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Basti News: एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक से हुआ है 2.21 अरब का लेनदेन
Thu, 19 Oct 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 19 Oct 2023 12:22 AM IST
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मजदूर के खाते में 2.21 करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला
बैंक शाखा वालों ने ब्योरा देने से किया इन्कार
आयकर विभाग के जरिये इन दोनों बैंक के बारे में मिली थी शिवप्रसाद को जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मजदूर के खाते से 2.21 अरब रुपये का लेनदेन होने के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग के जरिये पता चला है कि 2019-2020 के दौरान शिव प्रसाद के नाम से खुले एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक के खाते से इतनी बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है। आयकर विभाग का नोटिस पाकर परेशान मजदूर शिव प्रसाद बुधवार को यहां की दोनों बैंक शाखाओं में उन खातों का डिटेल लेने गया, लेकिन बैंक अधिकारियों ने यह कहते हुए लौटा दिया कि ये खाते उनकी शाखा के नहीं हैं, इसलिए ग्राहक की गोपनीयता के लिहाज से खातों का ब्योरा साझा नहीं कर सकते। बताया जा रहा है कि दोनों खाते नोएडा ब्रांच में खोले गए हैं।
जानकारी के अनुसार, लालगंज थाना क्षेत्र के बरतनिया गांव निवासी शिव प्रसाद के घर आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा था, जिसमें उनके पैनकार्ड से खोले गए बैंक खाते में 02 अरब, 21 करोड़, 30 लाख सात रुपये के लेनदेन का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने को कहा गया है। दिल्ली में मार्बल और टाइल्स घिसाई का काम करने वाले मजदूर शिव प्रसाद से इतनी बड़ी रकम का हिसाब मांगे जाने से वह बेहद परेशान है।
मंगलवार को वह आयकर कार्यालय पहुंचा था, जहां अधिकारियों से सफाई दी कि उसके पास सिर्फ दो खाते हैं। इनमें एक खाता दिल्ली के केनरा बैंक और दूसरा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लालगंज बाजार में है। केनरा बैंक में बैलेंस जीरो है, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लालगंज बाजार के खाते में लगभग 30 हजार रुपये जमा हैं। शिव प्रसाद ने बताया कि उसने एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक के किसी शाखा में कभी खाता नहीं खोला है। जबकि आयकर विभाग का कहना है कि यह दोनों खाते शिव प्रसाद के नाम से ही खुले हैं। उन खातों का विभागीय स्तर पर ब्योरा मांगा गया है।
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सामने आनी चाहिए सच्चाई
आयकर विभाग के नोटिस से परेशान शिव प्रसाद ने बताया कि वह चाहता है कि इतनी बड़ी हेरफेर की असलियत सामने आनी चाहिए। आखिर किसने उसके नाम पर इतना बड़ा फ्राड किया, इसका पता लगना चाहिए। इसके लिए वह बच्चों को दिल्ली में छोड़कर पांच दिन से यहां भटक रहा है। वहां पत्नी और बच्चे परेशान हैं। उसका कहना है कि अभी बैंक वाले और आयकर विभाग से कोई खास सहयोग नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को वह फिर कोशिश करेगा ताकि इस मामले की तह तक जाया जा सके और नोटिस की झंझट से छुटकारा मिल सके।
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किसी बड़ी साजिश की आशंका
2.21 अरब रुपये के लेनदेन के इस खेल में किसी बड़ी साजिश की आशंका व्यक्त की जा रही है। शिव प्रसाद ने बताया कि उसका पैनकार्ड 2019 में कहीं गुम हो गया था। उसके पास पैनकार्ड की फोटो कॉपी थी, इसलिए जरूरत पड़ने पर उसी से काम चलाता रहा। आयकर विभाग के नोटिस में यह लेनदेन भी 2019-20 की बताई जा रही है जिसमें भुगतान में चार लाख 58 हजार 715 रुपये टीडीएस कटने की जानकारी भी दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि किसी ने उसके पैनकार्ड और अन्य अभिलेख के जरिये फर्जी खाता खोलकर बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन करता रहा। शिव प्रसाद चाहता है कि ऐसा करने वालों का खुलासा हो।
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बैंक शाखा वालों ने ब्योरा देने से किया इन्कार
आयकर विभाग के जरिये इन दोनों बैंक के बारे में मिली थी शिवप्रसाद को जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मजदूर के खाते से 2.21 अरब रुपये का लेनदेन होने के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आयकर विभाग के जरिये पता चला है कि 2019-2020 के दौरान शिव प्रसाद के नाम से खुले एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक के खाते से इतनी बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है। आयकर विभाग का नोटिस पाकर परेशान मजदूर शिव प्रसाद बुधवार को यहां की दोनों बैंक शाखाओं में उन खातों का डिटेल लेने गया, लेकिन बैंक अधिकारियों ने यह कहते हुए लौटा दिया कि ये खाते उनकी शाखा के नहीं हैं, इसलिए ग्राहक की गोपनीयता के लिहाज से खातों का ब्योरा साझा नहीं कर सकते। बताया जा रहा है कि दोनों खाते नोएडा ब्रांच में खोले गए हैं।
जानकारी के अनुसार, लालगंज थाना क्षेत्र के बरतनिया गांव निवासी शिव प्रसाद के घर आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा था, जिसमें उनके पैनकार्ड से खोले गए बैंक खाते में 02 अरब, 21 करोड़, 30 लाख सात रुपये के लेनदेन का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने को कहा गया है। दिल्ली में मार्बल और टाइल्स घिसाई का काम करने वाले मजदूर शिव प्रसाद से इतनी बड़ी रकम का हिसाब मांगे जाने से वह बेहद परेशान है।
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मंगलवार को वह आयकर कार्यालय पहुंचा था, जहां अधिकारियों से सफाई दी कि उसके पास सिर्फ दो खाते हैं। इनमें एक खाता दिल्ली के केनरा बैंक और दूसरा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लालगंज बाजार में है। केनरा बैंक में बैलेंस जीरो है, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लालगंज बाजार के खाते में लगभग 30 हजार रुपये जमा हैं। शिव प्रसाद ने बताया कि उसने एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक के किसी शाखा में कभी खाता नहीं खोला है। जबकि आयकर विभाग का कहना है कि यह दोनों खाते शिव प्रसाद के नाम से ही खुले हैं। उन खातों का विभागीय स्तर पर ब्योरा मांगा गया है।
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सामने आनी चाहिए सच्चाई
आयकर विभाग के नोटिस से परेशान शिव प्रसाद ने बताया कि वह चाहता है कि इतनी बड़ी हेरफेर की असलियत सामने आनी चाहिए। आखिर किसने उसके नाम पर इतना बड़ा फ्राड किया, इसका पता लगना चाहिए। इसके लिए वह बच्चों को दिल्ली में छोड़कर पांच दिन से यहां भटक रहा है। वहां पत्नी और बच्चे परेशान हैं। उसका कहना है कि अभी बैंक वाले और आयकर विभाग से कोई खास सहयोग नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को वह फिर कोशिश करेगा ताकि इस मामले की तह तक जाया जा सके और नोटिस की झंझट से छुटकारा मिल सके।
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किसी बड़ी साजिश की आशंका
2.21 अरब रुपये के लेनदेन के इस खेल में किसी बड़ी साजिश की आशंका व्यक्त की जा रही है। शिव प्रसाद ने बताया कि उसका पैनकार्ड 2019 में कहीं गुम हो गया था। उसके पास पैनकार्ड की फोटो कॉपी थी, इसलिए जरूरत पड़ने पर उसी से काम चलाता रहा। आयकर विभाग के नोटिस में यह लेनदेन भी 2019-20 की बताई जा रही है जिसमें भुगतान में चार लाख 58 हजार 715 रुपये टीडीएस कटने की जानकारी भी दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि किसी ने उसके पैनकार्ड और अन्य अभिलेख के जरिये फर्जी खाता खोलकर बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन करता रहा। शिव प्रसाद चाहता है कि ऐसा करने वालों का खुलासा हो।