{"_id":"6352c6469eba92018714bec9","slug":"alleged-rigging-in-distribution-of-relief-material-staged-a-sit-in-basti-news-gkp4548683200","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत सामग्री वितरण में धांधली का आरोप, धरना दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत सामग्री वितरण में धांधली का आरोप, धरना दिया
विज्ञापन
विक्रमजोत के कन्हईपुर व संग्रामपुर ग्रामीणों ने राहत सामग्री वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए
- फोटो : BASTI
राहत सामग्री वितरण में धांधली का आरोप, धरना दिया
विक्रमजोत। क्षेत्र की ग्राम पंचायत खेमराजपुर के राजस्व गांव कन्हईपुर व संग्रामपुर के लोगों ने शुक्रवार को भौसिया स्थित पंप कैनाल पर धरना देकर प्रधान व लेखपाल पर बाढ़ राहत सामग्री बांटने में धांधली करने का आरोप लगाया।
संग्रामपुर ग्राम निवासी भिल्लर, बहादुर, रामतीरथ, पगला, छब्बू, नेबूलाल, हृदयराम आदि ने बताया कि गांव में 15 परिवार रहते हैं। यहां राहत सामग्री बांटी ही नहीं गई। ये गांव टेढ़ी और सरयू नदी की मुख्य धारा के बीच स्थित हैं और बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित भी रहे। बताया कि बाढ़ के कारण घरों में रखा सामान खराब हो गया। वे लोग परिवार और मवेशियों सहित पंप कैनाल पर शरण लिए हुए थे।
राजनीतिक मतभेद के चलते प्रधान ने उन्हें राहत सामग्री वितरित नहीं की। कन्हईपुर निवासी सतीश सिंह, अजय सिंह, रामकृपाल, श्याम, जमुना, देवीराम आदि ने बताया कि उनके गांव में महज 40 लोगों को राहत वितरित की गई, जबकि गांव में 80 परिवार रहते हैं।
विज्ञापन
बताया कि अन्य ग्रामीणों के हिस्से की राहत सामग्री प्रधान ने भिखारीपुर व नई दुनियां गांव के लोगों को वितरित कर दिया। कन्हईपुर निवासी अजय सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर एसडीएम हर्रैया से लिखित शिकायत भी की गई है।
हलका लेखपाल गुलजार अहमद ने बताया कि कन्हईपुर में 52 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई है। यदि कुछ लोग छूटे हैं तो सर्वे कर उन्हें भी राहत सामग्री दी जाएगी। एसडीएम हर्रैया गुलाब चंद्र ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री से वंचित किया गया है तो संबंधित पर जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विक्रमजोत। क्षेत्र की ग्राम पंचायत खेमराजपुर के राजस्व गांव कन्हईपुर व संग्रामपुर के लोगों ने शुक्रवार को भौसिया स्थित पंप कैनाल पर धरना देकर प्रधान व लेखपाल पर बाढ़ राहत सामग्री बांटने में धांधली करने का आरोप लगाया।
संग्रामपुर ग्राम निवासी भिल्लर, बहादुर, रामतीरथ, पगला, छब्बू, नेबूलाल, हृदयराम आदि ने बताया कि गांव में 15 परिवार रहते हैं। यहां राहत सामग्री बांटी ही नहीं गई। ये गांव टेढ़ी और सरयू नदी की मुख्य धारा के बीच स्थित हैं और बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित भी रहे। बताया कि बाढ़ के कारण घरों में रखा सामान खराब हो गया। वे लोग परिवार और मवेशियों सहित पंप कैनाल पर शरण लिए हुए थे।
विज्ञापन
राजनीतिक मतभेद के चलते प्रधान ने उन्हें राहत सामग्री वितरित नहीं की। कन्हईपुर निवासी सतीश सिंह, अजय सिंह, रामकृपाल, श्याम, जमुना, देवीराम आदि ने बताया कि उनके गांव में महज 40 लोगों को राहत वितरित की गई, जबकि गांव में 80 परिवार रहते हैं।
विज्ञापन
बताया कि अन्य ग्रामीणों के हिस्से की राहत सामग्री प्रधान ने भिखारीपुर व नई दुनियां गांव के लोगों को वितरित कर दिया। कन्हईपुर निवासी अजय सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर एसडीएम हर्रैया से लिखित शिकायत भी की गई है।
हलका लेखपाल गुलजार अहमद ने बताया कि कन्हईपुर में 52 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई है। यदि कुछ लोग छूटे हैं तो सर्वे कर उन्हें भी राहत सामग्री दी जाएगी। एसडीएम हर्रैया गुलाब चंद्र ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री से वंचित किया गया है तो संबंधित पर जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।