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अलाव में धमाका,सात बालक झुलसे
Sun, 17 Feb 2019 10:51 PM IST
राकेश पांडेय
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 17 Feb 2019 10:51 PM IST
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पटाखा प्रिव्यू
- फोटो : SELF
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गौर (बस्ती)। क्षेत्र के हलुआ बाजार में रविवार दोपहर बाद अलाव तापते समय धमाका हो गया, जिसकी चपेट में आकर गांव के सात बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। सभी बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हलुआ बाजार की बाग के पास कुछ बच्चे फेंके हुए बुझे पटाखे इकट्ठा करके दिन के करीब तीन बजे अलाव बनाकर तापने लगे। तभी उसमें से विस्फोट होने लगा। इससे हलुआ निवासी अभिषेक (12) पुत्र राम सूरत, अंशिका (9) पुत्री राम नेवास, गरिमा (8) पुत्र हनुमान, अयान (4) पुत्र गुलाम हुसैन व अंजली (6) प्रियांशु (4) आकाश (8) पुत्र लालजी आदि गंभीर रूप से झुलस गए।
लगातार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन धुआं इतना तेज था कि लोग समझ नहीं सके कि हुआ क्या है। प्रत्यक्षदर्शी रामचंद्र वर्मा व रामजन्म ने बताया काफी देर बाद लोगों को मासूम बच्चों के झुलसने की जानकारी हुई। फौरन उन्हें निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां एंबुलेंस बुलाकर गौर सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टर ने रेफर कर दिया। 13 फरवरी को कस्बे में बारात आई थी। जिसमें फोड़े गए पटाखे पास के गड्ढे में फेंक दिए गए थे। इससे पहले दो नवंबर 2018 को बभनान कस्बे के लक्ष्मी बाई नगर वार्ड में भी पटाखे के धमाके से तीन वर्षीय शाहिदा की जान चली गई थी। जबकि कई लोग झुलस हो गए थे।
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हलुआ बाजार की बाग के पास कुछ बच्चे फेंके हुए बुझे पटाखे इकट्ठा करके दिन के करीब तीन बजे अलाव बनाकर तापने लगे। तभी उसमें से विस्फोट होने लगा। इससे हलुआ निवासी अभिषेक (12) पुत्र राम सूरत, अंशिका (9) पुत्री राम नेवास, गरिमा (8) पुत्र हनुमान, अयान (4) पुत्र गुलाम हुसैन व अंजली (6) प्रियांशु (4) आकाश (8) पुत्र लालजी आदि गंभीर रूप से झुलस गए।
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लगातार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन धुआं इतना तेज था कि लोग समझ नहीं सके कि हुआ क्या है। प्रत्यक्षदर्शी रामचंद्र वर्मा व रामजन्म ने बताया काफी देर बाद लोगों को मासूम बच्चों के झुलसने की जानकारी हुई। फौरन उन्हें निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां एंबुलेंस बुलाकर गौर सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टर ने रेफर कर दिया। 13 फरवरी को कस्बे में बारात आई थी। जिसमें फोड़े गए पटाखे पास के गड्ढे में फेंक दिए गए थे। इससे पहले दो नवंबर 2018 को बभनान कस्बे के लक्ष्मी बाई नगर वार्ड में भी पटाखे के धमाके से तीन वर्षीय शाहिदा की जान चली गई थी। जबकि कई लोग झुलस हो गए थे।
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