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अवसाद में डूबे युवक ने फंदा लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:49 PM IST
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गांधीनगर में त्रिपाठी चित्र मंदिर के गली में अनिकेत कोहली की मौत के बाद लगी की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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बस्ती। एकाकी जिंदगी गुजार रहे 24 वर्षीय युवक ने घर में गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना शहर के व्यस्ततम गांधीनगर पुलिस चौकी के पीछे त्रिपाठी गली की है। जहां के 24 अनिकेत कोहली पुत्र संदीप कोहली ने अपने घर में गमछे से फंदा बनाकर इहलीला समाप्त कर ली।
कुछ देर बाद पहुंचे दोस्तों ने अधखुले दरवाजे से अंद गए तो अनिकेत की शरीर लटकी देख हिल गए। खबर मिलते ही कोतवाल विजयेंद्र सिंह पहुंचे और उन्हें जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली थाने के गांधीनगर एरिया में मकान बनाकर पीड़ियों से रह रहे संदीप कोहली टैक्सी-ट्रक चलवाते थे। करीब तीन साल पहले संदीप का बिजनेस ठप पड़ गया। कुछ दिन में संदीप की मौत हो गई। इसके बाद परिवार जबरदस्त तंगी का शिकार हो गया। मुश्किल दिनों में परिवार का साथ देने के बजाए संदीप को उनकी पत्नी छोड़कर किसी दूसरे के साथ चली गई।
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इसके बाद अनिकेत एक दम तनहा हो गया। उसके दोस्तों का कहना है कि कोई रोजगार न होने से उसका जरूरी खर्च भी मुश्किल से निकल पाता था। देरशाम वह कहीं से अचानक घर पहुंचे। मेन दरवाजा अंदर से बंद करने के बजाए अनिकेत सिर्फ हल्का सा ढकेल कर गमछे का फंदा लगा दिया।
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कुछ देर बाद पहुंचे दोस्तों ने अधखुले दरवाजे से अंद गए तो अनिकेत की शरीर लटकी देख हिल गए। खबर मिलते ही कोतवाल विजयेंद्र सिंह पहुंचे और उन्हें जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कोतवाली थाने के गांधीनगर एरिया में मकान बनाकर पीड़ियों से रह रहे संदीप कोहली टैक्सी-ट्रक चलवाते थे। करीब तीन साल पहले संदीप का बिजनेस ठप पड़ गया। कुछ दिन में संदीप की मौत हो गई। इसके बाद परिवार जबरदस्त तंगी का शिकार हो गया। मुश्किल दिनों में परिवार का साथ देने के बजाए संदीप को उनकी पत्नी छोड़कर किसी दूसरे के साथ चली गई।
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इसके बाद अनिकेत एक दम तनहा हो गया। उसके दोस्तों का कहना है कि कोई रोजगार न होने से उसका जरूरी खर्च भी मुश्किल से निकल पाता था। देरशाम वह कहीं से अचानक घर पहुंचे। मेन दरवाजा अंदर से बंद करने के बजाए अनिकेत सिर्फ हल्का सा ढकेल कर गमछे का फंदा लगा दिया।