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विकास कार्यों में मनमानी की शिकायत
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बहादुरपुर क्षेत्र के पिपरा खास गांव में टूटी बेंच।
- फोटो : BASTI
विकास कार्यों में मनमानी की शिकायत
ग्रामपंचायत पिपरा खास में विकास के लिए खर्च हुए 65 लाख
18 लाख से बनी आरसीसी बेंच टूटी, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
साफ पानी के लिए पांच लाख खर्च, फिर भी वंचित हैं ग्रामीण
बस्ती/बहादुरपुर। ब्लॉक क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार पिपरा खास में वित्तीय वर्ष 2021-22 व 2022-23 में विकास कार्यों में मनमानी का आरोप लगाकर लोगों ने शिकायत की है। लोगों का आरोप है कि अधिकारी जांच कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
बताया जाता है कि इस गांव में विकास के नाम पर 65 लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए। इस धन को आरसीसी बेंच बनाने, नाली निर्माण, हैंडपंप रीबोर और कुंआ की मरम्मत के लिए खर्च दर्शाया गया है। लोगों का आरोप है कि आरसीसी बेंच टूट रही हैं, वहीं रिबोर के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई है।
ग्राम पंचायत पिपरा में आरसीसी बेंच पर 18 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इसमें प्रति बेंच पर करीब छह से सात हजार रुपये खर्च किए गए हैं, मगर इसे स्थापित हुए छह माह ही हुए हैं, अधिकांश बेंच ही टूट गए हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने सीडीओ से लेकर बीडीओ तक की है, मगर इसमें अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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ग्रामीण अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। छह हजार रुपये से अधिक कीमत की आरसीसी बेंच छह माह में ही टूट गई। उन्होंने प्रशासन से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहीं नहीं, हैंडपंप रीबोर के नाम पर पांच लाख से अधिक रुपये खर्च किए गए हैं। अब तक रीबोर नहीं हुआ, जिससे कई ग्रामीणों को साफ पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीण आदित्य सिंह, सत्यप्रकाश, रितेश, सोनू, राम गोपाल ने बताया कि ग्राम पंचायत में बने सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था न होने के कारण लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसके निर्माण को एक वर्ष से अधिक हो गया। इसके रखरखाव के लिए आदमी भी रख दिया गया है। उस पर भी ग्राम पंचायत की ओर से धन भी खर्च किया जा रहा है।
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दो वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों पर 65 लाख रुपये खर्च हुए हैं, उन कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। आरसीसी बेंच टूटने की शिकायत पर डीएम प्रियंका निरंजन ने एआर कोआपरेटिव के नेतृत्व में कमेटी बना दी है। इस कमेटी में लोक निर्माण विभाग के एई को भी शामिल किया गया है। उनके माध्यम से गुणवत्ता का जांच की जा रही है। रही बात सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था की तो हैंडपंप लगा हुआ है, केयर टेकर नियुक्त है। वह सुबह-शाम उसको खोलता है। बिजली कनेक्शन न होने के कारण टंकी से पानी का सप्लाई नहीं हो पा रही है। बिजली के लिए कनेक्शन का प्रयास किया जा रहा है।
सुनील कुमार आर्य, खंड विकास अधिकारी
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ग्रामपंचायत पिपरा खास में विकास के लिए खर्च हुए 65 लाख
18 लाख से बनी आरसीसी बेंच टूटी, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
साफ पानी के लिए पांच लाख खर्च, फिर भी वंचित हैं ग्रामीण
बस्ती/बहादुरपुर। ब्लॉक क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार पिपरा खास में वित्तीय वर्ष 2021-22 व 2022-23 में विकास कार्यों में मनमानी का आरोप लगाकर लोगों ने शिकायत की है। लोगों का आरोप है कि अधिकारी जांच कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
बताया जाता है कि इस गांव में विकास के नाम पर 65 लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए। इस धन को आरसीसी बेंच बनाने, नाली निर्माण, हैंडपंप रीबोर और कुंआ की मरम्मत के लिए खर्च दर्शाया गया है। लोगों का आरोप है कि आरसीसी बेंच टूट रही हैं, वहीं रिबोर के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई है।
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ग्राम पंचायत पिपरा में आरसीसी बेंच पर 18 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इसमें प्रति बेंच पर करीब छह से सात हजार रुपये खर्च किए गए हैं, मगर इसे स्थापित हुए छह माह ही हुए हैं, अधिकांश बेंच ही टूट गए हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने सीडीओ से लेकर बीडीओ तक की है, मगर इसमें अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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ग्रामीण अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। छह हजार रुपये से अधिक कीमत की आरसीसी बेंच छह माह में ही टूट गई। उन्होंने प्रशासन से शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहीं नहीं, हैंडपंप रीबोर के नाम पर पांच लाख से अधिक रुपये खर्च किए गए हैं। अब तक रीबोर नहीं हुआ, जिससे कई ग्रामीणों को साफ पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीण आदित्य सिंह, सत्यप्रकाश, रितेश, सोनू, राम गोपाल ने बताया कि ग्राम पंचायत में बने सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था न होने के कारण लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसके निर्माण को एक वर्ष से अधिक हो गया। इसके रखरखाव के लिए आदमी भी रख दिया गया है। उस पर भी ग्राम पंचायत की ओर से धन भी खर्च किया जा रहा है।
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दो वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों पर 65 लाख रुपये खर्च हुए हैं, उन कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। आरसीसी बेंच टूटने की शिकायत पर डीएम प्रियंका निरंजन ने एआर कोआपरेटिव के नेतृत्व में कमेटी बना दी है। इस कमेटी में लोक निर्माण विभाग के एई को भी शामिल किया गया है। उनके माध्यम से गुणवत्ता का जांच की जा रही है। रही बात सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था की तो हैंडपंप लगा हुआ है, केयर टेकर नियुक्त है। वह सुबह-शाम उसको खोलता है। बिजली कनेक्शन न होने के कारण टंकी से पानी का सप्लाई नहीं हो पा रही है। बिजली के लिए कनेक्शन का प्रयास किया जा रहा है।
सुनील कुमार आर्य, खंड विकास अधिकारी