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कार खरीदने गए थे वाराणसी, हादसे ने छिन ली जिंदगी
basti
Updated Wed, 16 May 2018 11:25 PM IST
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भैरोनाथ की मौत के बाद रोते-बिलखते घरवाले।
- फोटो : amar ujala
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रुधौली/भानपुर (बस्ती)। सेवानिवृत कानूनगो भैरोनाथ (60) अपनी भतीजी के तिलक में अपनी नई कार से जाना चाहते थे। इसके लिए वे चार दिन पहले वाराणसी में ब्याही बेटी अनीता के पास पहुंचे और मंगलवार को अधिवक्ता दामाद राजेश भाष्कर के साथ एजेंसी से कार खरीदी और दोनों बस्ती के लिए निकल पड़े, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वे कार समेत वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के शिकार हो गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दामाद गंभीर हाल में अस्पताल में भर्ती हैं।
भैरोनाथ की भतीजी का 17 मई को तिलकोत्सव था। इसमें वे नई कार से जाना चाहते थे, लेकिन परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। शहर के मड़वानगर स्थित आवास में भैरोनाथ के भाई ने बताया कि राजेश काफी देर मलबे के नीचे दबे रहे। बाद में कार की बॉडी काटकर उन्हें बाहर निकाला गया। उनकी हालत नाजुक है। सूचना मिलते ही मड़वानगर और पैतृक निवास हटवा बाजार में कोहराम मच गया। रुधौली व भानपुर तहसील प्रतिनिधि के मुताबिक भैरोनाथ चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़े गनपत, दूसरे नंबर के हरिदीन के अलावा सबसे छोटे भाई द्वारपाल का परिवार शादी की तैयारी में जुटा था, जो अब मातम में बदल चुका है।
भैरोनाथ के हैं दो बेटे
- भैरोनाथ के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अश्विनी (32) संतकबीरनगर के बेलहर ब्लॉक में सफाई कर्मी है। उसकी पत्नी छाया गांव के हटवा प्राइमरी स्कूल में शिक्षा मित्र है। छोटा बेटा संजय (30) रुधौली ब्लॉक में रोजगार सेवक है।
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फरवरी में हुए थे सेवानिवृत्त
भानपुर। राजस्व निरीक्षक पद से 28 फरवरी को सेवानिवृत हुए भैरोनाथ के मौत की खबर बुधवार को तहसील में पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया। तहसीलदार जसीम अहमद की अध्यक्षता में तहसील कर्मियों और अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्वाजंलि दी। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक राम अचल शर्मा, राघव शुक्ला, अर्जुन वर्मा, सराफत अली के साथ अधिवक्ता बृजलेश्वरी सिंह, जगप्रसाद पांडेय, राजेश त्रिपाठी, मार्कंडेय मिश्रा, केपी सिंह, राजेश वरूण, इन्द्रजीत चौधरी सहित सभी तहसील कर्मी मौजूद थे।
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भैरोनाथ की भतीजी का 17 मई को तिलकोत्सव था। इसमें वे नई कार से जाना चाहते थे, लेकिन परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। शहर के मड़वानगर स्थित आवास में भैरोनाथ के भाई ने बताया कि राजेश काफी देर मलबे के नीचे दबे रहे। बाद में कार की बॉडी काटकर उन्हें बाहर निकाला गया। उनकी हालत नाजुक है। सूचना मिलते ही मड़वानगर और पैतृक निवास हटवा बाजार में कोहराम मच गया। रुधौली व भानपुर तहसील प्रतिनिधि के मुताबिक भैरोनाथ चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। सबसे बड़े गनपत, दूसरे नंबर के हरिदीन के अलावा सबसे छोटे भाई द्वारपाल का परिवार शादी की तैयारी में जुटा था, जो अब मातम में बदल चुका है।
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भैरोनाथ के हैं दो बेटे
- भैरोनाथ के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अश्विनी (32) संतकबीरनगर के बेलहर ब्लॉक में सफाई कर्मी है। उसकी पत्नी छाया गांव के हटवा प्राइमरी स्कूल में शिक्षा मित्र है। छोटा बेटा संजय (30) रुधौली ब्लॉक में रोजगार सेवक है।
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फरवरी में हुए थे सेवानिवृत्त
भानपुर। राजस्व निरीक्षक पद से 28 फरवरी को सेवानिवृत हुए भैरोनाथ के मौत की खबर बुधवार को तहसील में पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया। तहसीलदार जसीम अहमद की अध्यक्षता में तहसील कर्मियों और अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्वाजंलि दी। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक राम अचल शर्मा, राघव शुक्ला, अर्जुन वर्मा, सराफत अली के साथ अधिवक्ता बृजलेश्वरी सिंह, जगप्रसाद पांडेय, राजेश त्रिपाठी, मार्कंडेय मिश्रा, केपी सिंह, राजेश वरूण, इन्द्रजीत चौधरी सहित सभी तहसील कर्मी मौजूद थे।