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Basti News: तहसीलदार के रवैये से क्षुब्ध लेखपालों ने दिया धरना
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हरैया तहसील परिसर में धरने पर बैठे लेखपाल- फोटो- संगठन
- कार्य बहिष्कार से राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित
- आरटीआई और हाईकोर्ट के नाम पर शोषण करने के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हरैया। समस्याओं के निराकरण में तहसीलदार के रुचि नहीं लेने से क्षुब्ध लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए मंगलवार को अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए लेखपालों ने मांगें पूरी होने तक धरने पर बैठने का ऐलान किया है। धरने के चलते राजस्व संबंधी कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल ने बताया कि क्रॉप कटिंग के लिए मिलने वाला मानदेय लेखपालों को नहीं मिला। इसके अतिरिक्त एग्री स्टैक का मानदेय, कुछ लेखपालों को वर्ष 2023 का एरियर भी बकाया है। स्वामित्व का नक्शा एक बार जमा करने के बाद भी फिर से जमा करने का दबाव बनाकर परेशान किया जा रहा है। लेखपालों को कभी हाइकोर्ट तो कभी जन सूचना अधिकार कानून से जुड़े मामलों में दौड़ाया जा रहा है। इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए लेखपालों ने तहसीलदार से कई बार मौखिक और कई बार पत्र देकर संपर्क किया, मगर वह प्रकरण में कोई रुचि नहीं ले रहे है।
लेखपालों ने इस बारे में उप जिलाधिकारी विनोद पांडेय को भी अवगत कराया, मगर कोई हल नहीं निकला। तहसीलदार के रवैये से नाराज लेखपाल मंगलवार को तहसील परिसर में एकत्रित हुए। बैठक कर धरने की रणनीति बनाई और परिसर में नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। मांगें पूरी होने तक धरना देने का ऐलान किया। सायं को एसडीएम विनोद कुमार पांडेय ने लेखपालों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाना, मगर मामला तहसीलदार स्तर का होने के चलते बात बन नहीं सकी। इस संबंध में अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं धरना जारी रहेगा।
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धरने में जिला अध्यक्ष राम सुमेर, राज कुमार वर्मा, अजयराज, दुर्गेश द्विवेदी, प्रमोद कुमार, राम प्रताप सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, अनुज श्रीवास्तव, वीरेंद्र मौर्य सहित अन्य शामिल रहे।
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- आरटीआई और हाईकोर्ट के नाम पर शोषण करने के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हरैया। समस्याओं के निराकरण में तहसीलदार के रुचि नहीं लेने से क्षुब्ध लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए मंगलवार को अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए लेखपालों ने मांगें पूरी होने तक धरने पर बैठने का ऐलान किया है। धरने के चलते राजस्व संबंधी कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल ने बताया कि क्रॉप कटिंग के लिए मिलने वाला मानदेय लेखपालों को नहीं मिला। इसके अतिरिक्त एग्री स्टैक का मानदेय, कुछ लेखपालों को वर्ष 2023 का एरियर भी बकाया है। स्वामित्व का नक्शा एक बार जमा करने के बाद भी फिर से जमा करने का दबाव बनाकर परेशान किया जा रहा है। लेखपालों को कभी हाइकोर्ट तो कभी जन सूचना अधिकार कानून से जुड़े मामलों में दौड़ाया जा रहा है। इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए लेखपालों ने तहसीलदार से कई बार मौखिक और कई बार पत्र देकर संपर्क किया, मगर वह प्रकरण में कोई रुचि नहीं ले रहे है।
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लेखपालों ने इस बारे में उप जिलाधिकारी विनोद पांडेय को भी अवगत कराया, मगर कोई हल नहीं निकला। तहसीलदार के रवैये से नाराज लेखपाल मंगलवार को तहसील परिसर में एकत्रित हुए। बैठक कर धरने की रणनीति बनाई और परिसर में नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। मांगें पूरी होने तक धरना देने का ऐलान किया। सायं को एसडीएम विनोद कुमार पांडेय ने लेखपालों से मिलकर उनकी समस्याओं को जाना, मगर मामला तहसीलदार स्तर का होने के चलते बात बन नहीं सकी। इस संबंध में अध्यक्ष कृष्ण मोहन पटेल ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं धरना जारी रहेगा।
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धरने में जिला अध्यक्ष राम सुमेर, राज कुमार वर्मा, अजयराज, दुर्गेश द्विवेदी, प्रमोद कुमार, राम प्रताप सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, अनुज श्रीवास्तव, वीरेंद्र मौर्य सहित अन्य शामिल रहे।