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दलदल में नया वाशिंग पिट, गंदी हो रहीं रोडवेज बसें
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नई वाशिंग पिट में साफ होने की बजाय गंदी हो रही बसें
दलदल में बना वाशिंग पिट, वर्कशॉप परिसर जलभराव
थोड़ी सी बरसात में जलमग्न हो जाता है कार्यशाला परिसर
परिसर में बिना उच्चीकरण के डीजल शेड भी है प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बस्ती डिपो में निचली जगह पर स्थापित नया वाशिंग पिट बेमतलब साबित हो रहा है। लिहाजा धुलकर निकल रही बसें भी गंदी हो जा रही है। इससे चालक के साथ ही वाशिंगमैन भी हलकान हो रहे हैं।
बस्ती डिपो के कार्यशाला परिसर में दस माह पहले नया वाशिंग पिट स्थापित किया गया है। परिसर के उत्तरी-पूर्वी छोर पर स्थापित वाशिंग पिट बहुत ही निचली सतह पर बनाया गया है। यहां थोड़ी सी बरसात में भी जलभराव हो जाता है। इसका प्रमुख कारण यह है कि यहां जलनिकासी का इंतजाम ही नहीं है। जबकि चारदीवारी के अगल-बगल के आवासीय परिसर ऊंची जगह पर स्थापित हो चुके हैं। तकरीबन डेढ़ साल पहले जब डिपो में लगभग 57 लाख के निर्माण कार्य प्रस्तावित हुए तो कार्यशाला परिसर के उच्चीकरण के लिए कोई योजना ही नहीं बनाई गई। जबकि वाशिंग पिट और डीजल शेड भी इसी परिसर में ही स्थापित किए जाने के लिए चिह्नित कर दिया गया। वाशिंग पिट तो तैयार हो गया लेकिन आसपास के दलदल के कारण धुली गई बसें जब निकलती हैं तो दोबारा फिर गंदी हो जाती है। दूसरी तरफ चालकों-परिचालकों को यह भी डर सताने लगा है कि अगर डीजल शेड भी बिना परिसर के उच्चीकरण किए स्थापित कर दिया गया तो डीजल भराने के लिए भी बसों को दलदल के बीच से गुजरना पड़ेगा। इस बाबत बस्ती डिपो के सीनियर फोरमैन चंद्रभान भाष्कर ने बताया कि वर्कशॉप परिसर के उच्चीकरण के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसका प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा।
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दलदल में बना वाशिंग पिट, वर्कशॉप परिसर जलभराव
थोड़ी सी बरसात में जलमग्न हो जाता है कार्यशाला परिसर
परिसर में बिना उच्चीकरण के डीजल शेड भी है प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बस्ती डिपो में निचली जगह पर स्थापित नया वाशिंग पिट बेमतलब साबित हो रहा है। लिहाजा धुलकर निकल रही बसें भी गंदी हो जा रही है। इससे चालक के साथ ही वाशिंगमैन भी हलकान हो रहे हैं।
बस्ती डिपो के कार्यशाला परिसर में दस माह पहले नया वाशिंग पिट स्थापित किया गया है। परिसर के उत्तरी-पूर्वी छोर पर स्थापित वाशिंग पिट बहुत ही निचली सतह पर बनाया गया है। यहां थोड़ी सी बरसात में भी जलभराव हो जाता है। इसका प्रमुख कारण यह है कि यहां जलनिकासी का इंतजाम ही नहीं है। जबकि चारदीवारी के अगल-बगल के आवासीय परिसर ऊंची जगह पर स्थापित हो चुके हैं। तकरीबन डेढ़ साल पहले जब डिपो में लगभग 57 लाख के निर्माण कार्य प्रस्तावित हुए तो कार्यशाला परिसर के उच्चीकरण के लिए कोई योजना ही नहीं बनाई गई। जबकि वाशिंग पिट और डीजल शेड भी इसी परिसर में ही स्थापित किए जाने के लिए चिह्नित कर दिया गया। वाशिंग पिट तो तैयार हो गया लेकिन आसपास के दलदल के कारण धुली गई बसें जब निकलती हैं तो दोबारा फिर गंदी हो जाती है। दूसरी तरफ चालकों-परिचालकों को यह भी डर सताने लगा है कि अगर डीजल शेड भी बिना परिसर के उच्चीकरण किए स्थापित कर दिया गया तो डीजल भराने के लिए भी बसों को दलदल के बीच से गुजरना पड़ेगा। इस बाबत बस्ती डिपो के सीनियर फोरमैन चंद्रभान भाष्कर ने बताया कि वर्कशॉप परिसर के उच्चीकरण के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसका प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा।
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