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व्यापारी की हालत बिगड़ी, जांच सीओ सिटी को
basti
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:37 PM IST
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crime scene
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बस्ती। रविवार को पुलिस और व्यापारियों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस की पिटाई से घायल व्यापारी रतन जायसवाल की हालत बिगड़ती जा रही है। इसा मामला बिगड़ता देख पुलिस भी बैकफुट पर आती दिख रही है। सोमवार को एसपी संकल्प शर्मा ने सीओ सिटी पवन गौतम को जांच का आदेश दिया है। बकौल एसपी सीओ सिटी को इस बात की जांच करने के लिए कहा है कि उस समय पुलिस का रवैया कैसा था। व्यापारी से किन परिस्थितियों में विवाद बढ़ा। इसकी गहन जांच होगी। जिसकी भूमिका जैसी होगी, उसके विरुद्ध उसी हिसाब से कार्रवाई होगी।
उधर, जायसवाल के परिवार वालों का बताना है कि उनके एक्सरे में कंधे और गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर होने से वह काफी तकलीफ में हैं। केजीएमसी लखनऊ में सोमवार को उनका सीटी स्कैन कराया गया। इधर, हिरासत में लिए गए रतन के दो भाइयों और एक अन्य का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया। पूरे मामले में पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है। सबका कहना है कि एसओ ने खुद विवाद बढ़ाने की कोशिश की।
नागरिकों का कहना है कि पुलिस थोड़ा संयम भी बरत लेती तो इतनी फजीहत न हुई होती। थानेदार को न तो अपने ही थाने में ही पिटने की नौबत आती न ही व्यापारी थाने में घुसकर दो-दो हाथ करने की हिमाकत करते। मगर थानेदार की अकड़ और बदमिजाजी ने दुकानदारों को कानून हाथ में लेने पर मजबूर किया। घर के सामने खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर एसओ अनिल दुबे की मोबाइल व्यवसायी रतन जायसवाल से बहस होने लगी। रतन अपनी गाड़ी हटवाने के बाद एसओ के पास पहुंचे और उनसे भी अपनी गाड़ी हटाने के लिए कहे। इस पर एसओ ने उन्हें तमाचा मार दिया। इतने पर भी वह नहीं रुके, बल्कि रतन को गाड़ी में बैठाकर हडिया चौकी लेकर गए। आरोप है कि वहां पीटने के बाद थाने लेकर आए और वहां भी पीटा। पुलिस की पिटाई से रतन की हालत बिगड़ने लगी और जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। वहां से डॉक्टरों ने केजीएमसी लखनऊ रेफर कर दिया।
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पहले भी करा चुके फजीहत
पॉलीटेक्निक चौराहे पर एक्सीडेंट में छात्रा की मौत के बाद हंगामा बढ़ने के पीछे मुकामी पुलिस की नाकामी सबने देखी। अब यह दूसरा वाकया है जब ऐसा हुआ। ऐन वक्त पर गलत फैसला लेने की वजह से उस दिन भी छात्रों में गुस्सा भड़का था। एसओ मौके पर पहुंचे थे लेकिन वह हल्के में लेकर इधर-उधर टालमटोल करने लगे थे। इसके बाद मामला बिगड़ता चला गया। इस बार भी मामूली बात को इतना बढ़ाते चले गए कि पुलिस को लाज बचाते नहीं बन रहा है।
घर के सामने किया अपमानित
पुरानी बस्ती के व्यापारियों का गुस्सा इसलिए ज्यादा भड़का, क्योंकि एसओ ने दुकानदार के घर के सामने अपमानित करने की चेष्टा की। जिस जगह यह विवाद हुआ, वह शहर की सबसे प्रमुख गल्ला और किराना मंडी है। दिन-रात वहां ट्रक-डीसीएम जैसे माल ढोने वाले बड़े वाहन आते-जाते हैं। जहां जाम लगना आम बात है। ऐसे में एसओ के इस तरह से भड़कने से वे हैरान थे। कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि उस समय रतन जायसवाल के रिश्तेदार आए थे। उनकी गाड़ी भी बाहर खड़ी थी। मगर जब विवाद होने लगा तो रिश्तेदार ने खुद ही अपनी गाड़ी रोड से दूर खड़ी कर दी। इसके बावजूद एसओ नहीं माने।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
पुरानी बस्ती पांडेय बाजार पुलिस चौकी से सीधे पॉलीटेक्निक चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क पर बाएं तरफ रतन जायसवाल की मोबाइल की दुकान है। रविवार शाम को पुरानी बस्ती एसओ हमराहियों के साथ रूटीन गश्त पर निकले। एसओ के अनुसार रतन की दुकान के सामने चार पहिया गाड़ियां रोड पर खड़ी थीं। एसओ उन्हें हटवाने लगे। इसी दौरान दुकानदार रतन जायसवाल से बहस बढ़ने लगी। उन्हें थाने ले जाने के बाद बवाल ज्यादा बढ़ा। उनकी मां पुलिस से अकारण पिटाई का जवाब मांग रही थीं, तभी थाने में हंगामा शुरू हो गया।
व्यापारियों से अभद्रता की निंदा
बस्ती। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पांडेय बाजार में व्यापारी के साथ हुई घटना को भाजपा और हियुवा के पदाधिकारियों ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भाजपा नेता राजेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि योगी सरकार को पुलिस पूर्वाग्रह से युक्त होकर बदनाम कर रही है। पुलिस का नजरिया आम जनमानस के प्रति ठीक नहीं है। हियुवा के जिलाध्यक्ष अज्जू हिन्दूस्थानी ने पुलिस पर सरकार की मंशा के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाया है। कहा कि कोई गलती करता है तो कानून के मुताबिक केस दर्ज करके कार्रवाई करें। निर्दोष को अपराधी बनाना ठीक नहीं। नेताओं ने ये बातें व्यापारियों से मुलाकात के दौरान कहीं। कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत सीएम से की जाएगी।
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उधर, जायसवाल के परिवार वालों का बताना है कि उनके एक्सरे में कंधे और गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर होने से वह काफी तकलीफ में हैं। केजीएमसी लखनऊ में सोमवार को उनका सीटी स्कैन कराया गया। इधर, हिरासत में लिए गए रतन के दो भाइयों और एक अन्य का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया। पूरे मामले में पुलिस की खासी किरकिरी हो रही है। सबका कहना है कि एसओ ने खुद विवाद बढ़ाने की कोशिश की।
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नागरिकों का कहना है कि पुलिस थोड़ा संयम भी बरत लेती तो इतनी फजीहत न हुई होती। थानेदार को न तो अपने ही थाने में ही पिटने की नौबत आती न ही व्यापारी थाने में घुसकर दो-दो हाथ करने की हिमाकत करते। मगर थानेदार की अकड़ और बदमिजाजी ने दुकानदारों को कानून हाथ में लेने पर मजबूर किया। घर के सामने खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर एसओ अनिल दुबे की मोबाइल व्यवसायी रतन जायसवाल से बहस होने लगी। रतन अपनी गाड़ी हटवाने के बाद एसओ के पास पहुंचे और उनसे भी अपनी गाड़ी हटाने के लिए कहे। इस पर एसओ ने उन्हें तमाचा मार दिया। इतने पर भी वह नहीं रुके, बल्कि रतन को गाड़ी में बैठाकर हडिया चौकी लेकर गए। आरोप है कि वहां पीटने के बाद थाने लेकर आए और वहां भी पीटा। पुलिस की पिटाई से रतन की हालत बिगड़ने लगी और जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। वहां से डॉक्टरों ने केजीएमसी लखनऊ रेफर कर दिया।
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पॉलीटेक्निक चौराहे पर एक्सीडेंट में छात्रा की मौत के बाद हंगामा बढ़ने के पीछे मुकामी पुलिस की नाकामी सबने देखी। अब यह दूसरा वाकया है जब ऐसा हुआ। ऐन वक्त पर गलत फैसला लेने की वजह से उस दिन भी छात्रों में गुस्सा भड़का था। एसओ मौके पर पहुंचे थे लेकिन वह हल्के में लेकर इधर-उधर टालमटोल करने लगे थे। इसके बाद मामला बिगड़ता चला गया। इस बार भी मामूली बात को इतना बढ़ाते चले गए कि पुलिस को लाज बचाते नहीं बन रहा है।
घर के सामने किया अपमानित
पुरानी बस्ती के व्यापारियों का गुस्सा इसलिए ज्यादा भड़का, क्योंकि एसओ ने दुकानदार के घर के सामने अपमानित करने की चेष्टा की। जिस जगह यह विवाद हुआ, वह शहर की सबसे प्रमुख गल्ला और किराना मंडी है। दिन-रात वहां ट्रक-डीसीएम जैसे माल ढोने वाले बड़े वाहन आते-जाते हैं। जहां जाम लगना आम बात है। ऐसे में एसओ के इस तरह से भड़कने से वे हैरान थे। कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि उस समय रतन जायसवाल के रिश्तेदार आए थे। उनकी गाड़ी भी बाहर खड़ी थी। मगर जब विवाद होने लगा तो रिश्तेदार ने खुद ही अपनी गाड़ी रोड से दूर खड़ी कर दी। इसके बावजूद एसओ नहीं माने।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
पुरानी बस्ती पांडेय बाजार पुलिस चौकी से सीधे पॉलीटेक्निक चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क पर बाएं तरफ रतन जायसवाल की मोबाइल की दुकान है। रविवार शाम को पुरानी बस्ती एसओ हमराहियों के साथ रूटीन गश्त पर निकले। एसओ के अनुसार रतन की दुकान के सामने चार पहिया गाड़ियां रोड पर खड़ी थीं। एसओ उन्हें हटवाने लगे। इसी दौरान दुकानदार रतन जायसवाल से बहस बढ़ने लगी। उन्हें थाने ले जाने के बाद बवाल ज्यादा बढ़ा। उनकी मां पुलिस से अकारण पिटाई का जवाब मांग रही थीं, तभी थाने में हंगामा शुरू हो गया।
व्यापारियों से अभद्रता की निंदा
बस्ती। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पांडेय बाजार में व्यापारी के साथ हुई घटना को भाजपा और हियुवा के पदाधिकारियों ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भाजपा नेता राजेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि योगी सरकार को पुलिस पूर्वाग्रह से युक्त होकर बदनाम कर रही है। पुलिस का नजरिया आम जनमानस के प्रति ठीक नहीं है। हियुवा के जिलाध्यक्ष अज्जू हिन्दूस्थानी ने पुलिस पर सरकार की मंशा के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाया है। कहा कि कोई गलती करता है तो कानून के मुताबिक केस दर्ज करके कार्रवाई करें। निर्दोष को अपराधी बनाना ठीक नहीं। नेताओं ने ये बातें व्यापारियों से मुलाकात के दौरान कहीं। कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत सीएम से की जाएगी।