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अगया में दीवार ढही, मासूम समेत दो की मौत
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:28 AM IST
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अगया में दीवार ढही, मासूम समेत दो की मौत
सोमवार की भोर में हादसा, पोता, पोती और बाबा मलबे में दबे
घटनास्थल पर पोती की मौत, इलाज के दौरान बाबा ने दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
परशुरामपुर। क्षेत्र के अगया गांव में सोमवार भोर में कच्ची दीवार ढह जाने से बाबा और पोती की मौत हो गई। जबकि मलबे में दबे पोते की हालत गंभीर है।
क्षेत्र के अगया गांव के देवतादीन का घर छप्पर का है जबकि दीवारें मिट्टी से बनाई गई हैं। रविवार की रात में खान खाकर सब लोग सो गए थे। 55 वर्षीय देवतादीन अपने पोते छह वर्षीय अंकुश पुत्र प्रेमनरायन के साथ एक चारपाई पर तथा थोड़ी दूर पर दूसरी चारपाई पर प्रेमनरायन की बेटी नौ वर्षीय कोमल सो रही थी। कोमल दीवार के एकदम किनारे थी। सोमवार की भोर में करीब तीन बजे लगभग 40 वर्ष पुरानी मिट्टी की दीवार ढह गई। जबकि पीछे की दीवार तथा आगे के बांस के सहारे छप्पर टंगा रह गया। दीवार के मलबे में कोमल, देवतादीन तथा अंकुश दब गए। दीवार के करीब होने के चलते भारी हिस्सा कोमल की चारपाई पर पड़ा। दीवार गिरने तथा चीख-पुकार सुनकर प्रेमनरायन तथा गांव के शिवमूर्ति, समयदीन समेत तमाम लोग दौड़ पड़े। दीवार के बीच से जब तक दोनों चारपाई निकाली जाती। नौ वर्षीय कोमल ने दम तोड़ दिया था। गंभीर रूप से घायल देवतादीन तथा पोते अंकुश को आनन-फानन श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान देवतादीन की भी मौत हो गई। सूचना पर नायब तहसीलदार विजय कुमार सिंह, बीडीओ विमला चौधरी, लेखपाल मनोज कुमार तथा ग्राम प्रधान राजदत्त शुक्ल मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। शव को कब्जे में लेकर पुलिस तथा राजस्व टीम ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रेमनरायन के परिवार पर आई इस आपदा से गांव के लोग सदमे में हैं।
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अगया में दीवार ढही, मासूम समेत दो की मौत
सोमवार की भोर में हादसा, पोता, पोती और बाबा मलबे में दबे
घटनास्थल पर पोती की मौत, इलाज के दौरान बाबा ने दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
परशुरामपुर। क्षेत्र के अगया गांव में सोमवार भोर में कच्ची दीवार ढह जाने से बाबा और पोती की मौत हो गई। जबकि मलबे में दबे पोते की हालत गंभीर है।
क्षेत्र के अगया गांव के देवतादीन का घर छप्पर का है जबकि दीवारें मिट्टी से बनाई गई हैं। रविवार की रात में खान खाकर सब लोग सो गए थे। 55 वर्षीय देवतादीन अपने पोते छह वर्षीय अंकुश पुत्र प्रेमनरायन के साथ एक चारपाई पर तथा थोड़ी दूर पर दूसरी चारपाई पर प्रेमनरायन की बेटी नौ वर्षीय कोमल सो रही थी। कोमल दीवार के एकदम किनारे थी। सोमवार की भोर में करीब तीन बजे लगभग 40 वर्ष पुरानी मिट्टी की दीवार ढह गई। जबकि पीछे की दीवार तथा आगे के बांस के सहारे छप्पर टंगा रह गया। दीवार के मलबे में कोमल, देवतादीन तथा अंकुश दब गए। दीवार के करीब होने के चलते भारी हिस्सा कोमल की चारपाई पर पड़ा। दीवार गिरने तथा चीख-पुकार सुनकर प्रेमनरायन तथा गांव के शिवमूर्ति, समयदीन समेत तमाम लोग दौड़ पड़े। दीवार के बीच से जब तक दोनों चारपाई निकाली जाती। नौ वर्षीय कोमल ने दम तोड़ दिया था। गंभीर रूप से घायल देवतादीन तथा पोते अंकुश को आनन-फानन श्रीराम चिकित्सालय अयोध्या ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान देवतादीन की भी मौत हो गई। सूचना पर नायब तहसीलदार विजय कुमार सिंह, बीडीओ विमला चौधरी, लेखपाल मनोज कुमार तथा ग्राम प्रधान राजदत्त शुक्ल मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। शव को कब्जे में लेकर पुलिस तथा राजस्व टीम ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रेमनरायन के परिवार पर आई इस आपदा से गांव के लोग सदमे में हैं।