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Basti News: जानलेवा हमले के दस वर्ष पुराने मामले में 6 को 10 वर्ष की सजा
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बस्ती। न्यायालय अपर जिला जज प्रथम शिवचंद की अदालत ने दस वर्ष पुराने जानलेवा हमले के मामले में छह आरोपियों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक पर 5-5 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसे न अदा करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। मामला सोनहा थाना क्षेत्र के अमारेडीहा गांव का है।
एडीजीसी राघवेश प्रसाद पांडेय तथा प्राइवेट कौंसिल शशि प्रकाश शुक्ल ने अदालत को बताया कि अमारेडीहा थाना सोनहा निवासी विमल कुमार गुप्ता ने तहरीर दी। तहरीर में कहा कि पुरानी रंजिश में थाना सोनहा के कांटे खैरा चौराहे पर भाई श्यामसुंदर से विवाद हुआ था। यहां से सभी घर चले गए। उसी बात को लेकर गांव के मजीद, वाहिद, वाजिद, बबलू यादव, कल्लू यादव, जयकरन दरवाजे पर आकर अपशब्द कहते हुए जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडा व नुकीले औजार से मारने पीटने लगे, जिससे विमल, श्यामसुंदर व मां किसलावती को गंभीर चोट आई।
श्यामसुंदर की कमर में नुकीले औजार से चोट के कारण गंभीर घाव हो गया, जिसे परिवार के लोग जिला अस्पताल ले गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने साक्ष्य संकलित कर जानलेवा हमला की धारा बढ़ा दी। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायाधीश ने 8 गवाहों के बयान, मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सभी को सजा सुनाई।
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इसी घटना में क्राॅस केस सैबुन्निशा पत्नी मजीद ने श्यामसुंदर, दयाशंकर, विमल कुमार, शिवपूजन के खिलाफ मारपीट, गाली व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज हुआ था। न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में सभी को दोषमुक्त कर दिया।
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एडीजीसी राघवेश प्रसाद पांडेय तथा प्राइवेट कौंसिल शशि प्रकाश शुक्ल ने अदालत को बताया कि अमारेडीहा थाना सोनहा निवासी विमल कुमार गुप्ता ने तहरीर दी। तहरीर में कहा कि पुरानी रंजिश में थाना सोनहा के कांटे खैरा चौराहे पर भाई श्यामसुंदर से विवाद हुआ था। यहां से सभी घर चले गए। उसी बात को लेकर गांव के मजीद, वाहिद, वाजिद, बबलू यादव, कल्लू यादव, जयकरन दरवाजे पर आकर अपशब्द कहते हुए जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडा व नुकीले औजार से मारने पीटने लगे, जिससे विमल, श्यामसुंदर व मां किसलावती को गंभीर चोट आई।
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श्यामसुंदर की कमर में नुकीले औजार से चोट के कारण गंभीर घाव हो गया, जिसे परिवार के लोग जिला अस्पताल ले गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने साक्ष्य संकलित कर जानलेवा हमला की धारा बढ़ा दी। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायाधीश ने 8 गवाहों के बयान, मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सभी को सजा सुनाई।
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इसी घटना में क्राॅस केस सैबुन्निशा पत्नी मजीद ने श्यामसुंदर, दयाशंकर, विमल कुमार, शिवपूजन के खिलाफ मारपीट, गाली व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज हुआ था। न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में सभी को दोषमुक्त कर दिया।