि निदेशक, कृषि विभाग, उपायुक्त वाणिज्य कर विभाग, बीडीओ सॉऊघाट, प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, एआरटीओ, सीडीपीओ दुबौलिया, कुदरहा, कप्तानगंज का फीडबैक खराब है।
इनके अलावा सामान्य प्रबंधक उद्योग, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-प्रथम, अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन, तहसीलदार बस्ती, पशु चिकित्साधिकारी सल्टौआ, गोपालपुर, प्रभारी चिकित्साधिकारी व अधीक्षक (पीएचसी व सीएचसी) कुदरहा से संबंधित शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक ठीक नहीं मिला है।
इन अधिकारियों को डीएम स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया है कि असंतुष्ट फीडबैक तालिका का अवलोकन कर तीन दिवस के भीतर एडीएम कार्यालय में सभी अधिकारी उपस्थित होकर स्पष्ट जवाब दें। कार्यों में यदि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई शुरू की जाएगी।