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Basti News: खुदकुशी करने वाले दंपती के परिवार से मिले अमिताभ ठाकुर

Sun, 22 Sep 2024 03:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 22 Sep 2024 03:35 AM IST
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Amitabh Thakur meets family of couple who committed suicide
योजनाओं का लाभ परिवार को न दिए जाने पर जताई नाराजगी
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एक वर्ष पहले 21 सितंबर को रुधौली क्षेत्र के दंपती ने जहर खाकर खुदकुशी की थी
दो लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाकर किया था वीडियो वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
रुधौली। पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को खुदकुशी करने वाले दंपती के परिजनों से मिलकर अब तक हुई कार्रवाई और मिलने वाले योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि बच्चों की परवरिश इत्यादि के लिए ढाई हजार रुपये प्रतिमाह के अलावा अब तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ एवं धनराशि नहीं मिल पाई है। घटना के बाद कुछ सरकारी विभागों के जिम्मेदारों ने मृतक के बच्चों को आवासीय विद्यालय में दाखिला कराने का आश्वासन दिया था। मगर, वह भी अब तक नहीं हो पाया। बच्चों की निजी विद्यालय में पढ़ाई करवाई जा रही है।
एक वर्ष पहले 21 सितंबर को रुधौली नगर पंचायत क्षेत्र के दंपती ने जहर खाकर खुदकुशी की थी। जहर खाने के बाद बेचैनी बढ़ने लगी तो दोनों ने वीडियो बनाया था, जिसमें कहा था कि उनके करीबी त्रिलोकी और एक अन्य आरोपी ने उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। इसकी आत्मग्लानि में दोनों ने खुदकुशी करने के लिए जहर खाया। पति की मौत उसी दिन हो गई थी। जबकि पत्नी ने अगले दिन मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा था। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर नाबालिग समेत दो आरोपियों पर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। घटना के 35 दिन बाद घटना और साक्ष्य से जुड़े 29 गवाहों का बयान के साथ चार्जशीट दाखिल की गई थी।
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इन योजनाओं का मिलना था लाभ
घटना में पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद परिजनों को लक्ष्मीबाई योजना के तहत 10 लाख तक का मुआवजा, तात्कालिक लाभ रूप में राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के माध्यम से मिलने वाले तीस हजार की राहत राशि के साथ शासन की संस्कृति के आधार पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन सहायता राशि के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलना था। परिजनों का कहना है कि इनमें से किसी योजना की धनराशि परिजनों के खाते में नहीं पहुंची है।
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