{"_id":"5a8dc2114f1c1b462c8b9560","slug":"wandering-tortured-on-the-road-people-watching","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर तड़पता रहा घायल, देखते रहे लोग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सड़क पर तड़पता रहा घायल, देखते रहे लोग
बस्ती, उत्तर प्रदेश्ा
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
घ्ाायल
- फोटो : बस्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर बाजार (बस्ती)। फोरलेन पर फुटहिया स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर के डायवर्जन पर बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे 50 वर्षीय साइकिल सवार को किसी वाहन ने चपेट में ले लिया। हाइवे के किनारे करीब 20 मिनट तक वह पड़ा तड़पता रहा। बगल से सैैकड़ों भारी,मध्यम, छोटे चार पहिया वाहन ही नहीं बाइक और साइकिल वाले गुजरते रहे। सुबह नौ बजकर 14 मिनट पर सौ नंबर को सूचना दी गई। आठ मिनट के भीतर नौ बजकर 22 मिनट पर जब यूपी-100 टीम पहुंची,तब तक घायल की मौत हो चुकी थी। पुलिस शिनाख्त करने की कोशिश करती रही लेकिन कामयाब नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक डीके मिश्र का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अगर शिनाख्त नहीं हुई तो लावारिश मानकर नियमानुसार अंतिम संस्कार करा दिया जाएगा।
- व्यवस्था से जुड़े सरकारी या गैर सरकारी व्यक्ति पर तपाक से कुछ भी आरोप लगाने वालों के लिए यह घटना आइना दिखाने के समान है। आम तौर पर पुलिस-प्रशासन को कोसने वाले खुद कितनी संवेनशीलता दिखाते हैं, इसकी भी झलक फुटहिया की घटना से मिल गई। घायल को अस्पताल पहुंचाने की बात तो दूर, 20 मिनट तक किसी ने टोल-फ्री सौ नंबर पर पुलिस को सूचना तक नहीं दिया।
- साइकिल के कैरियर पर प्लास्टिक की बोरी बंधी रह गई। जिसमें चूड़ा रखा था। साथ में एक प्लास्टिक के डिब्बे में दही भी बोरी में रखी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कैरियर पर बोरी बंधी मिली। नगर के थानेदार डीके मिश्र का कहना है कि मृतक के हुलिया से प्रतीत होता है कि वह यहीं किसी गांव का होगा। उसके कैरियर पर बोरी में रखे सामान से लग रहा है कि कहीं न्योता करने जाते समय हादसा हुआ।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार दो हजार रुपये नकद पुरस्कार देने जा रही है। एसपी संकल्प शर्मा के अनुसार पुलिस या कोई भी एजेंसी घायल पड़े किसी भी शख्स को निकट के अस्पताल में पहुंचाने वाले से पूछताछ नहीं करेगी। वह चाहे तो अपनी पहचान बताए और न चाहे तो उससे कोई उस पर जोर नहीं डाल सकता। एसपी के अनुसार अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा स्तर से भेजे प्रस्ताव पर सरकार की सैद्घांतिक मुहर लग चुकी है। सड़क सुरक्षा सेल को बजट मिलते ही घायलों की मदद करने वाले के अकाउंट में दो हजार की धनराशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी।
विज्ञापन
- व्यवस्था से जुड़े सरकारी या गैर सरकारी व्यक्ति पर तपाक से कुछ भी आरोप लगाने वालों के लिए यह घटना आइना दिखाने के समान है। आम तौर पर पुलिस-प्रशासन को कोसने वाले खुद कितनी संवेनशीलता दिखाते हैं, इसकी भी झलक फुटहिया की घटना से मिल गई। घायल को अस्पताल पहुंचाने की बात तो दूर, 20 मिनट तक किसी ने टोल-फ्री सौ नंबर पर पुलिस को सूचना तक नहीं दिया।
विज्ञापन
- साइकिल के कैरियर पर प्लास्टिक की बोरी बंधी रह गई। जिसमें चूड़ा रखा था। साथ में एक प्लास्टिक के डिब्बे में दही भी बोरी में रखी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कैरियर पर बोरी बंधी मिली। नगर के थानेदार डीके मिश्र का कहना है कि मृतक के हुलिया से प्रतीत होता है कि वह यहीं किसी गांव का होगा। उसके कैरियर पर बोरी में रखे सामान से लग रहा है कि कहीं न्योता करने जाते समय हादसा हुआ।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार दो हजार रुपये नकद पुरस्कार देने जा रही है। एसपी संकल्प शर्मा के अनुसार पुलिस या कोई भी एजेंसी घायल पड़े किसी भी शख्स को निकट के अस्पताल में पहुंचाने वाले से पूछताछ नहीं करेगी। वह चाहे तो अपनी पहचान बताए और न चाहे तो उससे कोई उस पर जोर नहीं डाल सकता। एसपी के अनुसार अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा स्तर से भेजे प्रस्ताव पर सरकार की सैद्घांतिक मुहर लग चुकी है। सड़क सुरक्षा सेल को बजट मिलते ही घायलों की मदद करने वाले के अकाउंट में दो हजार की धनराशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी।