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Basti News: बिना आर्डर के आए कुरियर तो हो जाएं सावधान, खाली हो सकता है खाता

Thu, 28 Sep 2023 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 28 Sep 2023 01:11 AM IST
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courier arriving without order
- साइबर जालसाजों ने निकाला नया तरीका
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- एक महीने में तीन से कर चुके हैं ठगी, पुलिस कर रही पड़ताल

संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हेलो... सर कुरियर कंपनी से बोल रहा हूं। आपका पार्सल आया है। आपको एक लिंक का मेसेज आया होगा। आर्डर लेना है तो डिलीवरी का स्थान बता दें। नहीं लेना है तो कैंसिल कर दीजिए। इसके लिए ऑन लाइन ऐप डाउनलोड करना होगा। इसकी ओटीपी आयेगी, जिसे भेजना होगा। ऑन लाइन ही आर्डर कैंसिल होगा। ऐप से आप एक रुपये भेजिए कुछ देर में आर्डर कैंसिल हो जाएगा। ऐप डाउनलोड कराने व रुपये मिलने के बाद जालसाज खाते की पूरी रकम साफ कर ले रहे हैं। हाल के एक महीने में इस तरह के तीन मामले सामने आये है। जिनकी शिकायत मिलने पर पुलिस पड़ताल कर रही।

साइबर जालसाज अपने टारगेट से एनी डेस्क ऐप डाउन लोड करा रहे हैं। इसके बाद पूरा मोबाइल जालसाजों के कमांड में चला जा रहा है। कमांड मिलते ही जालसाज पूरा डाटा हैक कर ले रहें हैं। पूरी जानकारी मिलने के बाद मोबाइल नंबर से लिंक सभी खातों को खाली कर रहे हैं। बस्ती पुलिस के अधिकारी के मुताबिक इस तरह के मामले सामने आये हैं। ऐसे गिरोह की जानकारी हासिल की जा रही है। यह गिरोह कई स्थानों से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है। कुछ गिरोह की जानकारी सामने आई है। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है।
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घर तक पहुंच रहे जालसाज
साइबर जालसाज अभी तक मोबाइल के जरिए ही ठगी कर रहे थे। लेकिन इस नये तरीके से वह लोगों के दरवाजे तक पहुंच गये हैं। कुछ जालसाज डिलीवरी ब्वाय बनकर दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। इसके बाद सामान पहुंचाने की बात कहकर जाल में फंसा रहे हैं। आर्डर कैंसिल कराने के नाम पर खाते खाली कर रहे हैं।
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केस एक-
- पुरानी बस्ती के अखिलेश गुप्ता के पास कुछ दिनों पहले एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपका पार्सल आया है। यह सुनकर वह हैरान हो गए। क्योंकि उन्होंने तो कुछ मंगाया ही नहीं था। कॉल करने वाला बोला कोई बात नहीं, हम ऑर्डर कैंसिल कर देते हैं। इसके लिए आपके पास एक ओटीपी गई होगी। उसे बता दीजिए। पंकज ने कॉल पर ही ओटीपी बता दिया। कुछ देर बाद खाते से 49999 रुपये कटने का मेसेज आ गया। अखिलेश जब साइबर सेल के पास गए तो पता चला कि वह साइबर ठगी के शिकार हो गए।
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केस दो
- मुंडेरवा निवासी कृष्ण कुमार के घर पिछले रविवार को डिलीवरी ब्वाय पहुंचा। वह उस समय घर पर नहीं थे। उनकी पत्नी बाहर निकलीं तो डिलीवरी ब्वाय ने कहा कि आपके पति ने आर्डर किया था। सामान देना है। इस पर कृष्ण कुमार से पत्नी मोबाइल पर आर्डर के बारे में जानकारी हासिल की। कृष्ण कुमार ने मना किया। उनकी पत्नी ने कहा यह पार्सल उनका नहीं है, वापस ले जाओ। डिलीवरी ब्वाय गिड़गिड़ाने लगा कि मैडम ऑर्डर कैंसिल करना पड़ेगा वरना उसे अपनी जेब से पार्सल की रकम अदा करना पड़ेगा। उसने कहा कि भाई साहब की मोबाइल पर ओटीपी गया होगा, उसे पूछकर बता दीजिए। उनकी पत्नी ने ओटीपी पूछकर बता दिया। जिसके कुछ देर बाद खाते से 29 हजार रुपये कट गए।
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ठगी का यह नया तरीका

- साइबर विशेषज्ञ पंकज श्रीवास्तव के अनुसार, शिकार के पते पर कूरियर के जरिए एक पार्सल भेजा जाता है जो उसने कभी ऑर्डर ही नहीं किया होता। जाहिर है कि वह ऑर्डर रिसीव करने से मना कर देगा। फिर डिलीवरी बॉय उस पार्सल भेजने वाले को फोन लगाएगा जिसका नंबर ''कस्टमर केयर'' के रूप में लेबल पर दिया होगा। टारगेट की गिरोह के दूसरे सदस्यों से फोन पर बात कराई जाती है। उसे समझाया जाएगा कि अगर ऑर्डर उसने नहीं किया तो कैंसिल करा सकता है। बस इसके लिए मोबाइल पर आया ओटीपी बताना होगा। पीछा छुड़ाने के लिए शिकार जल्दबाजी में ओटीपी बता देता है और यहीं पर चूक हो जाती है। कॉल पर ओटीपी मिलते ही दूसरी ओर बैठे जालसाज बैंक खाता खाली कर देते हैं।
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यहां करें शिकायत
- साइबर क्राइम एक्सपर्ट पंकज श्रीवास्तव बताते हैं कि इस तरह के फ्राड का शिकार अगर कोई उपभोक्ता हो जाता है तो तुरंत केंद्र सरकार के साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काल करें। साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल एचटीटीपीएस//डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर या नजदीकी थाना- चौकी में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। 1930 पर तुरंत शिकायत करने पर पैसा सुरक्षित वापस आने की संभावना रहती है।

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इस तरह की सावधानी जरूर बरतें
- ऑनलाइन खरीदारी करते समय जांच करें कि वेबसाइट के यूआरएल में एचटीटीपीएस होना अनिवार्य है न की खाली एचटीटीपी, अगर कोई अपरिचित व्यक्ति किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो एप्लीकेशन डाउनलोड न करें। केवाईसी करने के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहता है तो ऐसा न करें। नहीं तो आपके साथ ठगी हो सकती है।
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