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संघर्ष के बल पर चंद्रशेखर ने राष्ट्रीय राजनीति में बनाई पहचान : सांसद
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कार्यक्रम को संबोधित करते सांसद राम प्रसाद चौधरी
बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने संघर्ष और विचारों के बल पर राष्ट्रीय राजनीति में अलग पहचान बनाई। यह बात सांसद रामप्रसाद चौधरी ने रविवार को सक्सेरिया इंटर कॉलेज के सभागार में उनकी जन्मशती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
सांसद ने कहा कि चंद्रशेखर ने सिद्धांतों और मूल्यों को प्राथमिकता दी। किसानों, गरीबों और आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। छात्र जीवन से ही वह सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े रहे। जयप्रकाश नारायण के साथ आंदोलन में शामिल होने पर उन्हें जेल में नजरबंद किया गया, लेकिन उनके विचार और मजबूत हुए।
प्रो. राजकुमार जैन ने कहा कि चंद्रशेखर ‘युवा तुर्क’ के नाम से प्रसिद्ध थे और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते थे। डॉ. सुनीलम ने कहा कि उन्होंने कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती दी। प्रो. अरुण त्रिपाठी ने लोकतांत्रिक मूल्यों में उनके योगदान को याद किया। डॉ. रघुवंशमणि त्रिपाठी ने उन्हें एक विचारधारा बताया।
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कार्यक्रम में डॉ. हरिओम श्रीवास्तव, रजवंत सिंह, राजकुमार पांडेय, अजय कुमार सिंह अरुण, अनिल कुमार सिंह, सुभाषनाथ, श्रवण कुमार सिंह, गोपाल जी गौतम और मो. इब्राहिम मौजूद रहे।
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सांसद ने कहा कि चंद्रशेखर ने सिद्धांतों और मूल्यों को प्राथमिकता दी। किसानों, गरीबों और आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। छात्र जीवन से ही वह सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े रहे। जयप्रकाश नारायण के साथ आंदोलन में शामिल होने पर उन्हें जेल में नजरबंद किया गया, लेकिन उनके विचार और मजबूत हुए।
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प्रो. राजकुमार जैन ने कहा कि चंद्रशेखर ‘युवा तुर्क’ के नाम से प्रसिद्ध थे और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते थे। डॉ. सुनीलम ने कहा कि उन्होंने कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती दी। प्रो. अरुण त्रिपाठी ने लोकतांत्रिक मूल्यों में उनके योगदान को याद किया। डॉ. रघुवंशमणि त्रिपाठी ने उन्हें एक विचारधारा बताया।
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कार्यक्रम में डॉ. हरिओम श्रीवास्तव, रजवंत सिंह, राजकुमार पांडेय, अजय कुमार सिंह अरुण, अनिल कुमार सिंह, सुभाषनाथ, श्रवण कुमार सिंह, गोपाल जी गौतम और मो. इब्राहिम मौजूद रहे।