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Basti News: मां की तरह की देखभाल, बेटे की तरह किया अंतिम संस्कार
Mon, 06 May 2024 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 06 May 2024 01:27 AM IST
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कोरोना लॉकडाउन के दौरान भूखी-प्यासी निराश्रित मिली थी बुजुर्ग
देवरिया से 25 वर्ष पहले आई थी अमहट चुंगी घर में रहने वाली महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान भूखी-प्यासी मिली बुजुर्ग महिला परिवार में होती तो शायद इतनी देखभाल न हो पाई होती। मगर, शनिवार को उसकी मृत्यु हो गई। चार साल तक चुंगी घर में रखकर मां की तरह देखभाल करने वाले भाजपा नेता आलोक पांडेय ने अपने तीन भाइयों व सहयोगियों के साथ मिल कर मां की तरह उसका अंतिम संस्कार किया। कहा जा रहा है कि आलोक पांडेय व उनकी टीम ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है।
देवरिया जिले से करीब 25 वर्ष पहले उस महिला के पति दो बच्चों को लेकर यहां आए थे। पुराने लोग बताते हैं कि उसका पति मालवीय रोड पर एपीएन पीजी कॉलेज के गेट के पास चाय की दुकान करता था। पति की मृत्यु के बाद उसके बच्चे मां को अनाथ आश्रम में छोड़कर कहीं चले गए। कुछ महीने रहने के बाद वहां की आब-ओ-हवा वृद्ध महिला काे रास नहीं आई।
वहां से भागकर वह अमहट के पास पहुंची। वहां बंद पड़े जर्जर चुंगी घर में रहने लगी। लॉकडाउन के दौरान एक सिपाही ने वहां के सभासद कृष्ण कुमार उर्फ मोनू पांडेय को सूचित किया कि भूखी-प्यासी महिला चुंगी घर में पड़ी हुई है। अपने छोटे भाई भाजपा नेता आलोक पांडेय, विजय पांडेय मुरली, अनिकेत पांडेय के साथ वह गए और भोजन-पानी का प्रबंध किया।
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बाद में उसके रहने के लिए चुंगी घर की टपक रही छत की मरम्मत करवाने से लेकर इलाज, पंखा-हीटर आदि तक की व्यवस्था की गई। आसपास के दुकानदार व अन्य लोग भी यथासंभव मदद करने लगे। चार साल तक सब लोगों ने उसकी परिवार की तरह देखभाल की। शनिवार को उसके अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भरत सिंह, शौर्य प्रताप सिंह, विवेक पांडेय लालन, कमलेश यादव, अतुल भट्ट, सचिन सिंह, अवनीश पांडेय, अनुराग शुक्ल, विजय पांडेय, रिंकू सिंह, राज सिंह, सूर्या उपाध्याय, प्रियाशु त्रिपाठी, कपिन मिश्रा, अनिकेत पांडेय,दुर्गेश पांडेय विशाल पाठक, अशोक वर्मा आदि का सराहनीय योगदान रहा।
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देवरिया से 25 वर्ष पहले आई थी अमहट चुंगी घर में रहने वाली महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान भूखी-प्यासी मिली बुजुर्ग महिला परिवार में होती तो शायद इतनी देखभाल न हो पाई होती। मगर, शनिवार को उसकी मृत्यु हो गई। चार साल तक चुंगी घर में रखकर मां की तरह देखभाल करने वाले भाजपा नेता आलोक पांडेय ने अपने तीन भाइयों व सहयोगियों के साथ मिल कर मां की तरह उसका अंतिम संस्कार किया। कहा जा रहा है कि आलोक पांडेय व उनकी टीम ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है।
देवरिया जिले से करीब 25 वर्ष पहले उस महिला के पति दो बच्चों को लेकर यहां आए थे। पुराने लोग बताते हैं कि उसका पति मालवीय रोड पर एपीएन पीजी कॉलेज के गेट के पास चाय की दुकान करता था। पति की मृत्यु के बाद उसके बच्चे मां को अनाथ आश्रम में छोड़कर कहीं चले गए। कुछ महीने रहने के बाद वहां की आब-ओ-हवा वृद्ध महिला काे रास नहीं आई।
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वहां से भागकर वह अमहट के पास पहुंची। वहां बंद पड़े जर्जर चुंगी घर में रहने लगी। लॉकडाउन के दौरान एक सिपाही ने वहां के सभासद कृष्ण कुमार उर्फ मोनू पांडेय को सूचित किया कि भूखी-प्यासी महिला चुंगी घर में पड़ी हुई है। अपने छोटे भाई भाजपा नेता आलोक पांडेय, विजय पांडेय मुरली, अनिकेत पांडेय के साथ वह गए और भोजन-पानी का प्रबंध किया।
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बाद में उसके रहने के लिए चुंगी घर की टपक रही छत की मरम्मत करवाने से लेकर इलाज, पंखा-हीटर आदि तक की व्यवस्था की गई। आसपास के दुकानदार व अन्य लोग भी यथासंभव मदद करने लगे। चार साल तक सब लोगों ने उसकी परिवार की तरह देखभाल की। शनिवार को उसके अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भरत सिंह, शौर्य प्रताप सिंह, विवेक पांडेय लालन, कमलेश यादव, अतुल भट्ट, सचिन सिंह, अवनीश पांडेय, अनुराग शुक्ल, विजय पांडेय, रिंकू सिंह, राज सिंह, सूर्या उपाध्याय, प्रियाशु त्रिपाठी, कपिन मिश्रा, अनिकेत पांडेय,दुर्गेश पांडेय विशाल पाठक, अशोक वर्मा आदि का सराहनीय योगदान रहा।