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Basti News: 225 गांवों में जल्द शुरू होंगी डिजिटल लाइब्रेरी, सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार
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डिजिटल लाइब्रेरी बडयूंगी रामनगर बस्ती
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बस्ती। जिले की 225 ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन शुरू होगा। इससे गांवों के मेधावी छात्र-छात्राओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ आधुनिक शिक्षा की सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। लाइब्रेरी में कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल कंटेंट के अलावा विभिन्न विषयों की किताबें और समाचार पत्र पढ़ने की सुविधा होगी।
पंचायती राज विभाग की ओर से पहले चरण में जिले की 400 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें से 225 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा चुके हैं। संचालन शुरू करने से पहले तीन कार्यदायी संस्थाओं की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरणों का सत्यापन कराया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर सत्यापन के लिए टीम गठित की गई है। सभी एडीओ पंचायत उपकरणों की जांच कर रिपोर्ट डीपीआरओ को देंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का नियमित संचालन शुरू कराया जाएगा।
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लाइब्रेरी में बच्चों के लिए उपयोगी साहित्य, पर्यावरण, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही डिजिटल कंटेंट, कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी होगी। गांव के लोग भी यहां पहुंचकर समाचार पत्र और अन्य पुस्तकें पढ़ सकेंगे। कुछ स्थानों पर लोगों में अखबार पढ़ने को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि गांवों में लाइब्रेरी की सुविधा नहीं होने के कारण कई बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आधुनिक शिक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए बाजार या निजी लाइब्रेरी का सहारा लेते थे। इसमें उन्हें अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता था। डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होने से गांव में ही बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि कई लाइब्रेरी का संचालन शुरू भी हो चुका है। शेष लाइब्रेरी में किताबों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पूरी कर जल्द संचालन कराया जाएगा।
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नौ करोड़ रुपये से तैयार हो रही सुविधा
गांवों में युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज विभाग करीब नौ करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भवन तैयार होने के बाद उसमें आवश्यक उपकरण और फर्नीचर लगाए जा रहे हैं। गुणवत्ता जांच पूरी होने के बाद लाइब्रेरी का संचालन कराया जाएगा।
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इन उपकरणों की हो रही जांच
चयनित फर्मों की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरणों की जांच की जा रही है। इनमें बुक शेल्व्स, रीडिंग टेबल, कुर्सियां, कंप्यूटर टेबल, लो और हाई डिस्प्ले रैक तथा लाइब्रेरियन असिस्टेंट डेस्क शामिल हैं। सत्यापन में उपकरणों की गुणवत्ता और उपलब्धता की जांच की जा रही है। किसी तरह की कमी मिलने पर उसे दूर कराया जाएगा।
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गांव के बच्चों को मिलेगी पढ़ाई की सुविधा
डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होने से गांव के बच्चों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन मिलेंगे। इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से वे आधुनिक शिक्षा से भी जुड़ सकेंगे। साथ ही अन्य ग्रामीणों के लिए समाचार पत्र और पुस्तकों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी।
कोट
अभी सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित लाइब्रेरी के संचालन का निर्णय लिया जाएगा। जांच में जो भी कमियां मिलेंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा। पहले चरण में तैयार सभी लाइब्रेरी का संचालन जल्द शुरू कराया जाएगा।
-घनश्याम सागर, डीपीआरओ, बस्ती
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पंचायती राज विभाग की ओर से पहले चरण में जिले की 400 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें से 225 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा चुके हैं। संचालन शुरू करने से पहले तीन कार्यदायी संस्थाओं की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरणों का सत्यापन कराया जा रहा है।
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शासन के निर्देश पर सत्यापन के लिए टीम गठित की गई है। सभी एडीओ पंचायत उपकरणों की जांच कर रिपोर्ट डीपीआरओ को देंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का नियमित संचालन शुरू कराया जाएगा।
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लाइब्रेरी में बच्चों के लिए उपयोगी साहित्य, पर्यावरण, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही डिजिटल कंटेंट, कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी होगी। गांव के लोग भी यहां पहुंचकर समाचार पत्र और अन्य पुस्तकें पढ़ सकेंगे। कुछ स्थानों पर लोगों में अखबार पढ़ने को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि गांवों में लाइब्रेरी की सुविधा नहीं होने के कारण कई बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आधुनिक शिक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए बाजार या निजी लाइब्रेरी का सहारा लेते थे। इसमें उन्हें अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता था। डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होने से गांव में ही बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि कई लाइब्रेरी का संचालन शुरू भी हो चुका है। शेष लाइब्रेरी में किताबों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पूरी कर जल्द संचालन कराया जाएगा।
नौ करोड़ रुपये से तैयार हो रही सुविधा
गांवों में युवाओं और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन का माहौल उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज विभाग करीब नौ करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भवन तैयार होने के बाद उसमें आवश्यक उपकरण और फर्नीचर लगाए जा रहे हैं। गुणवत्ता जांच पूरी होने के बाद लाइब्रेरी का संचालन कराया जाएगा।
इन उपकरणों की हो रही जांच
चयनित फर्मों की ओर से उपलब्ध कराए गए उपकरणों की जांच की जा रही है। इनमें बुक शेल्व्स, रीडिंग टेबल, कुर्सियां, कंप्यूटर टेबल, लो और हाई डिस्प्ले रैक तथा लाइब्रेरियन असिस्टेंट डेस्क शामिल हैं। सत्यापन में उपकरणों की गुणवत्ता और उपलब्धता की जांच की जा रही है। किसी तरह की कमी मिलने पर उसे दूर कराया जाएगा।
गांव के बच्चों को मिलेगी पढ़ाई की सुविधा
डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होने से गांव के बच्चों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन मिलेंगे। इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से वे आधुनिक शिक्षा से भी जुड़ सकेंगे। साथ ही अन्य ग्रामीणों के लिए समाचार पत्र और पुस्तकों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी।
कोट
अभी सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित लाइब्रेरी के संचालन का निर्णय लिया जाएगा। जांच में जो भी कमियां मिलेंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा। पहले चरण में तैयार सभी लाइब्रेरी का संचालन जल्द शुरू कराया जाएगा।
-घनश्याम सागर, डीपीआरओ, बस्ती