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डेमो में बताई गई एम-3 मशीन की खूबियां
Mon, 11 Mar 2019 11:44 PM IST
राकेश पांडेय
basti
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:44 PM IST
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वीवीपैट की जानकारी दी गई।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। लोकसभा चुनाव-2019 के मतदान में ऐसी ईवीएम इस्तेमाल की जाएगी, जिसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पहले से प्रमाणित होगी। टेंपर प्रूफ तकनीक से युक्त एम-3 टाइप की वोटिंग मशीन किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते ही काम करना बंद कर देगी। उसी क्षण वोटिंग प्रक्रिया रुक जाएगी।
सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम डॉ. राजशेखर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके ईवीएम और वीवीपीएटी के काम करने के तरीके बताने के साथ ही लाइव डेमो भी कराके दिखाया। जिले में इसके लिए पहले ही 2885 नई कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 3900 बैलट यूनिट (बीयू) आ चुकी थी। एम-3 मॉडल की ये मशीनें बंगलूरू के इलेक्ट्रॉनिक कॉरर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड संयंत्र में तैयार हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें सेल्फ डायग्नोसिस युक्त सॉफ्टवेयर हैं जो सिस्टम में आई किसी भी गड़बड़ी की पहचान कर तुरंत डिस्प्ले पर मैसेज देने लगेंगे। कंट्रोल और बैलेट यूनिट एक-दूसरे से जुड़े होंगे। अगर बाहर से मशीन में कंट्रोल या बैलेट यूनिट लगाने की कोशिश की गई तो डिजिटल सिग्नेचर का मिलान करेगी। यदि मिस मैच हुआ तो सिस्टम काम करना बंद कर देगा।
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सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम डॉ. राजशेखर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके ईवीएम और वीवीपीएटी के काम करने के तरीके बताने के साथ ही लाइव डेमो भी कराके दिखाया। जिले में इसके लिए पहले ही 2885 नई कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 3900 बैलट यूनिट (बीयू) आ चुकी थी। एम-3 मॉडल की ये मशीनें बंगलूरू के इलेक्ट्रॉनिक कॉरर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड संयंत्र में तैयार हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें सेल्फ डायग्नोसिस युक्त सॉफ्टवेयर हैं जो सिस्टम में आई किसी भी गड़बड़ी की पहचान कर तुरंत डिस्प्ले पर मैसेज देने लगेंगे। कंट्रोल और बैलेट यूनिट एक-दूसरे से जुड़े होंगे। अगर बाहर से मशीन में कंट्रोल या बैलेट यूनिट लगाने की कोशिश की गई तो डिजिटल सिग्नेचर का मिलान करेगी। यदि मिस मैच हुआ तो सिस्टम काम करना बंद कर देगा।
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