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बस्ती: मनोरमा नदी के उद्धार का भगीरथ प्रयास शुरू
Thu, 16 Feb 2023 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 Feb 2023 11:56 PM IST
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अटल बिहारी प्रेक्षागृह में कार्यशाला को संबोधित करती डीएम प्रियंका निरंजन।
बस्ती। अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रही प्रभु श्रीराम की मनोरमा नदी के उद्धार का भगीरथ प्रयास शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से डीएम प्रियंका निरंजन इसे लेकर गंभीर हो गई हैं। मनोरमा के मंद होते प्रवाह को गतिमान बनाने के लिए बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय व नोडल अधिकारियों की बैठक हुई। डीएम ने इस नदी का सर्वे सप्ताह भर में पूरा कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में डीएम ने कहा कि जिले में लगभग 115 किमी नदी प्रवाहित होती है। नदी के क्षेत्र में परशुरामपुर ब्लाक में 18, विक्रमजोत में 8, बहादुरपुर में 26 तथा कुदरहा ब्लॉक में कुल 10 ग्राम पंचायत शामिल हैं। कहा कि मई के अंत तक यह पुनरुद्धार कार्य पूरा किया जाएगा ताकि बरसात में जल संरक्षण का कार्य किया जा सके। फसल को नुकसान न हो तथा नदी प्राकृतिक रूप से प्रवाहित हो।
निर्देश दिया है कि सर्वे में पानी के बहाव की स्थिति, सिल्ट एवं जलकुंभी की सफाई की आवश्यकता, मनोरमा नदी से जुड़ने वाले नालों की संख्या, नदी के 1 किमी परिक्षेत्र में उपलब्ध तालाबों की कुल संख्या तथा पिछले 5 वर्षों में कराए गए तालाबों में खुदाई का कार्य की सूचना देनी होगी। इसके आधार पर मनोरमा नदी की सफाई की कार्य योजना तैयार की जाएगी।
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डीएम ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नदी की सफाई के साथ-साथ घाट निर्माण, पौधरोपण, जुड़ने वाले नालों की सफाई कराकर नदी का पुनरुद्धार किया जाएगा। कहा कि लेखपाल नदी का सीमांकन करेंगे तथा ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा तकनीकी सहायक सफाई, पौध रोपण एवं घाट निर्माण की कार्य योजना बनाकर कार्य करें। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल नामित किया गया है।
सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि मनोरमा नदी अवध क्षेत्र के 84 कोसी परिक्रमा पथ पर तथा इस नदी के तट पर मखौड़ा तथा श्रृंगीनारी प्रमुख स्थल स्थित है। भविष्य में अयोध्या के विकास को देखते हुए क्षेत्र का महत्व बढ़ जाता है। अधिशासी अभियंता सिंचाई सरयू नहर खंड- 4 राकेश कुमार गौतम ने बताया कि इस नदी की पुनरुद्धार के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय से तकनीकी सहायता ली जा रही है। उपायुक्त मनरेगा संजय शर्मा ने बताया कि जल संरक्षण के लिए मनरेगा से कार्य कराए जाने की अनुमति है। जिले में मनोरमा नदी के विलुप्त होने की स्थिति को देखते हुए इस नदी के पुनरुद्धार की आवश्यकता है।
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अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में डीएम ने कहा कि जिले में लगभग 115 किमी नदी प्रवाहित होती है। नदी के क्षेत्र में परशुरामपुर ब्लाक में 18, विक्रमजोत में 8, बहादुरपुर में 26 तथा कुदरहा ब्लॉक में कुल 10 ग्राम पंचायत शामिल हैं। कहा कि मई के अंत तक यह पुनरुद्धार कार्य पूरा किया जाएगा ताकि बरसात में जल संरक्षण का कार्य किया जा सके। फसल को नुकसान न हो तथा नदी प्राकृतिक रूप से प्रवाहित हो।
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निर्देश दिया है कि सर्वे में पानी के बहाव की स्थिति, सिल्ट एवं जलकुंभी की सफाई की आवश्यकता, मनोरमा नदी से जुड़ने वाले नालों की संख्या, नदी के 1 किमी परिक्षेत्र में उपलब्ध तालाबों की कुल संख्या तथा पिछले 5 वर्षों में कराए गए तालाबों में खुदाई का कार्य की सूचना देनी होगी। इसके आधार पर मनोरमा नदी की सफाई की कार्य योजना तैयार की जाएगी।
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डीएम ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नदी की सफाई के साथ-साथ घाट निर्माण, पौधरोपण, जुड़ने वाले नालों की सफाई कराकर नदी का पुनरुद्धार किया जाएगा। कहा कि लेखपाल नदी का सीमांकन करेंगे तथा ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा तकनीकी सहायक सफाई, पौध रोपण एवं घाट निर्माण की कार्य योजना बनाकर कार्य करें। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल नामित किया गया है।
सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि मनोरमा नदी अवध क्षेत्र के 84 कोसी परिक्रमा पथ पर तथा इस नदी के तट पर मखौड़ा तथा श्रृंगीनारी प्रमुख स्थल स्थित है। भविष्य में अयोध्या के विकास को देखते हुए क्षेत्र का महत्व बढ़ जाता है। अधिशासी अभियंता सिंचाई सरयू नहर खंड- 4 राकेश कुमार गौतम ने बताया कि इस नदी की पुनरुद्धार के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय से तकनीकी सहायता ली जा रही है। उपायुक्त मनरेगा संजय शर्मा ने बताया कि जल संरक्षण के लिए मनरेगा से कार्य कराए जाने की अनुमति है। जिले में मनोरमा नदी के विलुप्त होने की स्थिति को देखते हुए इस नदी के पुनरुद्धार की आवश्यकता है।