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खम्हरिया कांड का असली कातिल गिरफ्तार
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:39 PM IST
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डबल मर्डर का कातिल गिरफ्तार
कलवारी (बस्ती)।
पांच जुलाई की रात सास-बहू की निर्मम हत्या करके भागा मेराज मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फोरलेन हाईवे पर फुटहिया तिराहे से उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर सुजावलपुर के लहुरी के यहां छिपाया आला कत्ल और खून से सने कपड़े बरामद किया। दोपहर बाद उसे अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसओ अवधेश राज सिंह के अनुसार पूछताछ में मेराज ने हत्या की बात कबूल की।
पिछले बुधवार रात खम्हरिया निवासी मेराज गांव के हबीबुल्लाह के घर में रात साढ़ नौ बजे घुस गया। घर में तख्त पर सोई इकलौती नाबालिग बेटी को जिंदा जलाने की कोशिश करने लगा। उसने मिट्टी तेल उड़ेलकर जैसे ही माचिस जलाने की कोशिश की तभी लड़की की 45 वर्षीय मां मुमताज बेगम और 70 वर्षीय दादी हमीदुन्निशा ने उसका हाथ पकड़ लिया। मंसूबे में नाकाम होते देखकर वह आपा खो बैठा और दोनों महिलाओं को चाकुओं से ताबड़तोड़ वार वार कर मार डाला।
आधी हकीकत, आधा फसाना
पुलिस का दावा है कि मेराज को नगर थाने के फुटहिया तिराहे से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि मेराज दोनों हत्याएं करने के बाद भागकर सुजावलपुर निवासी लहुरी के घर पहुंचा। लहुरी कथित तौर पर उसके खेतों की देखभाल करते हैं। उसने लहुरी से कहा कि उसका भाई से झगड़ा हो गया है, इसीलिए बारिश में घर से निकल आया। वह काफी भीग गया था और बदलने के लिए कपड़े मांगा। लहुरी का कपड़ा पहनने के बाद वहां से चला गया। जबकि गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस की इस कहानी में आधी हकीकत है आधा फसाना है।
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बाकी की गिरफ्तारी हो तो मिले ठंडक
पत्नी और मां की हत्या करने वाले मेराज की गिरफ्तारी से हबीबुल्लाह के कलेजे को कुछ ठंडक मिली। मगर उनका कहना है कि जब तक अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक उन्हें चैन नहीं मिलेगा। हबीबुल्लाह का कहना है कि बदले की भावना से उसने पत्नी और मां की हत्या की। वह चाहता था कि बेटी का निकाह उससे कर दूं, ताकि उनकी जमीन और मकान का वह मालिक बन जाए। कहा कि मंगलवार को वह थाने पर अपने रिश्तेदार नूरुलहुदा और वकील अहमद निवासी पडरौना कुशीनगर के साथ गए तो सामने पड़ा मेराज उन्हें घूर रहा था। इससे वे खौफजदा हैं।
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कलवारी (बस्ती)।
पांच जुलाई की रात सास-बहू की निर्मम हत्या करके भागा मेराज मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फोरलेन हाईवे पर फुटहिया तिराहे से उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर सुजावलपुर के लहुरी के यहां छिपाया आला कत्ल और खून से सने कपड़े बरामद किया। दोपहर बाद उसे अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसओ अवधेश राज सिंह के अनुसार पूछताछ में मेराज ने हत्या की बात कबूल की।
पिछले बुधवार रात खम्हरिया निवासी मेराज गांव के हबीबुल्लाह के घर में रात साढ़ नौ बजे घुस गया। घर में तख्त पर सोई इकलौती नाबालिग बेटी को जिंदा जलाने की कोशिश करने लगा। उसने मिट्टी तेल उड़ेलकर जैसे ही माचिस जलाने की कोशिश की तभी लड़की की 45 वर्षीय मां मुमताज बेगम और 70 वर्षीय दादी हमीदुन्निशा ने उसका हाथ पकड़ लिया। मंसूबे में नाकाम होते देखकर वह आपा खो बैठा और दोनों महिलाओं को चाकुओं से ताबड़तोड़ वार वार कर मार डाला।
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आधी हकीकत, आधा फसाना
पुलिस का दावा है कि मेराज को नगर थाने के फुटहिया तिराहे से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि मेराज दोनों हत्याएं करने के बाद भागकर सुजावलपुर निवासी लहुरी के घर पहुंचा। लहुरी कथित तौर पर उसके खेतों की देखभाल करते हैं। उसने लहुरी से कहा कि उसका भाई से झगड़ा हो गया है, इसीलिए बारिश में घर से निकल आया। वह काफी भीग गया था और बदलने के लिए कपड़े मांगा। लहुरी का कपड़ा पहनने के बाद वहां से चला गया। जबकि गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस की इस कहानी में आधी हकीकत है आधा फसाना है।
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बाकी की गिरफ्तारी हो तो मिले ठंडक
पत्नी और मां की हत्या करने वाले मेराज की गिरफ्तारी से हबीबुल्लाह के कलेजे को कुछ ठंडक मिली। मगर उनका कहना है कि जब तक अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक उन्हें चैन नहीं मिलेगा। हबीबुल्लाह का कहना है कि बदले की भावना से उसने पत्नी और मां की हत्या की। वह चाहता था कि बेटी का निकाह उससे कर दूं, ताकि उनकी जमीन और मकान का वह मालिक बन जाए। कहा कि मंगलवार को वह थाने पर अपने रिश्तेदार नूरुलहुदा और वकील अहमद निवासी पडरौना कुशीनगर के साथ गए तो सामने पड़ा मेराज उन्हें घूर रहा था। इससे वे खौफजदा हैं।