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फोरलेन बना डेंजर लेन, आए दिन हादसे

Wed, 22 Aug 2018 12:06 AM IST
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:06 AM IST
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फोरलेन बना डेंजर लेन,  आए दिन हादसे
फोटो-
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फोरलेन यानी डेंजर लेन, आएदिन हादसे
ढाबे, पेट्रोलपंप के संचालकों की भारी पड़ रही मनमानी
घायल ढोने, पोस्टमार्टम तक प्रशासनिक भागीदारी
प्रशासनिक तालमेल बनने में एनएचएआई अक्षम
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। लखनऊ-गोरखपुर के बीच 295 किलोमीटर फोरलेन हादसों की वजह से डेंजर लेन बन चुका है। खासकर अयोध्या और खलीलाबाद के बीच शायद ही कोई दिन हो, जिसमें मौत की चीख न सुनाई दी हो। दोनों तरफ की लेन में गड़े मील के पत्थर परिवार वालों और घायलों की कराह के मूक साक्षी हैं। दुकानदार बताते हैं कि विकास की इबारत लिख रही फोरलेन पर चीख-पुकार सुनकर उनके कान मानो सुन्न हो गए हों।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन फोरलेन/सिक्स/ टू-लेन सड़क की मरम्मत, रख-रखाव और जन सुविधाओं का विकास करना उसी की जिम्मेदारी है। सड़क पर चलने के लिए टोल टैक्स लिया जाता है, जिसके बदले शानदार सुरक्षित सड़क मुहैया कराने का सिस्टम है। लेकिन अथॉरिटी सिर्फ टोल वसूलने में मशगूल है। प्रशासन से तालमेल के अभाव और एनएचएआई की नीयत में खोट के चलते हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली रोड सेफ्टी समिति की बैठक में इसे गंभीरता से रखा जाएगा।
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ओवरस्पीड का ठीकरा, खुद बेपरवाह
जानकार इसकी वजह ओवरस्पीड के अलावा हाईवे की जर्जर दशा और यातायात नियमों की अनदेखी को ज्यादा जिम्मेदार मानते हैं। सेवानिवृत्त डीआईजी लक्ष्मी नारायण के अनुसार फोरलेन पर चलने वाला शख्स मानकर चलता है कि सड़क ऐसी तो होगी ही कि गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त न हो। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। व्यवसाय के सिलसिले में ज्यादातर सड़क मार्ग से निजी वाहन लेकर सफर करने वाले नवीन शुक्ल कहते हैं कि फोरलेन पर सुरक्षा प्रबंध शून्य है। चाहे गाड़ी का मामला हो या खुद का, जब तक गंतव्य तक न पहुंचो तब तक परिवार वालों का मन लगा रहता है। एक वरिष्ठ चिकित्सक की कार चलाने वाले रमेश कहते हैं कि कोई पता नहीं होता कि आगे बीच रोड में कहां गड्ढा है और कहां स्पीड ब्रेकर बना है।
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हाल में हुए हादसे
इसी महीने महुली ब्लॉक प्रमुख का परिवार कप्तानगंज के खजुहा के पास हादसे का शिकार हुआ। डिवाइडर से टकराकर स्कार्पियो पलट गई। हादसे में स्कार्पियो चालक समेत तीन लोग घायल हो गए।
18 अगस्त की भोर में चार बजे हर्रैया थाना क्षेत्र के बड़हर कला के पास लखनऊ लौट रही पिकअप पलट गई, जिसमें एक की मौत हो गई थी। मृतक की पहचान लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के मेंहदीटोला निवासी संजू कश्यप के रूप में हुई है।
14 जून 2018 को देवरिया जा रही कार नगर थाने के फुटहिया चौराहे के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर में टकरा गई थी। इसमें सवार देवरिया जिले के राघवनगर निवासी राधे कृष्ण सिंह, परिवार के ही काशी नाथ सिंह आदि घायल हो गए थे।

दो दर्जन अवैध कट पर हो रहीं दुर्घटनाएं
विक्रमजोत। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिले की सीमा से टोल प्लाजा तक दो दर्जन से ज्यादा अवैध कट बना लिए गए हैं। फोरलेन पर तेजगति के वाहन से आएदिन हादसे हो रहे हैं। एनएचएआई अधिकारी भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। बरसात के चलते सड़क में कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं। फोरलेन पर वाहनों से अधिकतर दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि, एनएचएआई ने कई बार अवैध कट को बंद किया लेकिन दबंग ढाबा संचालकों और किनारे के गांव वालों ने खोल लिया। भदोई, केशवपुर, खतमसराय, पटखापुर, कवलपुर, शंकरपुर, जमौलिया, रमघटीया, छावनी, बबुरहवा आदि ऐसे स्थान हैं जहां सर्वाधिक अवैध कट बने हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने दो बार इन चिह्नित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की लेकिन राजनीतिक संरक्षण और विभागीय मिलीभगत के चलते होटल, ढाबों और पेट्रोल पंपों के सामने बार बार अवैध कट बना लिया जाता है।
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