{"_id":"5cddabcabdec22074d53bc9b","slug":"a-boy-died-by-a-wall-fell","type":"story","status":"publish","title_hn":"नींव की दीवार ढहने से मासूम की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नींव की दीवार ढहने से मासूम की मौत
Thu, 16 May 2019 11:58 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 16 May 2019 11:58 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के हरखोलिया उर्फ छोटी मटियरिया में बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे नींव की दीवार धंसकर ढह गई। जिसके नीचे चार बच्चे दब गए। सभी को पीएचसी कुदरहा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनमें से तीन वर्ष के किशन को मृत घोषित कर दिया। जबकि सात वर्ष की बालिका सोनी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
छोटी मटियरिया के रमेश राजभर की बेटी की शुक्रवार 17 मई को संतकबीरनगर जिले के महुली से बारात आनी है। घर के सामने जहां बारातियों को ठहरने का प्रबंध किया गया था, वहां दीवार थी। जिसकी नींव के पास मिट्टी हट गई थी। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को पंपिंग सेट लगाकर उसी नींव में पानी भर रहे थे, ताकि बारात आने पर धूल-मिट्टी न उड़े। पानी भरते जाने से करीब पांच फीट ऊंची एक तरफ की दीवार एकाएक ढह गई। जिस समय दीवार ढही उस वक्त दीवार के ऊपर रमेश के पट्टीदार मनोज राजभर का तीन वर्षीय बेटा किशन, सात वर्ष की बेटी सोनी के अलावा गांव के राम जीत की पांच वर्ष की बेटी आंचल और राम आशीष की सात वर्षीय बेटी काजल बैठी हुई थीं। सभी बच्चे मलबे में दब गए थे। लेकिन किशन और सोनी के ऊपर ईंट और ज्यादा मिट्टी लद गई थी।
विज्ञापन
छोटी मटियरिया के रमेश राजभर की बेटी की शुक्रवार 17 मई को संतकबीरनगर जिले के महुली से बारात आनी है। घर के सामने जहां बारातियों को ठहरने का प्रबंध किया गया था, वहां दीवार थी। जिसकी नींव के पास मिट्टी हट गई थी। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को पंपिंग सेट लगाकर उसी नींव में पानी भर रहे थे, ताकि बारात आने पर धूल-मिट्टी न उड़े। पानी भरते जाने से करीब पांच फीट ऊंची एक तरफ की दीवार एकाएक ढह गई। जिस समय दीवार ढही उस वक्त दीवार के ऊपर रमेश के पट्टीदार मनोज राजभर का तीन वर्षीय बेटा किशन, सात वर्ष की बेटी सोनी के अलावा गांव के राम जीत की पांच वर्ष की बेटी आंचल और राम आशीष की सात वर्षीय बेटी काजल बैठी हुई थीं। सभी बच्चे मलबे में दब गए थे। लेकिन किशन और सोनी के ऊपर ईंट और ज्यादा मिट्टी लद गई थी।
विज्ञापन