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Basti News: चहुंओर दिवाली की धूम... शहर में बढ़ी भीड़, इधर-उधर से निकल रहे लोग
Sun, 12 Nov 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 12 Nov 2023 01:17 AM IST
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गांधीनगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र में उमड़ी खरीदारों की भीड़
पक्के, मंगल बाजार में चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिवाली की छटा से शहर खिल उठा है। दिनभर खरीदारी हो रही है तो शाम को घर-आंगन सजाया जा रहा है। चौतरफा उत्सव जैसा माहौल हैं। घर-घर खुशियां बरस रही हैं। पर्व को यादगार बनाने में हर कोई जुटा है। अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार लोग खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में पिछले तीन दिन से क्षमता से अधिक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही। दिन में दो बजे के बाद से शाम आठ बजे तक समूचे शहर में जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। आजकल दो और चार पहिया वाहन से शहर में निकलने लायक नहीं है। जिधर देखो उधर भीड़ है। कम भीड़भाड़ वाले क्षेत्र भी दुकान और खरीदारों से गुलजार हैं।
गनीमत यह है कि त्योहार के चलते पुलिस जगह-जगह मुस्तैद है। कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों को भीड़ वाले क्षेत्र से हटवाया जा रहा है। गांधीनगर मार्ग पर दिन में तीन बजे के बाद चार पहिया वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। बावजूद इसके पूरी सड़क बाइक और ई- रिक्शा से भरी थी। कपड़ा, बर्तन, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, शृंगार व पूजन सामग्री, फूल-माला आदि खरीदने वालाें की होड़ मची है।
सड़क की दोनों पटरियां इन दुकानों से पटी पड़ी हैं। सुबह नौ बजे से ही खरीदार जुटना शुरू हो रहे हैं। दोपहर बाद इनकी भीड़ देखते बन रही है। यहां मुख्य मार्ग के बजाय गलियों के रास्ते लोग इधर से उधर हो रहे हैं। कमोवेश मंगल बाजार का भी यही हाल है। यहां घनी बाजार और सकरी सड़क होने के कारण दो व चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है। यहां पैदल चलकर लोग खरीदारी कर रहे हैं। सुर्तीहट्टा और करूआ बाबा चौक पर भी खरीदारों की भीड़ जुट रही है। इससे वाहन चालकों को रेलवे स्टेशन मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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मालवीय मार्ग पर जाम की स्थिति
दरअसल, गांधीनगर मार्ग पर वाहनों का प्रवेश वर्जित हैं। इसलिए लोग शहर में आने के लिए एवं शहर से बाहर जाने को मालवीय मार्ग का सहारा ले रहे हैं। मगर, यहां भी अब बाजार सजने लगी हैं। यातायात का दबाव भी दोगुना हो गया है। ऐसे में कटरा, फव्वारा तिराहा, रौता चौराहा, नेहरू तिराहा पर अक्सर जाम लग जा रहा है। छोटे-बड़े सभी वाहन फंसे जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी की वजह से किसी तरह वाहनों को निकलवाया जा रहा है।
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रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया शहर
गली-मोहल्ले, मुख्य बाजार, मठ-मंदिर सभी शाम ढलने के बाद रोशनी से नहाए नजर आए। रंग-बिरंगे झालरों से लोग दुकानों, मकानों को सजाए हुए हैं। चारों तरफ नजारा अद्भुत है। रात के समय आसमान में पटाखों की सतरंगी छटा बिखर रही है। घर-घर उत्सव जैसा माहौल हैं। मोहल्लों, काॅलोनियों में लोगों की चहल कदमी बनी हुई हैं।
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दीयों से जगमग हुई धरा
छोटी दीपावली के दिन शनिवार को धरती दीयों से जगमग हो उठी। शाम ढलने के बाद घरों एवं मंदिरों में विधि विधान से श्री गणेश, लक्ष्मी, श्री विष्णु, भोले शंकर आदि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। उनके स्थल पर ज्योति जलाकर समूचे घर को दीयों से उजियार कर दिया। बच्चे, महिलाएं एक साथ घर से लेकर बाहर तक दीप जलाते रहे। देखते ही देखते धरा दीयों से जगमग हो गई। मठ-मंदिरों में तो हर घर से लाए गए दीपों की लंबी शृंखला तैयार हुई। चौतरफा दृश्य ऐसा मानो धरती से अंधकार मिटाने की मुहिम से जन-जन जुड़ गया हो। खेत, खलिहान तक दीयों से वंचित नहीं रहे।
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पक्के, मंगल बाजार में चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दिवाली की छटा से शहर खिल उठा है। दिनभर खरीदारी हो रही है तो शाम को घर-आंगन सजाया जा रहा है। चौतरफा उत्सव जैसा माहौल हैं। घर-घर खुशियां बरस रही हैं। पर्व को यादगार बनाने में हर कोई जुटा है। अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार लोग खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में पिछले तीन दिन से क्षमता से अधिक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही। दिन में दो बजे के बाद से शाम आठ बजे तक समूचे शहर में जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जा रही है। आजकल दो और चार पहिया वाहन से शहर में निकलने लायक नहीं है। जिधर देखो उधर भीड़ है। कम भीड़भाड़ वाले क्षेत्र भी दुकान और खरीदारों से गुलजार हैं।
गनीमत यह है कि त्योहार के चलते पुलिस जगह-जगह मुस्तैद है। कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों को भीड़ वाले क्षेत्र से हटवाया जा रहा है। गांधीनगर मार्ग पर दिन में तीन बजे के बाद चार पहिया वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। बावजूद इसके पूरी सड़क बाइक और ई- रिक्शा से भरी थी। कपड़ा, बर्तन, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, शृंगार व पूजन सामग्री, फूल-माला आदि खरीदने वालाें की होड़ मची है।
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सड़क की दोनों पटरियां इन दुकानों से पटी पड़ी हैं। सुबह नौ बजे से ही खरीदार जुटना शुरू हो रहे हैं। दोपहर बाद इनकी भीड़ देखते बन रही है। यहां मुख्य मार्ग के बजाय गलियों के रास्ते लोग इधर से उधर हो रहे हैं। कमोवेश मंगल बाजार का भी यही हाल है। यहां घनी बाजार और सकरी सड़क होने के कारण दो व चार पहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित है। यहां पैदल चलकर लोग खरीदारी कर रहे हैं। सुर्तीहट्टा और करूआ बाबा चौक पर भी खरीदारों की भीड़ जुट रही है। इससे वाहन चालकों को रेलवे स्टेशन मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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मालवीय मार्ग पर जाम की स्थिति
दरअसल, गांधीनगर मार्ग पर वाहनों का प्रवेश वर्जित हैं। इसलिए लोग शहर में आने के लिए एवं शहर से बाहर जाने को मालवीय मार्ग का सहारा ले रहे हैं। मगर, यहां भी अब बाजार सजने लगी हैं। यातायात का दबाव भी दोगुना हो गया है। ऐसे में कटरा, फव्वारा तिराहा, रौता चौराहा, नेहरू तिराहा पर अक्सर जाम लग जा रहा है। छोटे-बड़े सभी वाहन फंसे जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी की वजह से किसी तरह वाहनों को निकलवाया जा रहा है।
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रंग-बिरंगी रोशनी से नहाया शहर
गली-मोहल्ले, मुख्य बाजार, मठ-मंदिर सभी शाम ढलने के बाद रोशनी से नहाए नजर आए। रंग-बिरंगे झालरों से लोग दुकानों, मकानों को सजाए हुए हैं। चारों तरफ नजारा अद्भुत है। रात के समय आसमान में पटाखों की सतरंगी छटा बिखर रही है। घर-घर उत्सव जैसा माहौल हैं। मोहल्लों, काॅलोनियों में लोगों की चहल कदमी बनी हुई हैं।
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दीयों से जगमग हुई धरा
छोटी दीपावली के दिन शनिवार को धरती दीयों से जगमग हो उठी। शाम ढलने के बाद घरों एवं मंदिरों में विधि विधान से श्री गणेश, लक्ष्मी, श्री विष्णु, भोले शंकर आदि देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। उनके स्थल पर ज्योति जलाकर समूचे घर को दीयों से उजियार कर दिया। बच्चे, महिलाएं एक साथ घर से लेकर बाहर तक दीप जलाते रहे। देखते ही देखते धरा दीयों से जगमग हो गई। मठ-मंदिरों में तो हर घर से लाए गए दीपों की लंबी शृंखला तैयार हुई। चौतरफा दृश्य ऐसा मानो धरती से अंधकार मिटाने की मुहिम से जन-जन जुड़ गया हो। खेत, खलिहान तक दीयों से वंचित नहीं रहे।