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Palwal News: मेवात में 70% गो तस्करी पर ब्रेक
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रिजवान खान
नूंह। गो तस्करी के लिए बदनाम रहे मेवात में अब पुलिस की सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। गो तस्करी के खिलाफ नूंह पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा है कि तस्करों के हौसले पस्त होने लगे हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन की रणनीति के तहत पिछले करीब तीन महीनों से चल रहे अभियान में पुलिस ने गो तस्करी के नेटवर्क पर लगातार चोट की है। नाकाबंदी से लेकर संदिग्ध वाहनों की धरपकड़ और मुठभेड़ों तक पुलिस ने तस्करों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार मई से अगस्त के बीच जिले में गो तस्करों के साथ कई मुठभेड़ हुईं। इनमें कई आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए, जबकि उनके कब्जे से बड़ी संख्या में गोवंश, अवैध हथियार, कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहन बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि अभियान के परिणामस्वरूप नूंह जिले का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र गो तस्करी से मुक्त कराया जा चुका है।
तस्करी वाले रूटों पर बढ़ाई निगरानी
गो तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने केवल सूचना मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों और तस्करी के संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। नाकाबंदी, रात्रि गश्त और संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ अपराध जांच शाखा की टीमों को भी सक्रिय किया गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नूंह-तावडू रोड, फिरोजपुर झिरका क्षेत्र और पहाड़ी इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। इसी दौरान कई बार तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल होकर पकड़े गए।
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कोट
गो तस्करी और गो हत्या किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। जिले में गो तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के चलते तस्करों के बीच भय का माहौल बना है और जिले के बड़े हिस्से में गो तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगा है। -डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, नूंह
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नूंह। गो तस्करी के लिए बदनाम रहे मेवात में अब पुलिस की सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। गो तस्करी के खिलाफ नूंह पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा है कि तस्करों के हौसले पस्त होने लगे हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन की रणनीति के तहत पिछले करीब तीन महीनों से चल रहे अभियान में पुलिस ने गो तस्करी के नेटवर्क पर लगातार चोट की है। नाकाबंदी से लेकर संदिग्ध वाहनों की धरपकड़ और मुठभेड़ों तक पुलिस ने तस्करों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार मई से अगस्त के बीच जिले में गो तस्करों के साथ कई मुठभेड़ हुईं। इनमें कई आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए, जबकि उनके कब्जे से बड़ी संख्या में गोवंश, अवैध हथियार, कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहन बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि अभियान के परिणामस्वरूप नूंह जिले का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र गो तस्करी से मुक्त कराया जा चुका है।
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तस्करी वाले रूटों पर बढ़ाई निगरानी
गो तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने केवल सूचना मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों और तस्करी के संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। नाकाबंदी, रात्रि गश्त और संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ अपराध जांच शाखा की टीमों को भी सक्रिय किया गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नूंह-तावडू रोड, फिरोजपुर झिरका क्षेत्र और पहाड़ी इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। इसी दौरान कई बार तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल होकर पकड़े गए।
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गो तस्करी और गो हत्या किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। जिले में गो तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के चलते तस्करों के बीच भय का माहौल बना है और जिले के बड़े हिस्से में गो तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगा है। -डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, नूंह