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निवेशकों का करोड़ों बटोर बकरी पालन कंपनी गायब
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निवेशकों को चूना लगाकर कंपनी फरार
- निवेशकों और कंपनी के कार्यकर्ताओं ने निदेशक व सहयोगियों के खिलाफ थाने पर दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के खेसुआ चौराहे पर पिछले तीन वर्ष से संचालित मेगा गोट फार्मिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का मालिक अचानक लगभग 400 निवेशकों का करोड़ों रुपया लेकर चंपत हो गया। कार्यालय पर ताला लटका देख कंपनी के सदस्यों ने मैनेजर को फोन किया तो फोन बंद मिला। अनहोनी की भनक लगते ही कंपनी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हड़कंप मच गया। सुबह थाना पहुंचे कंपनी के दो दर्जन कार्यकर्ताओं व निवेशकों ने कंपनी के निदेशक राम प्रसाद सोनी, उनकी पत्नी मीरा निवासी देवखर तथा गुंडा कुंवर निवासी उपमा सिंह के खिलाफ शिकायती पत्र दिया।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कि कंपनी ने बकरी पालन के नाम पर तीन साल में रुपये दोगुना करने की बात कह कर और तमाम लोगों को विश्वास मे लेकर उनको एजेंट बनाया। बेरोजगार युवकों को रुपये कमाने का झांसा देकर रुपये जमा कराए। इसके बाद अचानक सारा धन बटोर कर कंपनी के लोग फरार हो गए। कई ने यह भी आरोप लगाया कि उन जमाकर्ताओं को चेक दिया गया जिनकी परिपक्ता अवधि पूरी हो गई थी, मगर वह चेक भी फर्जी है। थानाध्यक्ष यशवंत सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम हरैया शिवप्रसाद प्रताप शुक्ल ने बताया कि क्षेत्र में फर्जी चिटफंड कंपनी के नाम पर भोले वाले जमाकर्ताओं और निवेशकों को ठगने का काम कर रही कंपनी पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। छानबीन के लिए टीम बनाई गई है। जल्द ही वह पकड़े जाएंगे।
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- निवेशकों और कंपनी के कार्यकर्ताओं ने निदेशक व सहयोगियों के खिलाफ थाने पर दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के खेसुआ चौराहे पर पिछले तीन वर्ष से संचालित मेगा गोट फार्मिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का मालिक अचानक लगभग 400 निवेशकों का करोड़ों रुपया लेकर चंपत हो गया। कार्यालय पर ताला लटका देख कंपनी के सदस्यों ने मैनेजर को फोन किया तो फोन बंद मिला। अनहोनी की भनक लगते ही कंपनी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हड़कंप मच गया। सुबह थाना पहुंचे कंपनी के दो दर्जन कार्यकर्ताओं व निवेशकों ने कंपनी के निदेशक राम प्रसाद सोनी, उनकी पत्नी मीरा निवासी देवखर तथा गुंडा कुंवर निवासी उपमा सिंह के खिलाफ शिकायती पत्र दिया।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कि कंपनी ने बकरी पालन के नाम पर तीन साल में रुपये दोगुना करने की बात कह कर और तमाम लोगों को विश्वास मे लेकर उनको एजेंट बनाया। बेरोजगार युवकों को रुपये कमाने का झांसा देकर रुपये जमा कराए। इसके बाद अचानक सारा धन बटोर कर कंपनी के लोग फरार हो गए। कई ने यह भी आरोप लगाया कि उन जमाकर्ताओं को चेक दिया गया जिनकी परिपक्ता अवधि पूरी हो गई थी, मगर वह चेक भी फर्जी है। थानाध्यक्ष यशवंत सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम हरैया शिवप्रसाद प्रताप शुक्ल ने बताया कि क्षेत्र में फर्जी चिटफंड कंपनी के नाम पर भोले वाले जमाकर्ताओं और निवेशकों को ठगने का काम कर रही कंपनी पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। छानबीन के लिए टीम बनाई गई है। जल्द ही वह पकड़े जाएंगे।
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