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Basti News: चंदो ताल के बहुरेंगे दिन, मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
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नगर बाजार। नगर पंचायत नगर बाजार के ऐतिहासिक चंदो ताल को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने इस विशाल जल निकाय को ''''''''रामसर साइट'''''''' की तर्ज पर विकसित करने के लिए चिन्हित किया है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बस्ती भी विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा।
डीएफओ डॉ. सरीन सिद्दीकी ने बताया कि शासन ने चंदो ताल को विशेष श्रेणी में चिन्हित किया है। उन्होंने कहाकि शासन ने ताल के पारिस्थितिकी तंत्र और इसकी जैव विविधता के संरक्षण के लिए हमसे विस्तृत रिपोर्ट और डेटा मांगा है।
डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि उनका लक्ष्य इसे रामसर साइट के मानकों के अनुरूप तैयार करना है। इससे प्रवासी पक्षियों और स्थानीय जलचरों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर आवास सुनिश्चित किया जा सकेगा। चंदो ताल को रामसर साइट का दर्जा मिलने से इसे वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। सर्दियों में यहां साइबेरिया और मध्य एशिया से दुर्लभ प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनके लिए बेहतर इको-सिस्टम विकसित किया जाएगा।
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इस कायाकल्प से बर्ड वाचिंग, बोटिंग और नेचर ट्रेल जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। डीएफओ के अनुसार, वन विभाग अब ताल के जल स्तर को बनाए रखने, इसे प्रदूषण मुक्त करने और किनारों पर पौध रोपण करने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है।
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डीएफओ डॉ. सरीन सिद्दीकी ने बताया कि शासन ने चंदो ताल को विशेष श्रेणी में चिन्हित किया है। उन्होंने कहाकि शासन ने ताल के पारिस्थितिकी तंत्र और इसकी जैव विविधता के संरक्षण के लिए हमसे विस्तृत रिपोर्ट और डेटा मांगा है।
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डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि उनका लक्ष्य इसे रामसर साइट के मानकों के अनुरूप तैयार करना है। इससे प्रवासी पक्षियों और स्थानीय जलचरों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर आवास सुनिश्चित किया जा सकेगा। चंदो ताल को रामसर साइट का दर्जा मिलने से इसे वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। सर्दियों में यहां साइबेरिया और मध्य एशिया से दुर्लभ प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनके लिए बेहतर इको-सिस्टम विकसित किया जाएगा।
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इस कायाकल्प से बर्ड वाचिंग, बोटिंग और नेचर ट्रेल जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। डीएफओ के अनुसार, वन विभाग अब ताल के जल स्तर को बनाए रखने, इसे प्रदूषण मुक्त करने और किनारों पर पौध रोपण करने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है।