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डीएम ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया
basti
Updated Sat, 07 Apr 2018 11:46 PM IST
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जिला अस्पताल में पूछताछ करते डीएम।
- फोटो : amar ujala
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डीएम सुशील कुमार मौर्या ने शनिवार को जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका जांची तो कई के हस्ताक्षर नहीं थे। एक डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे, मगर उनका हस्ताक्षर बना पाया गया। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह जिला अस्पताल में आयोजित विश्व स्वास्थ्य दिवस की रैली में भाग लेने जाते समय डीएम की गाड़ी अचानक महिला अस्पताल की ओर मुड़ गई। यहां वे सीधे ओपीडी में घुस गए। तब तक तमाम कर्मचारी आए ही नहीं थे। वहां की हालत देखकर उन्होंने उपस्थिति पंजिका मांगी। इसकी जांच की तो पता चला कि डॉ. जीपी यादव ड्यूटी पर तो नहीं आए हैं, मगर हस्ताक्षर पंजिका में है। इसके अलावा अस्पताल कर्मी अर्चना त्रिपाठी, कमल मिश्र सहित तमाम नर्सों का भी हस्ताक्षर नहीं पाया गया, जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने मरीजों से बातचीत भी की। पता चला कि यहां खाना कभी-कभार मिलता है, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। यहां से निकलने के बाद डीएम सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उन्होंने अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड के विशेष पीआईसीयू यानी बालरोग सघन चिकित्सा कक्ष की भी जांच की। कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
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डीएम सुशील कुमार मौर्या ने शनिवार को जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका जांची तो कई के हस्ताक्षर नहीं थे। एक डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे, मगर उनका हस्ताक्षर बना पाया गया। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह जिला अस्पताल में आयोजित विश्व स्वास्थ्य दिवस की रैली में भाग लेने जाते समय डीएम की गाड़ी अचानक महिला अस्पताल की ओर मुड़ गई। यहां वे सीधे ओपीडी में घुस गए। तब तक तमाम कर्मचारी आए ही नहीं थे। वहां की हालत देखकर उन्होंने उपस्थिति पंजिका मांगी। इसकी जांच की तो पता चला कि डॉ. जीपी यादव ड्यूटी पर तो नहीं आए हैं, मगर हस्ताक्षर पंजिका में है। इसके अलावा अस्पताल कर्मी अर्चना त्रिपाठी, कमल मिश्र सहित तमाम नर्सों का भी हस्ताक्षर नहीं पाया गया, जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने मरीजों से बातचीत भी की। पता चला कि यहां खाना कभी-कभार मिलता है, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। यहां से निकलने के बाद डीएम सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उन्होंने अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड के विशेष पीआईसीयू यानी बालरोग सघन चिकित्सा कक्ष की भी जांच की। कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
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