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सांप के डसने से बालक मरा, एक गंभीर

Sat, 15 Jul 2017 11:47 PM IST
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:47 PM IST
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सांप के डसने से बालक मरा, एक गंभीर
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कलवारी/महसों/बभनान (बस्ती )। बारिश के चलते सांप के डंसने की घटनाएं बढ़ गई हैं। शनिवार को भी अलग-अलग क्षेत्रों में दो बच्चे इनके शिकार हुए। इनमें से एक की मौत हो गई।
कलवारी क्षेत्र के राम जानकी मार्ग पर स्थित चकदहा चौराहे पर तुरकौलिया के बजरंगी मकान बना कर रह रहे हैं। शनिवार की सुबह करीब नौ बजे बजरंगी का छोटा बेटा अमन जो कक्षा छह का छात्र था, अपने घर के बगल नवनिर्मित कमरे में गया। उसमें रखे डिब्बा को उठाया ही था कि पैर में कुछ काट लिया। वह चिल्लाते हुए बाहर निकला। लोगों की सलाह पर आनन-फानन परिवार के लोग कस्बे से सटे एक अस्पताल में ले गए। इलाज के दौरान ही हालत नाजुक होने लगी तो उसे बस्ती ले जाने के लिए कहा गया। बजरंगी ने बताया कि जब यहां से लेकर मैं बस्ती पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी। यदि लिटिल फ्लॉवर अस्पताल के लोग समय रहते जवाब दे दिए होते तो शायद मेरा बेटा जिंदा होता।
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दूसरी घटना लालगंज क्षेत्र के चिलवानिया ग्रामसभा के भरटोलवा में हुई। महसों प्रतिनिधि के मुताबिक गांव के दीनदयाल का बेटा अंगद शुक्रवार शाम घर के पास ही बने चाचा के घर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। जब घर को वापस चला तो सांप ने डंस लिया। परिवार के लोगों को सांप के काटने की जानकारी दी। थोड़ी देर में उसकी हालात गंभीर होने लगी तो घर के लोग झाड़-फूंक में जुट गए। इस दौरान उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग जिला अस्पताल के लिए लेकर भागे। अस्पताल में भर्ती बालक की तबीयत सामान्य बताई जा रही है।
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दो महीने में सांप के डंसने से 13 की मौत
13 जुलाई-गोकुलपुर निवासी पवन सिंह की पत्नी अनीता सिंह की मौत।
10 जुलाई- वाल्टरगंज के अटरा गांव निवासी वीरेंद्र की मौत।
07 जुलाई- हर्रैया के हरिबंशपुर के दयाशंकर की पुत्री रंगीता की मौत।
07जुलाई-- छावनी के बाघानाला के रहने वाले सचिन गुप्ता के ढाई साल के बेटे शौर्य की मौत।
07 जुलाई को कोटिया गांव की आशा बहू अंजू सिंह 40 वर्ष पत्नी अमरदेव सिंह।
01-जुलाई-कप्तानगंज क्षेत्र के सोमा गांव की आंचल की मौत।
30 जून दुबौलिया थाना के खदरा निवासी राहुल की मौत।
22जून-18 वर्षीय सोनू पुत्री जंग बहादुर सोनबरसा की मौत।
09 जून-दिवाकरपुर गांव के नंदलाल के तीन वर्षीय बेटे शिवा की मौत।
06जून- छावनी के दूधौरा पूरे कुमार गांव के दीपक की मौत।
05 जून- जगदीशपुर दुबियहवा के राजीव कुमार के बेटे रमन की मौत।
02 जून-दुबौलिया के सेंठा गांव के रहने वाले राम लाल की मौत।
24 मई खम्हरिया गंगा राम गांव में रीता मौर्या पत्नी महेश कुमार की मौत हो गई।

देहात के अस्पतालों में नहीं है इंजेक्शन
बरसात होते ही बढ़ीं सर्पदंश की घटनाएं
बभनान।
महज डेढ़ माह में सांप के डंसने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एएसबी (एंटी स्नैक वेनम) तक नहीं है। ग्रामीण इलाकों के पीड़ितों को या तो सीएचसी या जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जेएलएम कुशवाहा इसके लिए फार्मासिस्ट को दोषी बताते हैं। सीएमओ का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन हैं। स्वास्थ्य केंद्रों तक ले जाने की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट की होती है। अगर सर्पदंश पीड़ितों को तत्काल एएसबी मुहिया नहीं कराते हैं तो यह उनकी गलती है। यदि ऐसा कोई केस सामने आता है तो लापरवाही बरतने वाले ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
जिले में 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 38 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं और डॉक्टरों की उपलब्धता से हर लोग परिचित हैं। पिछले एक सप्ताह के अंदर छह से ज्यादा सर्पदंश की घटनाएं हुई हैं। एएसबी (एंटी स्नैक वेनम) की एक वॉयल से कई पीड़ितों का इलाज किया जा सकता है। जरूरी है कि वॉयल को ठंडे स्थान (फ्रिज) में रखा जाए। लेकिन कई स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां फ्रिज नहीं है।

सर्प दंश के लक्षण
तेज जलन, अवसाद, मिचली, अनैच्छिक मलमूत्र त्याग।
एक वस्तु दो-दो दिखाई देना, हाथ पैर में झुनझुनाहट।
पसीना छूटना, खुजलाहट आदि जैसी क्रियाएं होती हैं।
क्या करें, क्या न करें
पीड़ित को सीधे लिटा दें, तत्काल अस्पताल पहुंचाएं।
जिस स्थान पर सांप ने काटा है,उस स्थान को साफ करके हल्का चीरा लगा दें।
सर्पदंश के जगह को बांध दें। साबुन, नमक के पानी से उस स्थान को धो दें।
पीड़ित का जड़ी-बूटी इत्यादि से इलाज में ज्यादा समय न गवांए।
सांप के जहर को मुंह से निकालने का प्रयास न करें।
पीड़ित व्यक्ति को कोई दवा न दें। संयम रखें।

डॉक्टरों की सलाह
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाल्टरगंज के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत कुशवाहा बताते हैं कि संयम जरूरी है। ज्यादातर केसों में व्यक्ति संयम नहीं रख पाता और उसकी मौत हृदय गति तेज होने से हो जाती है। एक मात्र इलाज एंटी स्नैक वेनम है। इसलिए उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराएं।
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