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Basti News: विभाग मेहरबान... ठेका परमिट पर सवारी भरकर लखनऊ-दिल्ली तक दौड़ रही निजी बसें
Sat, 07 Oct 2023 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 07 Oct 2023 12:35 AM IST
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- लांग रूट पर सवारियां लेकर चल रही ठेका परमिट की गाड़ियां
- 5 हजार प्रतिमाह चढ़ावा चढ़ाने पर प्राइवेट लोग देते हैं रूट कोड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिवहन विभाग के अधिकारी ठेका परमिट की गाड़ियाें पर खासे मेहरबान हैं। इसी मेहरबानी के कारण रोज सवारियां भरक हाईवे पर लखनऊ-दिल्ली तक यह गाड़ियां फर्राटे भर रही हैं। मंडल क तीनों जिलों में इन गाड़ियों से लंबी दूरी की सवारियां ढोने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। परिवहन विभाग के प्रवर्तन कार्य से जुड़े जिला व मंडल स्तर के अधिकारियों को यह खेल नहीं दिख रहा है।
मंडल के तीनों जिलों में 117 प्राइवेट लग्जरी बसों को विभाग ने ऑल इंडिया ठेका परमिट जारी किया है। वहीं ऑल यूपी ठेका परमिट की 124 गाड़िया दर्ज है। विभाग से हुए अनुबंध के अनुसार इन गाड़ियों को फुटकर सवारी लेकर चलने की अनुमति नहीं है। यात्रियों के समूह की बुकिंग करके ही लंबी दूरी तय करना अनुमन्य है। मगर यहां खेल उलटा है। ऑल इंडिया ठेका परमिट की लग्जरी गाड़ियां लखनऊ, दिल्ली एवं अन्य प्रांतों के लिए प्रत्येक दूसरे दिन सवारियां भरकर रवाना हो रही है। हाईवे पर यह नजारा हर घंटे देखने को मिल रहा है। वातानुकूलित डबल डेकर बस सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर के अलावा बस्ती जिले के हाईवे पर टोल प्लाजा, मूड़घाट, फुटहिया पर आकर रूक रही है। यहां से सवारियां बैठाने के बाद आगे बढ़ रही है। इसी तरह ऑल यूपी परमिट की गाड़िया मंडल के अन्य जनपदों से होकर यहां बाघनगर, हंडिया, बड़ेवन, बनकटी, कुदरहा, कलवारी, देईसाड़, महसो, सिविल लाइन, रोडवेज, बड़ेवन, मूड़घाट आदि जगहों पर लखनऊ, फैजाबाद की सवारियां भरी जा रही है। जिम्मेदार इन गाड़ियों के अवैध संचलन पर रोक नहीं लगा रहे हैं।
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कोड पर चल रही है ठेका परमिट की गाड़ियां
ठेका परमिट की लग्जरी गाड़ियों को सवारी में चलने की सेटिंग प्राइवेट लोगों के जिम्मे हैं। यह लोग प्रवर्तन से जुड़े अफसरों के साथ चलते हैं। इनके द्वारा लांग रूट पर सवारी भरकर चलने वाली इन गाड़ियों को कोड दिया जाता है। बेरोकटोक सवारी भरकर लखनऊ, दिल्ली चलने के लिए गाड़ी मालिक को प्रतिमाह 5 हजार रुपये चढ़ावा चढ़ाना पढ़ रहा है। यह रकम गाड़ी मालिक प्राइवेट लोगों के हाथ में देते हैं, उन्हीें के जरिये विभाग में फील गुड हो रहा है। चेकिंग के दौरान गाड़ी चालक जैसे ही कोड बताते हैं लिस्ट से मिलान कर छोड़ दिया जाता है। यह लिस्ट चेकिंग अफसर के पास न होकर उनके साथ चलने वाले प्राइवेट लोगों के पास रहता है।
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बड़ेवन बन गया है स्टैंड
लंबी दूरी तक चलने वाली लग्जरी गाड़ियों का बड़ेवन चौराहा अस्थाई स्टैंड बन गया है। यहां लखनऊ और दिल्ली के लिए प्राइवेट लग्जरी बसों की भरमार है। इनके पास सवारी भरकर चलने का परमिट नहीं है। यहां हाईवे के सर्विस रोड पर लंबी दूरी तक इन गाड़ियों की लाइन रोज लग रही है।
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क्या है ठेका परमिट
नई लग्जरी बसों को रूट परमिट न देकर ठेका परमिट दिया जा रहा है। यह स्टेट और नेशनल लेवल पर बनाया जाता है। ऑल यूपी परमिट मंडल स्तर पर जारी होता है। जबकि ऑल इंडिया परमिट शासन स्तर से जारी किया जाता है। इसके तहत यात्रियों द्वारा बुकिंग करने पर यह गाड़ी टूर पर जा सकती है। प्रत्येक बुकिंग का विवरण विभाग को देना पड़ता है।
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मंडल में गाड़ियों का विवरण
संतकबीरनगर जिले की ऑल इंडिया परमिट की दस और ऑल यूपी परमिट की 24 बसें दर्ज है। सिद्धार्थनगर की ऑल इंडिया परमिट की 4 और यूपी परमिट की 25 तथा सबसे ज्यादा बस्ती जिले में ऑल इंडिया परमिट की 103 और ऑल यूपी परमिट की 75 गाड़िया परिवहन विभाग में दर्ज है। इस तरह मंडल में ऑल यूपी की 124 और ऑल इंडिया परमिट की 117 गाड़ियां दर्ज है।
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पिछले महीने पकड़े थे 35 गाड़ियां
ऑल यूपी और ऑल इंडिया स्तर पर जारी ठेका परमिट की गाड़ियों की चेकिंग निरंतर की जा रही है। सितंबर में 35 बसों को सवारियां ढोते हुए पकड़ा गया था। जिन पर कार्रवाई की गई है।
पंकज सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन, बस्ती।
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ठेका परमिट की गाड़ियां रास्ते भर सवारियां भरकर चलने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा है तो हाईवे समेत मंडल के सभी रूटों पर सघन चेकिंग कराई जाएगी।
फरीदुद्दीन, आरटीओ प्रशासन, बस्ती मंडल।
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- 5 हजार प्रतिमाह चढ़ावा चढ़ाने पर प्राइवेट लोग देते हैं रूट कोड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिवहन विभाग के अधिकारी ठेका परमिट की गाड़ियाें पर खासे मेहरबान हैं। इसी मेहरबानी के कारण रोज सवारियां भरक हाईवे पर लखनऊ-दिल्ली तक यह गाड़ियां फर्राटे भर रही हैं। मंडल क तीनों जिलों में इन गाड़ियों से लंबी दूरी की सवारियां ढोने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। परिवहन विभाग के प्रवर्तन कार्य से जुड़े जिला व मंडल स्तर के अधिकारियों को यह खेल नहीं दिख रहा है।
मंडल के तीनों जिलों में 117 प्राइवेट लग्जरी बसों को विभाग ने ऑल इंडिया ठेका परमिट जारी किया है। वहीं ऑल यूपी ठेका परमिट की 124 गाड़िया दर्ज है। विभाग से हुए अनुबंध के अनुसार इन गाड़ियों को फुटकर सवारी लेकर चलने की अनुमति नहीं है। यात्रियों के समूह की बुकिंग करके ही लंबी दूरी तय करना अनुमन्य है। मगर यहां खेल उलटा है। ऑल इंडिया ठेका परमिट की लग्जरी गाड़ियां लखनऊ, दिल्ली एवं अन्य प्रांतों के लिए प्रत्येक दूसरे दिन सवारियां भरकर रवाना हो रही है। हाईवे पर यह नजारा हर घंटे देखने को मिल रहा है। वातानुकूलित डबल डेकर बस सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर के अलावा बस्ती जिले के हाईवे पर टोल प्लाजा, मूड़घाट, फुटहिया पर आकर रूक रही है। यहां से सवारियां बैठाने के बाद आगे बढ़ रही है। इसी तरह ऑल यूपी परमिट की गाड़िया मंडल के अन्य जनपदों से होकर यहां बाघनगर, हंडिया, बड़ेवन, बनकटी, कुदरहा, कलवारी, देईसाड़, महसो, सिविल लाइन, रोडवेज, बड़ेवन, मूड़घाट आदि जगहों पर लखनऊ, फैजाबाद की सवारियां भरी जा रही है। जिम्मेदार इन गाड़ियों के अवैध संचलन पर रोक नहीं लगा रहे हैं।
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कोड पर चल रही है ठेका परमिट की गाड़ियां
ठेका परमिट की लग्जरी गाड़ियों को सवारी में चलने की सेटिंग प्राइवेट लोगों के जिम्मे हैं। यह लोग प्रवर्तन से जुड़े अफसरों के साथ चलते हैं। इनके द्वारा लांग रूट पर सवारी भरकर चलने वाली इन गाड़ियों को कोड दिया जाता है। बेरोकटोक सवारी भरकर लखनऊ, दिल्ली चलने के लिए गाड़ी मालिक को प्रतिमाह 5 हजार रुपये चढ़ावा चढ़ाना पढ़ रहा है। यह रकम गाड़ी मालिक प्राइवेट लोगों के हाथ में देते हैं, उन्हीें के जरिये विभाग में फील गुड हो रहा है। चेकिंग के दौरान गाड़ी चालक जैसे ही कोड बताते हैं लिस्ट से मिलान कर छोड़ दिया जाता है। यह लिस्ट चेकिंग अफसर के पास न होकर उनके साथ चलने वाले प्राइवेट लोगों के पास रहता है।
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बड़ेवन बन गया है स्टैंड
लंबी दूरी तक चलने वाली लग्जरी गाड़ियों का बड़ेवन चौराहा अस्थाई स्टैंड बन गया है। यहां लखनऊ और दिल्ली के लिए प्राइवेट लग्जरी बसों की भरमार है। इनके पास सवारी भरकर चलने का परमिट नहीं है। यहां हाईवे के सर्विस रोड पर लंबी दूरी तक इन गाड़ियों की लाइन रोज लग रही है।
क्या है ठेका परमिट
नई लग्जरी बसों को रूट परमिट न देकर ठेका परमिट दिया जा रहा है। यह स्टेट और नेशनल लेवल पर बनाया जाता है। ऑल यूपी परमिट मंडल स्तर पर जारी होता है। जबकि ऑल इंडिया परमिट शासन स्तर से जारी किया जाता है। इसके तहत यात्रियों द्वारा बुकिंग करने पर यह गाड़ी टूर पर जा सकती है। प्रत्येक बुकिंग का विवरण विभाग को देना पड़ता है।
मंडल में गाड़ियों का विवरण
संतकबीरनगर जिले की ऑल इंडिया परमिट की दस और ऑल यूपी परमिट की 24 बसें दर्ज है। सिद्धार्थनगर की ऑल इंडिया परमिट की 4 और यूपी परमिट की 25 तथा सबसे ज्यादा बस्ती जिले में ऑल इंडिया परमिट की 103 और ऑल यूपी परमिट की 75 गाड़िया परिवहन विभाग में दर्ज है। इस तरह मंडल में ऑल यूपी की 124 और ऑल इंडिया परमिट की 117 गाड़ियां दर्ज है।
पिछले महीने पकड़े थे 35 गाड़ियां
ऑल यूपी और ऑल इंडिया स्तर पर जारी ठेका परमिट की गाड़ियों की चेकिंग निरंतर की जा रही है। सितंबर में 35 बसों को सवारियां ढोते हुए पकड़ा गया था। जिन पर कार्रवाई की गई है।
पंकज सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन, बस्ती।
ठेका परमिट की गाड़ियां रास्ते भर सवारियां भरकर चलने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा है तो हाईवे समेत मंडल के सभी रूटों पर सघन चेकिंग कराई जाएगी।
फरीदुद्दीन, आरटीओ प्रशासन, बस्ती मंडल।