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कब्जा हटाने पहुंची एसडीएम की टीम बैंरंग वापस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2016 12:39 AM IST
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परशुरामपुर। थाना क्षेत्र के सेहरिया गांव में अतिक्रमण हटाने आई राजस्व
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विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। जिस तालाब की जमीन पर आटा-चक्की लगाकर
अतिक्रमण की शिकायत की है, वह जमीन बंजर की निकली। इस दौरान करीब तीन घंटे
तक गांव में गहमागहमी का माहौल रहा। पुलिस फोर्स भी मौके पर जमी रही।
सेहरिया गांव के रहने वाले किसी व्यक्ति ने एसडीएम हर्रैया से शिकायत की थी कि गांव के हृदयराम ने तालाब की जमीन पर आटा चक्की लगा रखी है। इस शिकायत के बाद राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश की तो पता चला कि आटा चक्की तालाब की जमीन पर नहीं, बल्कि बंजर भूमि पर स्थापित है। टीम ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी।
इस जमीन को लेकर चार साल से विवाद चल रहा है। चार साल पहले हृदयराम ने इस जमीन पर अपना रिहायशी कब्जा बताते हुए जमीन को अपने नाम करने के लिए वाद दाखिल किया था। वह मामला एसडीएम हर्रैया के यहां अभी लंबित है। इसी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर रविवार को टीम पहुंची थी।
दिन में साढ़े 11 बजे एसडीएम हर्रैया आरबी सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, राजस्व निरीक्षक घनश्याम वर्मा सहित कई राजस्वकर्मियों की टीम सेहरिया गांव पहुंच गई। वहां हृदयराम के आटा चक्की को हटाने की बात हुई तो हृदयराम ने अपने अभिलेखों को एसडीएम के सामने रख दिया। कहा कि मामले में केस दाखिल है। ऐसे में अतिक्रमण का मामला बनता ही नहीं। टीम ढाई बजे तक गांव में रही। एसओ परशुरामपुर पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
सेहरिया गांव के रहने वाले किसी व्यक्ति ने एसडीएम हर्रैया से शिकायत की थी कि गांव के हृदयराम ने तालाब की जमीन पर आटा चक्की लगा रखी है। इस शिकायत के बाद राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश की तो पता चला कि आटा चक्की तालाब की जमीन पर नहीं, बल्कि बंजर भूमि पर स्थापित है। टीम ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को दे दी।
इस जमीन को लेकर चार साल से विवाद चल रहा है। चार साल पहले हृदयराम ने इस जमीन पर अपना रिहायशी कब्जा बताते हुए जमीन को अपने नाम करने के लिए वाद दाखिल किया था। वह मामला एसडीएम हर्रैया के यहां अभी लंबित है। इसी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर रविवार को टीम पहुंची थी।
दिन में साढ़े 11 बजे एसडीएम हर्रैया आरबी सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, राजस्व निरीक्षक घनश्याम वर्मा सहित कई राजस्वकर्मियों की टीम सेहरिया गांव पहुंच गई। वहां हृदयराम के आटा चक्की को हटाने की बात हुई तो हृदयराम ने अपने अभिलेखों को एसडीएम के सामने रख दिया। कहा कि मामले में केस दाखिल है। ऐसे में अतिक्रमण का मामला बनता ही नहीं। टीम ढाई बजे तक गांव में रही। एसओ परशुरामपुर पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।