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Basti News: रिश्तेदार बनकर ऑनलाइन मांग रहे रुपये, सामने आ चुके कई मामले
Thu, 29 Feb 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 29 Feb 2024 01:04 AM IST
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रिश्तेदार बनकर ऑनलाइन मांग रहे रूपये, सामने आ चुके कई मामले- पहले गलती से रुपये चले जाने की बात करके देते हैं झांसा
- ऑन लाइन रुपये वापस करने को कहकर करते हैं ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधी अब रिश्तेदार बनकर रुपये मांग रहे हैं। पहले वह फर्जी मैसेज भेजकर कहते हैं कि गलती से उनके नंबर पर रुपए चले गए हैं,फिर वापस करने के बहाने चूना लगा रहे हैं। मंगलवार को 75 हजार रुपये उड़ाए गए। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि यह साइबर अपराधियों का नया ट्रेंड है। इसके लिए झांसा देते हैं उपहार भेजने या फिर कैश जमा कराने का। यदि आप इनके झांसे में आ गए तो बैंक का खाता खाली होना तय है। पुलिस के पास पांच दिन में ऐसी दो शिकायत आईं हैं, जिनमें एफआईआर दर्ज की गई है।
साइबर अपराधी ट्रू कॉलर जैसे एप की मदद से उस शख्स का नाम मालूम कर लेते हैं। इसके बाद फोन नाम लेकर बुलाते हैं। ऐसे में जिसके पास फोन आया होता है, भ्रम में पड़ जाता है। ऐसे में साइबर अपराधियों की बातों में फंसकर बैंंक खाते का डिटेल बता देता है। कुछ ऐसी ही घटनाएं इन दिनों हो रही हैं। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि साइबर अपराधी इस तरह के फ्राड इधर काफी करने लगे हैं। लोगों को बिना पुष्टि के ऑन लाइन रुपये नहीं भेजने चाहिए। ऐसा हो जाने पर तत्काल साइबर सेल को सूचित करना चाहिए।
...
केस एक...........
बहन का नाम लेकर सात हजार का चूना
- छावनी थाना क्षेत्र के खजुरी निवासी शैलेश कुमार से ठगों ने फोन करके उसकी बहन पूजा का नाम लेते हुए खुद को उसका पति बताकर भरोसे में ले लिया। फिर खाते में दस हजार रुपए भेजने की बात कही और पीड़ित के मोबाइल पर दस हजार रुपए के क्रेडिट का मैसेज भेज दिया। पांच दिन बाद रुपये वापस लेने की बात कहा। करीब 3 घंटे बाद साइबर ठगों ने पुनः मोबाइल पर फोन करके हॉस्पिटल की इमरजेंसी बताकर रुपये वापस मांगा। उसने थाना क्षेत्र के अमोढ़ा कस्बे के दुकानदार जसवंत से ठग के बताए नंबर पर सात हजार रुपये तीन बार में भेज दिया। बाद में ठगे जाने का अहसास हुआ। जिसके बाद पीड़ित ने छावनी थाना व साइबर क्राइम में शिकायत किया।
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केस दो..........
खुद को जीजा बताकर 20 हजार रुपये ठग लिए
- सोनहा क्षेत्र के सिहारी सरदहा गांव के रतिकेश शर्मा के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। सामने व्यक्ति ने खुद रतिकेश का जीजा बताया। कहा कि मां की तबीयत खराब है। तत्काल रुपयों की जरूरत है। बीस हजार रुपये भेज दीजिए, वापस लौटा दूंगा। हूबहू आवाज आने पर विश्वास करके रतिकेश ने बीस हजार रुपये भेज दिए। रुपये फोन करने वाले के खाते में जाने के बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। इसके बाद रतिकेश को समझ में आया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उनकी तहरीर पर सोनहा थाने में केस दर्ज हुआ।
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इस तरह करें बचाव
- अनजान नंबर से आ रहे फोन कॉल का जवाब देने में सतर्कता बरतें।
- अगर कोई आपका परिचित बनकर अनजान नंबर से फोन करे, तो पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
- फ्रॉड करने वाले अक्सर अर्जेंट, तुरंत, अभी जैसी जरूरतों का बहाना देते हैं, तो इनसे अलर्ट रहें।
- संदिग्ध मैसेज या ईमेल में भेजे गए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- अज्ञात स्रोतों से मिले क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें।
- अपने बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारियां किसी को न दें।
- कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत बैंक/पुलिस में शिकायत करें।
- डर/घबराहट से बचें। आपका डर अपराधियों का हथियार बन जाता है।
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- ऑन लाइन रुपये वापस करने को कहकर करते हैं ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। साइबर अपराधी अब रिश्तेदार बनकर रुपये मांग रहे हैं। पहले वह फर्जी मैसेज भेजकर कहते हैं कि गलती से उनके नंबर पर रुपए चले गए हैं,फिर वापस करने के बहाने चूना लगा रहे हैं। मंगलवार को 75 हजार रुपये उड़ाए गए। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि यह साइबर अपराधियों का नया ट्रेंड है। इसके लिए झांसा देते हैं उपहार भेजने या फिर कैश जमा कराने का। यदि आप इनके झांसे में आ गए तो बैंक का खाता खाली होना तय है। पुलिस के पास पांच दिन में ऐसी दो शिकायत आईं हैं, जिनमें एफआईआर दर्ज की गई है।
साइबर अपराधी ट्रू कॉलर जैसे एप की मदद से उस शख्स का नाम मालूम कर लेते हैं। इसके बाद फोन नाम लेकर बुलाते हैं। ऐसे में जिसके पास फोन आया होता है, भ्रम में पड़ जाता है। ऐसे में साइबर अपराधियों की बातों में फंसकर बैंंक खाते का डिटेल बता देता है। कुछ ऐसी ही घटनाएं इन दिनों हो रही हैं। आईजी आरके भारद्वाज ने बताया कि साइबर अपराधी इस तरह के फ्राड इधर काफी करने लगे हैं। लोगों को बिना पुष्टि के ऑन लाइन रुपये नहीं भेजने चाहिए। ऐसा हो जाने पर तत्काल साइबर सेल को सूचित करना चाहिए।
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केस एक...........
बहन का नाम लेकर सात हजार का चूना
- छावनी थाना क्षेत्र के खजुरी निवासी शैलेश कुमार से ठगों ने फोन करके उसकी बहन पूजा का नाम लेते हुए खुद को उसका पति बताकर भरोसे में ले लिया। फिर खाते में दस हजार रुपए भेजने की बात कही और पीड़ित के मोबाइल पर दस हजार रुपए के क्रेडिट का मैसेज भेज दिया। पांच दिन बाद रुपये वापस लेने की बात कहा। करीब 3 घंटे बाद साइबर ठगों ने पुनः मोबाइल पर फोन करके हॉस्पिटल की इमरजेंसी बताकर रुपये वापस मांगा। उसने थाना क्षेत्र के अमोढ़ा कस्बे के दुकानदार जसवंत से ठग के बताए नंबर पर सात हजार रुपये तीन बार में भेज दिया। बाद में ठगे जाने का अहसास हुआ। जिसके बाद पीड़ित ने छावनी थाना व साइबर क्राइम में शिकायत किया।
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केस दो..........
खुद को जीजा बताकर 20 हजार रुपये ठग लिए
- सोनहा क्षेत्र के सिहारी सरदहा गांव के रतिकेश शर्मा के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। सामने व्यक्ति ने खुद रतिकेश का जीजा बताया। कहा कि मां की तबीयत खराब है। तत्काल रुपयों की जरूरत है। बीस हजार रुपये भेज दीजिए, वापस लौटा दूंगा। हूबहू आवाज आने पर विश्वास करके रतिकेश ने बीस हजार रुपये भेज दिए। रुपये फोन करने वाले के खाते में जाने के बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। इसके बाद रतिकेश को समझ में आया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उनकी तहरीर पर सोनहा थाने में केस दर्ज हुआ।
इस तरह करें बचाव
- अनजान नंबर से आ रहे फोन कॉल का जवाब देने में सतर्कता बरतें।
- अगर कोई आपका परिचित बनकर अनजान नंबर से फोन करे, तो पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
- फ्रॉड करने वाले अक्सर अर्जेंट, तुरंत, अभी जैसी जरूरतों का बहाना देते हैं, तो इनसे अलर्ट रहें।
- संदिग्ध मैसेज या ईमेल में भेजे गए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- अज्ञात स्रोतों से मिले क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें।
- अपने बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारियां किसी को न दें।
- कुछ भी संदिग्ध लगे तो तुरंत बैंक/पुलिस में शिकायत करें।
- डर/घबराहट से बचें। आपका डर अपराधियों का हथियार बन जाता है।