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Basti News: गर्मी में भा रहा देसी फ्रिज, घड़े-सुराही की मांग बढ़ी
Sun, 26 Apr 2026 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:44 PM IST
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फव्वारा तिराहे पर गर्मी बढ़ने पर घड़े की बिक्री तेज संवाद
बस्ती। चिलचिलाती गर्मी में देसी फ्रिज (घड़ा, सुराही) की मांग में तेजी आई है। शहर के प्रमुख बाजारों गांधी नगर, कटरा, फौव्वारा चौराहे पर दुकानें सज चुकी हैं। शहर के लोग विभिन्न कंपनियों की फ्रिज खरीद कर गले को ठंडा कर रहे हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में घड़े एवं सुराही से लोगों की प्यास बुझ रही है।
ग्रामीणों की मानें तो इसका पानी ज्यादा हाईजनिक एवं शुद्ध है। इसमें पानी बगैर बिजली के भी ठंडा हो जाता है। इस व्यवसाय से जुड़े राजेश ने बताया कि मिट्टी या बालू का मेड़ में रखा घड़ा का पानी ज्यादा ठंडा रहता है। बाजारों में 180 से लेकर 350 रुपये तक के घड़े उपलब्ध है। इसके अलावा नक्काशीदार सुराही भी बाजार में उपलब्ध है। होली के बाद इसकी मांग बढ़ जाती है। इसके बाद मई माह में इसकी मांग दोबारा से बढ़ती है। इन दिनों तापमान 40 डिग्री के पार जा रहा है।
गर्मी में लोगों को कंठ गीला करने के लिए फ्रिज के अलावा घड़ा, सुराही की मांग भी है। ग्रामीण के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। गर्मी में प्रमुख चौक चौराहों पर भी राहगीरों के लिए मटके का पानी रखा जाता है। मटके का पानी फ्रिज की तुलना में स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक ठंडा पानी प्रदान करता है। इसमें वाष्पीकरण के कारण पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है। पाचन को सुधारता है और गले को आराम देता है। बाजार में पांच लीटर का घड़ा 180 और 15 लीटर का घड़ा 350 रुपये में उपलब्ध है। मिट्टी वाले एक लीटर के बोतल भी बाजार में उपलब्ध है। इसकी कीमत करीब 250 से 300 रुपये तक है।
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ग्रामीणों की मानें तो इसका पानी ज्यादा हाईजनिक एवं शुद्ध है। इसमें पानी बगैर बिजली के भी ठंडा हो जाता है। इस व्यवसाय से जुड़े राजेश ने बताया कि मिट्टी या बालू का मेड़ में रखा घड़ा का पानी ज्यादा ठंडा रहता है। बाजारों में 180 से लेकर 350 रुपये तक के घड़े उपलब्ध है। इसके अलावा नक्काशीदार सुराही भी बाजार में उपलब्ध है। होली के बाद इसकी मांग बढ़ जाती है। इसके बाद मई माह में इसकी मांग दोबारा से बढ़ती है। इन दिनों तापमान 40 डिग्री के पार जा रहा है।
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गर्मी में लोगों को कंठ गीला करने के लिए फ्रिज के अलावा घड़ा, सुराही की मांग भी है। ग्रामीण के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। गर्मी में प्रमुख चौक चौराहों पर भी राहगीरों के लिए मटके का पानी रखा जाता है। मटके का पानी फ्रिज की तुलना में स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक ठंडा पानी प्रदान करता है। इसमें वाष्पीकरण के कारण पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है। पाचन को सुधारता है और गले को आराम देता है। बाजार में पांच लीटर का घड़ा 180 और 15 लीटर का घड़ा 350 रुपये में उपलब्ध है। मिट्टी वाले एक लीटर के बोतल भी बाजार में उपलब्ध है। इसकी कीमत करीब 250 से 300 रुपये तक है।
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